रेल यात्रियों को भेजे जाते थे भोजन के पैकेट, किचन में गंदगी मिलने पर खाद्य विभाग की सख्त कार्रवाई
सच की दुनिया, जबलपुर। त्योहारी सीजन में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और स्वच्छता सुनिश्चित करने के लिए चलाए जा रहे अभियान के दौरान जबलपुर के साउथ सिविल लाइन स्थित सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में गंभीर अनियमितताएं सामने आने की जानकारी मिली है।
कलेक्टर अरुण कुमार विश्वकर्मा के निर्देश पर गुरुवार को राजस्व एवं खाद्य सुरक्षा अधिकारियों की संयुक्त टीम ने रेस्टोरेंट का औचक निरीक्षण किया।
जांच टीम के अनुसार, रेस्टोरेंट की रसोई में अत्यधिक गंदगी और अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार किए जाने की स्थिति सामने आई। जांच में शौचालय से जुड़े पानी का इस्तेमाल सब्जियां धोने और भोजन बनाने में किए जाने की बात भी सामने आई।
खाद्य सुरक्षा नियमों के उल्लंघन को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने रेस्टोरेंट को सील किए जाने और उसके खाद्य लाइसेंस पर कार्रवाई की जानकारी दी है।
शहर: जबलपुर
स्थान: साउथ सिविल लाइन
प्रतिष्ठान: सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट
निरीक्षण: 29 अक्टूबर 2026
खाद्य सुरक्षा अधिकारी: अमित गुप्ता
अनियमितताएं: रसोई में गंदगी और पानी के उपयोग पर सवाल
कार्रवाई: रेस्टोरेंट सील, लाइसेंस पर कार्रवाई
नमूने: पनीर, पकी दाल और चावल
किचन में गंदगी, शौचालय के पानी के इस्तेमाल का मामला
खाद्य सुरक्षा अधिकारी अमित गुप्ता के नेतृत्व में जांच दल ने रेस्टोरेंट के किचन और भोजन निर्माण व्यवस्था का निरीक्षण किया।
उपलब्ध निरीक्षण विवरण के अनुसार, रसोई में साफ-सफाई के पर्याप्त इंतजाम नहीं थे। खाद्य सामग्री तैयार करने और उसके रखरखाव की परिस्थितियां भी अस्वच्छ पाई गईं।
सबसे गंभीर बात यह सामने आई कि सब्जियां धोने और खाना पकाने के लिए शौचालय से जुड़े जलस्रोत का उपयोग किया जा रहा था।
हालांकि, उपयोग किए जा रहे पानी की गुणवत्ता और उसमें हानिकारक तत्वों की मौजूदगी की पुष्टि प्रयोगशाला परीक्षण से ही हो सकेगी।
ट्रेन यात्रियों को भेजे जाते थे भोजन के पैकेट
निरीक्षण के दौरान रेस्टोरेंट में तैयार भोजन के पैकेट रेलवे यात्रियों को उपलब्ध कराए जाने की जानकारी भी सामने आई है।
उपलब्ध विवरण के अनुसार, प्रतिष्ठान संचालक ने अधिकारियों के सामने स्वीकार किया कि यहां तैयार भोजन के पैकेट रेल यात्रियों तक भेजे जाते थे।
यदि यह आपूर्ति रेलवे की अधिकृत खानपान व्यवस्था के तहत हो रही थी, तो संबंधित अनुबंध, विक्रेता की अनुमति और भोजन की गुणवत्ता की जांच भी महत्वपूर्ण होगी।
फिलहाल यह स्पष्ट नहीं है कि भोजन रेलवे की अधिकृत कैटरिंग सेवा के माध्यम से सप्लाई किया जाता था या किसी अन्य विक्रेता के जरिए यात्रियों तक पहुंचाया जाता था।
अस्वच्छ परिस्थितियों में तैयार भोजन यात्रियों तक पहुंचने की जानकारी गंभीर है। ऐसे में खाद्य विभाग के साथ संबंधित रेलवे खानपान व्यवस्था में आपूर्ति के स्रोत और गुणवत्ता नियंत्रण की जांच भी आवश्यक मानी जा रही है।
पनीर, दाल और चावल के नमूने जांच के लिए लिए
निरीक्षण के दौरान खाद्य सुरक्षा टीम ने रेस्टोरेंट से पनीर, पकी हुई दाल और चावल के नमूने लिए।
नमूनों को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार जांच के लिए सुरक्षित किया गया। इनका परीक्षण राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल में कराया जाना है।
प्रयोगशाला की रिपोर्ट मिलने के बाद खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप होने या नहीं होने की स्थिति स्पष्ट होगी।
रेस्टोरेंट सील, खाद्य लाइसेंस पर कार्रवाई
प्रशासन ने निरीक्षण में सामने आई स्वच्छता संबंधी कमियों को गंभीर मानते हुए रेस्टोरेंट बंद करवाने और परिसर सील करने की कार्रवाई की।
प्रतिष्ठान के खाद्य लाइसेंस पर भी कार्रवाई किए जाने की जानकारी दी गई है।
लाइसेंस को अस्थायी रूप से निलंबित किया गया है अथवा स्थायी रूप से निरस्त, इसकी अंतिम स्थिति संबंधित लिखित आदेश से स्पष्ट होगी।
खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत निरीक्षण में पाई गई कमियों और नमूनों की परीक्षण रिपोर्ट के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा सकती है।
ग्वारीघाट और रामपुर की मिठाई दुकानों से भी सैंपल
खाद्य सुरक्षा विभाग ने इसी अभियान के तहत जबलपुर के ग्वारीघाट और रामपुर स्थित मिष्ठान प्रतिष्ठानों की भी जांच की।
ग्वारीघाट स्थित न्यू केशरवानी स्वीट्स से नारियल बर्फी और मगज के लड्डू के नमूने लिए गए।
वहीं, रामपुर स्थित मधु कलश स्वीट्स से आटे के लड्डू और पेड़े के सैंपल संकलित किए गए।
सभी नमूनों को गुणवत्ता परीक्षण के लिए राज्य खाद्य प्रयोगशाला भोपाल भेजे जाने की जानकारी है।
इन दुकानों से नमूने लिए जाने का अर्थ यह नहीं है कि खाद्य सामग्री अमानक सिद्ध हो चुकी है। इसकी पुष्टि प्रयोगशाला की रिपोर्ट के आधार पर होगी।
त्योहारी सीजन में खाद्य विभाग की निगरानी तेज
त्योहारों के दौरान मिठाइयों, दूध उत्पादों और तैयार भोजन की मांग बढ़ने को देखते हुए जिला प्रशासन खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच कर रहा है।
निरीक्षण अभियान में भोजन तैयार करने की परिस्थितियों, साफ-सफाई, खाद्य पदार्थों के भंडारण और आवश्यक लाइसेंस की शर्तों का परीक्षण किया जा रहा है।
प्रशासन की ओर से खाद्य कारोबारियों को स्वच्छता और निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन करने के निर्देश दिए गए हैं।
सिद्धि विनायक रेस्टोरेंट में अस्वच्छ परिस्थितियों में भोजन तैयार किए जाने के मामले में प्रतिष्ठान को सील करने की जानकारी है।
खाद्य पदार्थों के नमूनों की जांच और संबंधित दस्तावेजों के परीक्षण के बाद आगे की कार्रवाई की स्थिति स्पष्ट होगी। वहीं, रेल यात्रियों को भोजन आपूर्ति की व्यवस्था भी जांच का महत्वपूर्ण विषय है।



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