मंडरा रहा था हार का खतरा, फिर चला माही का बल्ला और मिल गई जीत

बेंगलुरु चेन्नई सुपर किंग्स ने बुधवार को बेहद रोमांचक मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को पांच विकेट से हरा दिया. इस जीत के हीरो रहे कप्तान महेंद्र सिंह धोनी जिन्होंने 34 गेंदों में नाबाद 70 रनों की ताबड़तोड़ पारी खेली और हार के जबड़े से जीत छीनकर CSK को दिला दी.

चेन्नई के सामने 206 रनों की विशाल चुनौती थी, उसके 74 रन पर चार विकेट गिर गए थे और यहां से जीत के लिए 11 ओवर में 134 रनों की दरकार थी. CSK पर हार का खतरा मंडरा रहा था, लेकिन धोनी कुछ और ही सोचकर आए थे.

मुश्किल थी राह, धोनी ने बनाई आसान

चेन्नई के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी छठे नंबर पर बल्लेबाजी करने उतरे.  जिस समय धोनी आए, रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के गेंदबाज उमेश यादव और युजवेंद्र चहल अपनी गेंदबाजी से कहर बरपा रहे थे, लेकिन धोनी ने संयम से काम लिया और अंत के ओवरों में RCB के गेंदबाजी आक्रमण को ध्वस्त करने का प्लान बनाया.

रायडू और धोनी ने टीम की जिम्मेदारी ली और पांचवें विकेट के लिए 101 रनों की साझेदारी कर टीम को जीत के रास्ते पर बनाए रखा. रायडू 175 के कुल स्कोर पर उमेश की सीधी थ्रो के कारण रन आउट हो गए. रायडू ने 53 गेंदों की पारी में आठ छक्के और तीन चौके लगाए, लेकिन धोनी क्रीज पर मौजूद थे.

आखिरी ओवर में ऐसे दिलाई जीत

आखिरी ओवर में चेन्नई को 16 रनों की दरकार थी. ड्वेन ब्रावो (नाबाद 14) ने आखिरी ओवर में एक चौका और एक छक्के के अलावा एक रन लेकर स्ट्राइक धोनी को दी जिन्होंने चौथी गेंद पर अपने चिरपरिचित अंदाज में शानदार छक्का जड़ टीम को जीत दिलाई.

धोनी ने अपनी पारी में 34 गेंदों का सामना किया और सात छक्कों के अलावा एक चौका लगाया. इस जीत के साथ चेन्नई अंकतालिका में पहले स्थान पर आ गई है.

सात साल पहले इसी महीने हुए वर्ल्ड कप 2011 फाइनल की यादें ताजा कराते हुए महेंद्र सिंह धोनी ने आखिरी ओवर में उसी तरह छक्का लगाते हुए चेन्नई सुपर किंग्स को आईपीएल के मैच में राॅयल चैलेंजर्स बेंगलुरु पर पांच विकेट से जीत दिलाई.

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