बार-बार तकिया गीला होने के पीछे सोने की मुद्रा, नाक बंद होना या नींद से जुड़ी परेशानी भी हो सकती है
सच की दुनिया, नई दिल्ली। सुबह उठने पर तकिए पर लार के निशान दिखाई देना आम बात है। कई लोग इसे किसी बीमारी का संकेत मानकर चिंतित हो जाते हैं, लेकिन कभी-कभार सोते समय मुंह से लार बहना सामान्य हो सकता है।
ईएनटी विशेषज्ञ डॉ. क्षितिजा पाठक के अनुसार, सोने की मुद्रा और मुंह से सांस लेने की आदत इसके प्रमुख कारणों में शामिल हैं। हालांकि, लगातार अत्यधिक लार बहने के साथ दूसरे लक्षण दिखाई दें तो जांच कराना जरूरी है।
करवट या पेट के बल सोना
नींद में मुंह खुला रहना
नाक में एलर्जी या रुकावट
बढ़े हुए टॉन्सिल या एडेनॉइड्स
स्लीप एपनिया
एसिड रिफ्लक्स
कुछ दवाओं का प्रभाव
निगलने में कठिनाई
करवट लेकर सोने पर क्यों बहती है लार?
जब व्यक्ति करवट लेकर या पेट के बल सोता है, तो गुरुत्वाकर्षण के कारण मुंह में मौजूद लार बाहर निकल सकती है। नींद के दौरान निगलने की आवृत्ति भी कम हो जाती है।
यदि व्यक्ति का मुंह थोड़ा खुला रहता है, तो तकिए पर लार के निशान बन सकते हैं। केवल इस लक्षण का होना आमतौर पर किसी गंभीर बीमारी की पुष्टि नहीं करता।
नाक बंद रहने से बढ़ सकती है समस्या
नाक में एलर्जी, सर्दी-जुकाम, नाक की हड्डी टेढ़ी होना या एडेनॉइड्स बढ़ने के कारण सांस लेने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में कुछ लोग सोते समय मुंह से सांस लेने लगते हैं।
मुंह खुला रहने से लार बाहर निकलने की संभावना बढ़ जाती है। लगातार नाक बंद रहने पर ईएनटी विशेषज्ञ से जांच करानी चाहिए।
क्या स्लीप एपनिया भी हो सकता है कारण?
ऑब्स्ट्रक्टिव स्लीप एपनिया एक ऐसी समस्या है, जिसमें नींद के दौरान सांस का रास्ता बार-बार आंशिक या पूरी तरह अवरुद्ध हो सकता है।
इस स्थिति में तेज खर्राटे, सांस रुकना, हांफकर उठना और दिन में अत्यधिक नींद आने जैसे लक्षण हो सकते हैं। कुछ लोगों में मुंह से सांस लेने के साथ लार बहने की समस्या भी दिखाई दे सकती है।
हालांकि, केवल लार बहने से स्लीप एपनिया का निदान नहीं किया जा सकता। इसके लिए चिकित्सकीय मूल्यांकन जरूरी है।
इन आसान उपायों से मिल सकती है मदद
यदि लार कभी-कभार बहती है और कोई अन्य परेशानी नहीं है, तो आमतौर पर विशेष उपचार की जरूरत नहीं होती।
नाक की एलर्जी का उचित उपचार, सोने की आरामदायक मुद्रा, पर्याप्त पानी और मुंह की नियमित सफाई से मदद मिल सकती है।
किसी अन्य बीमारी के कारण लार बह रही हो तो उस समस्या का उपचार अधिक महत्वपूर्ण होता है। सोते समय मुंह को जबरन टेप से बंद करने जैसे उपाय चिकित्सकीय सलाह के बिना नहीं अपनाने चाहिए।
कब डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है?
यदि लगातार बहुत अधिक लार बह रही है, साथ में तेज खर्राटे आते हैं, नींद में सांस रुकती है, बार-बार दम घुटने जैसा महसूस होता है या निगलने में कठिनाई होती है, तो ईएनटी विशेषज्ञ से संपर्क करना चाहिए।
अचानक लार बहने के साथ चेहरे का एक हिस्सा लटकना, बोलने में कठिनाई या हाथ-पैर में कमजोरी होने पर तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। ये स्ट्रोक जैसे गंभीर रोग के संकेत हो सकते हैं।
कभी-कभार तकिए पर लार के निशान मिलना आमतौर पर चिंता की बात नहीं है। लेकिन समस्या लगातार बढ़ रही हो या सांस और निगलने से जुड़े लक्षण भी हों, तो उसका कारण जानना आवश्यक है।



पाठक प्रतिक्रियाएं
अभी कोई प्रतिक्रिया नहीं है।