मंडला। जिले के नैनपुर थाना क्षेत्र की पिंडरई पुलिस चौकी अंतर्गत खिरसारू गांव में युवक-युवती के साथ मारपीट कर उन्हें कथित रूप से बिजली का करंट लगाने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने खुलासा किया है। घटना में गंभीर रूप से घायल युवक अभिषेक धुर्वे की 16 सितंबर को नागपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
खेत में घायल मिले थे युवक और युवती
पुलिस के अनुसार 26 अगस्त को सूचना मिली थी कि खिरसारू गांव के खेतों में एक युवक और युवती गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े हैं। दोनों के बीच करीब 100 से 200 मीटर की दूरी थी।
सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को नैनपुर अस्पताल पहुंचाया। युवती होश में थी, जबकि अभिषेक की हालत गंभीर होने के कारण वह ठीक से बयान देने की स्थिति में नहीं था। प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर कर दिया गया।
युवती से मिलने सिवनी से आया था अभिषेक
पुलिस जांच में सामने आया कि अभिषेक सिवनी जिले का रहने वाला था और युवती से मिलने खिरसारू गांव आया था। दोनों को साथ देखकर गांव के कुछ लोगों ने कथित रूप से आपत्ति जताई।
आरोप है कि इसके बाद युवक और युवती के साथ मारपीट की गई और बिजली के तार के जरिए उन्हें करंट लगाया गया। दोनों को गंभीर हालत में अलग-अलग स्थानों पर खेत में छोड़ दिया गया।
युवती के बयान के बाद खुलीं घटना की परतें
पुलिस के मुताबिक घटना के शुरुआती दौर में युवती ने करंट लगने की बात कही थी। जांच आगे बढ़ने और विस्तृत बयान दर्ज होने के बाद तीन लोगों द्वारा युवक-युवती से मारपीट और करंट लगाए जाने का आरोप सामने आया।
अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शिवकुमार वर्मा के अनुसार पुलिस ने बयानों, मेडिकल रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों को जांच में शामिल किया।
नागपुर में इलाज के दौरान अभिषेक की मौत
गंभीर रूप से घायल अभिषेक का नागपुर में इलाज चल रहा था। 16 सितंबर को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय रिपोर्ट में मौत का कारण करंट का प्रभाव बताया गया है।
अभिषेक की मौत के बाद पहले से दर्ज मर्ग की जांच को आगे बढ़ाया गया और 19 सितंबर को हत्या से संबंधित धाराओं के तहत आपराधिक प्रकरण दर्ज किया गया।
तीन आरोपी गिरफ्तार, अदालत ने भेजा जेल
पुलिस ने जांच के बाद चमरालाल उर्फ भूरा मरावी (56), लालसिंह उर्फ नरबद मरावी (27) और सुशील कुमार उर्फ शुक्लू मरावी (करीब 30 वर्ष) को गिरफ्तार किया। तीनों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया।
पुलिस का कहना है कि मामले में तकनीकी साक्ष्य, पीड़िता के बयान, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की जांच जारी है।

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