जबलपुर। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने अदालत के आदेश का अनुपालन नहीं किए जाने और अवमानना याचिका में नोटिस के बावजूद उचित जवाब पेश नहीं करने के मामले में छिंदवाड़ा पुलिस अधीक्षक के खिलाफ सख्त रुख अपनाया है। जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करते हुए जबलपुर रेंज के पुलिस महानिरीक्षक को इसकी तामीली सुनिश्चित कराने के निर्देश दिए हैं।
अदालत ने छिंदवाड़ा SP को 1 अक्टूबर 2026 को न्यायालय के समक्ष पेश करने का आदेश दिया है।
2.24 लाख रुपये की रिकवरी से जुड़ा मामला
मामला जबलपुर निवासी सीता तिवारी की ओर से दायर अवमानना याचिका से जुड़ा है। याचिका के अनुसार उनके दिवंगत पति छिंदवाड़ा जिले में पुलिस विभाग में पदस्थ रहे थे। उनके निधन के बाद विभाग की ओर से करीब 2 लाख 24 हजार रुपये की रिकवरी निकाली गई थी।
इस कार्रवाई के खिलाफ सीता तिवारी ने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। हाईकोर्ट से राहत मिलने के बावजूद आदेश का कथित तौर पर पालन नहीं किए जाने पर उन्होंने अवमानना याचिका दायर की।
6 नवंबर 2025 के नोटिस के बाद भी नहीं आई अनुपालन रिपोर्ट
अवमानना मामले में हाईकोर्ट ने 6 नवंबर 2025 को नोटिस जारी किया था। इसके बावजूद न्यायालय के समक्ष आदेश के पालन की रिपोर्ट पेश नहीं की गई।
सुनवाई के दौरान रिकॉर्ड से सामने आया कि छिंदवाड़ा SP की ओर से फरवरी 2026 में गृह विभाग के अवर सचिव को पत्र भेजकर अवमानना नोटिस मिलने की जानकारी दी गई थी।
अदालत ने इस प्रक्रिया को पर्याप्त नहीं माना। कोर्ट का कहना था कि नोटिस की जानकारी किसी अन्य अधिकारी या विभाग को भेज देना ही पर्याप्त नहीं है। संबंधित अधिकारियों को अधिवक्ता नियुक्त कर न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना और आदेश के अनुपालन की स्थिति स्पष्ट करना आवश्यक था।
कोर्ट ने माना गंभीर मामला
जस्टिस विवेक जैन की एकलपीठ ने नोटिस के बावजूद न्यायालय में उचित जवाब और अनुपालन रिपोर्ट पेश नहीं किए जाने को गंभीर माना। इसके बाद छिंदवाड़ा SP के खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी करने का आदेश दिया गया।
अदालत ने जबलपुर रेंज के IG को वारंट की तामीली कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। मामले की अगली सुनवाई 1 अक्टूबर 2026 को निर्धारित की गई है।

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