जबलपुर/मंडला। जबलपुर लोकायुक्त पुलिस ने शुक्रवार को मंडला नगर पालिका परिषद के मुख्य नगर पालिका अधिकारी गजानन नाफड़े को दो लाख रुपये की कथित रिश्वत लेते हुए ट्रैप किया। कार्रवाई नगर पालिका कार्यालय में की गई। लोकायुक्त टीम ने रिश्वत की राशि जब्त कर आरोपी अधिकारी के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
15 लाख के लंबित भुगतान के लिए मांगी रिश्वत
लोकायुक्त एसपी अंजुलता पटले के अनुसार ठेकेदार ज्ञानचंद बेन ने जबलपुर लोकायुक्त कार्यालय में शिकायत की थी। शिकायतकर्ता और उनकी पत्नी मंजू बेन दोनों शासकीय पंजीकृत ठेकेदार हैं।
मंजू बेन के नाम से पंजीकृत फर्म को मंडला नगर पालिका परिषद से वर्ष 2024-25 और 2025-26 में एलईडी लाइट तथा फिटकरी सप्लाई का कार्य मिला था। वहीं ज्ञानचंद बेन को पाइप जॉइंट और वाटर कूलर सप्लाई का काम दिया गया था।
पत्नी की फर्म का हो चुका था 39.23 लाख का भुगतान
शिकायत के अनुसार मंजू बेन की फर्म के कार्यों का करीब 39 लाख 23 हजार रुपये का भुगतान नगर पालिका द्वारा किया जा चुका था। ज्ञानचंद बेन के स्वयं के कार्यों का करीब 15 लाख रुपये का भुगतान लंबित था।
आरोप है कि जब ठेकेदार ने लंबित भुगतान के लिए CMO गजानन नाफड़े से संपर्क किया तो उनसे पूर्व में किए गए भुगतान के एवज में करीब चार लाख रुपये रिश्वत की मांग की गई।
सत्यापन में दो लाख रुपये में बनी बात
शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने उसका सत्यापन कराया। लोकायुक्त के अनुसार सत्यापन के दौरान आरोपी CMO ने पहली किस्त के रूप में दो लाख रुपये लेने पर सहमति जताई।
इसके बाद लोकायुक्त टीम ने ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई और शिकायतकर्ता को निर्धारित राशि के साथ नगर पालिका कार्यालय भेजा।
कार्यालय में दो लाख लेते ही लोकायुक्त ने दबोचा
शुक्रवार को नगर पालिका परिषद मंडला के कार्यालय में जैसे ही शिकायतकर्ता ने गजानन नाफड़े को दो लाख रुपये दिए, पहले से तैनात लोकायुक्त टीम ने उन्हें कथित रिश्वत राशि के साथ ट्रैप कर लिया।
कार्रवाई के बाद लोकायुक्त टीम ने मौके पर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की और मामले में आगे की जांच शुरू कर दी।
ट्रैप टीम में ये अधिकारी रहे शामिल
लोकायुक्त की कार्रवाई में ट्रैप दल अधिकारी निरीक्षक राहुल गजभिए, निरीक्षक जितेंद्र यादव और निरीक्षक बृजमोहन सिंह नरवरिया सहित अन्य कर्मचारी शामिल रहे।
लोकायुक्त पुलिस अब शिकायत, भुगतान संबंधी दस्तावेज और रिश्वत मांगने से जुड़े अन्य साक्ष्यों की जांच कर रही है।

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