जबलपुर। धनवंतरी नगर के जसूजा सिटी फेज-3 में बुधवार रात गणेश पंडाल के पास करंट की चपेट में आने से 16 वर्षीय छात्र की मौत हो गई। हादसा महाआरती के बाद उस समय हुआ, जब छात्र अपने दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। मृतक की पहचान शौर्य चनपुरिया के रूप में हुई है, जो लिटिल वर्ल्ड स्कूल में कक्षा 11वीं का छात्र था।
घटना के बाद शौर्य को तत्काल नेताजी सुभाषचंद्र बोस मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
महाआरती के बाद घर लौटते समय हुआ हादसा
जानकारी के अनुसार बुधवार रात जसूजा सिटी फेज-3 स्थित गणेश पंडाल में महाआरती का आयोजन किया गया था। शौर्य भी अपने दोस्तों के साथ आरती में शामिल होने पहुंचा था।
आरती समाप्त होने के बाद वह दोस्तों के साथ घर लौट रहा था। इसी दौरान पंडाल के मंच के एक खंभे के संपर्क में आते ही उसे तेज करंट लगा और वह जमीन पर गिर पड़ा।
बचाने दौड़े दोस्तों को भी लगा करंट
शौर्य को जमीन पर पड़ा देखकर उसके दोस्त उसे उठाने के लिए पहुंचे, लेकिन उन्हें भी बिजली का झटका लगा। इसके बाद आसपास मौजूद लोगों की मदद से शौर्य को मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया गया।
शौर्य के दोस्त अज्जू अहिरवार के मुताबिक, आयोजन स्थल पर पहले भी करंट महसूस हुआ था। उसने बताया कि टेबल उठाने के दौरान उसे स्वयं बिजली का झटका महसूस हुआ था। कुछ देर बाद शौर्य पंडाल के पास जमीन पर पड़ा दिखाई दिया।
दोस्तों ने जब उसे उठाने का प्रयास किया तो उन्हें भी करंट लगा।
परिजनों ने लगाया गंभीर लापरवाही का आरोप
शौर्य के बड़े पिता डॉ. शिशिर चनपुरिया ने घटना को गंभीर लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि यदि पंडाल के खंभे में पहले से करंट आने की जानकारी थी तो तत्काल बिजली सप्लाई बंद कराकर खराबी को ठीक कराया जाना चाहिए था। खुले आयोजन स्थल पर करंट प्रवाहित होना लोगों की जान के लिए बड़ा खतरा था।
पुलिस जांच में खंभे में करंट आने की बात सामने आई
धनवंतरी नगर चौकी प्रभारी दुर्गेश मरावी के मुताबिक रात करीब 9:30 बजे पुलिस को सूचना मिली थी कि करंट लगने के बाद एक किशोर को मेडिकल अस्पताल लाया गया है। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस की प्रारंभिक जांच में पंडाल के एक खंभे में करंट आने की बात सामने आई है। शौर्य घर लौटते समय उसी खंभे के संपर्क में आया था।
समिति से जुड़े लोगों ने पुलिस को बताया है कि खंभे में करंट आने की जानकारी पहले से थी और इसकी सूचना टेंट लगाने वाले व्यक्ति को भी दी गई थी। हालांकि पुलिस अभी यह जांच कर रही है कि करंट किस कारण से आया और सुरक्षा व्यवस्था में लापरवाही किस स्तर पर हुई।
पोस्टमार्टम और जांच के बाद तय होगी जिम्मेदारी
शौर्य के शव को मेडिकल कॉलेज की मर्चुरी में रखवाया गया। पोस्टमार्टम और पुलिस जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस का कहना है कि आयोजन समिति, टेंट और विद्युत व्यवस्था से जुड़े लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाया जा रहा है कि हादसे के लिए किसकी लापरवाही जिम्मेदार है।
पिछले साल भी पंडाल में करंट से गई थी दो बच्चों की जान
जबलपुर में सितंबर 2025 में भी इसी तरह का दर्दनाक हादसा सामने आया था। तिलवारा थाना क्षेत्र के बरगी हिल्स स्थित दुर्गा पंडाल के पास बिजली का करंट फैलने से दो बच्चों की मौत हो गई थी।
उस घटना के बाद प्रशासन ने जांच के आदेश दिए थे। अब गणेश उत्सव के दौरान सामने आए इस हादसे ने एक बार फिर सार्वजनिक धार्मिक आयोजनों में बिजली और पंडाल की सुरक्षा व्यवस्था को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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