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जबलपुर में पारस यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से मकान और दो दुकानें हटाईं; छह आरोपी गिरफ्तार

जबलपुर के रांझी थाना क्षेत्र स्थित आजाद नगर, गोकलपुर में भंडारे के दौरान हुए खूनी संघर्ष और पारस यादव की मौत के मामले में प्रशासन ने गुरुवार, 29 अक्टूबर 2026 को बड़ी कार्रवाई की। जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी समीर वंशकार से संबंधित सरकारी जमीन पर बने चिह्नित अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त किया। कार्रवाई में एक मकान और दो दुकानों को हटाए जाने की जानकारी है। इससे पहले मृतक के परिजनों ने शव रखकर प्रदर्शन करते हुए दस लाख रुपये मुआवजे और अतिक्रमण हटाने की मांग की थी। पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है।

जबलपुर में पारस यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी के घर पर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से मकान और दो दुकानें हटाईं; छह आरोपी गिरफ्तार
सच की दुनिया | जबलपुर क्राइम न्यूज़
पारस यादव हत्याकांड के मुख्य आरोपी के घर चला बुलडोजर, सरकारी जमीन से मकान और दो दुकानें हटाईं

रांझी के आजाद नगर में जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त कार्रवाई; हत्या के मामले में छह गिरफ्तार

सच की दुनिया, जबलपुर। रांझी थाना क्षेत्र के आजाद नगर, गोकलपुर में भंडारे के दौरान हुए हिंसक विवाद और पारस यादव की मौत के बाद जिला प्रशासन ने गुरुवार, 29 अक्टूबर को अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की।

प्रशासन, नगर निगम और पुलिस की संयुक्त टीम ने हत्याकांड के मुख्य आरोपी समीर वंशकार से संबंधित सरकारी जमीन पर बने चिह्नित अवैध निर्माणों को बुलडोजर से ध्वस्त कर दिया।

कार्रवाई के दौरान एक मकान और दो दुकानों को हटाए जाने की जानकारी सामने आई है। मौके पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौजूद रहा।

बुलडोजर कार्रवाई: एक नजर

जिला: जबलपुर
थाना: रांझी
स्थान: आजाद नगर, गोकलपुर
कार्रवाई: 29 अक्टूबर 2026
मुख्य आरोपी: समीर वंशकार
हटाए गए निर्माण: मकान और दो दुकानें
विभाग: जिला प्रशासन, नगर निगम और पुलिस
मृतक: पारस यादव
हत्या मामले में गिरफ्तारी: छह

सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला, बुलडोजर से हटाए निर्माण

प्रशासनिक जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी और उसके परिजनों से संबंधित कुछ निर्माण शासकीय भूमि पर बने हुए थे।

नगर निगम के क्षेत्रीय कार्यालय, वाचनालय और दुर्गा मंदिर के सामने स्थित भूमि पर मकान और दुकानों का निर्माण किए जाने की जानकारी मिली थी।

इसके अलावा पंप हाउस और शासकीय क्वार्टरों में अनधिकृत कब्जे की शिकायतें भी सामने आई थीं।

प्रशासन ने चिह्नित निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए सरकारी भूमि को कब्जामुक्त कराने की प्रक्रिया शुरू की।

नगर निगम की अतिक्रमण शाखा ने की कार्रवाई

नगर निगम के अतिक्रमण शाखा प्रभारी कृष्णपाल रावत के अनुसार, संबंधित स्थान पर अनधिकृत कब्जे की जानकारी सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर कार्रवाई की गई।

पुलिस की मौजूदगी में नगर निगम के अमले ने चिह्नित निर्माणों को ध्वस्त किया।

अतिक्रमण हटाने के दौरान संभावित विरोध और तनाव को देखते हुए पुलिस बल तैनात किया गया था।

हालांकि, अतिक्रमण हटाने के लिए जारी नोटिस, भूमि के स्वामित्व और संबंधित प्रशासनिक आदेश की विस्तृत जानकारी उपलब्ध नहीं है। इन पहलुओं की पुष्टि आधिकारिक अभिलेखों से हो सकती है।

भंडारे में बाइक धीरे चलाने को लेकर हुआ था विवाद

रविवार, 25 अक्टूबर की रात आजाद नगर में देवी जागरण और भंडारे का आयोजन किया गया था।

इस दौरान कुछ युवक मोटरसाइकिल तेज गति से निकाल रहे थे। स्थानीय लोगों ने उन्हें वाहन धीरे चलाने के लिए कहा, जिसके बाद विवाद शुरू हो गया।

शिकायत के अनुसार, युवक कुछ देर बाद अपने साथियों के साथ वापस पहुंचे और लाठी-डंडों, चाकू तथा अन्य वस्तुओं से हमला कर दिया।

इस हमले में महिलाओं सहित कई लोग घायल हुए थे। गंभीर रूप से घायल पारस यादव को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था।

इलाज के दौरान पारस यादव की मौत

मारपीट में पारस यादव के सिर पर गंभीर चोट आई थी। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां सोमवार को उनकी मौत हो गई।

घटना के बाद परिजनों और स्थानीय नागरिकों में नाराजगी बढ़ गई।

रांझी पुलिस ने हत्या के मामले में मुख्य आरोपी समीर वंशकार सहित छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की विवेचना जारी है।

शव रखकर प्रदर्शन, दस लाख मुआवजे की मांग

पारस यादव की मौत के बाद आक्रोशित परिजनों और स्थानीय लोगों ने विकल मोड़ पर शव रखकर प्रदर्शन किया था।

प्रदर्शनकारियों ने मृतक के परिवार को दस लाख रुपये मुआवजा देने और आरोपियों से संबंधित अवैध निर्माणों पर कार्रवाई की मांग की थी।

प्रदर्शन के दौरान तीन प्रमुख मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ। स्थानीय लोगों ने प्रशासन को मांगें पूरी करने के लिए 24 घंटे का अल्टीमेटम भी दिया था।

इसके बाद गुरुवार को प्रशासनिक टीम ने चिह्नित अतिक्रमणों को हटाने की कार्रवाई की।

हत्या की जांच और अतिक्रमण की कार्रवाई अलग कानूनी प्रक्रियाएं

पारस यादव की मौत के मामले में पुलिस आरोपियों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण की विवेचना कर रही है।

वहीं, सरकारी भूमि पर अवैध कब्जे और निर्माण हटाने की कार्रवाई नगर निगम तथा संबंधित प्रशासनिक विभागों के अधिकार क्षेत्र में आती है।

किसी व्यक्ति का आपराधिक मामले में आरोपी होना अपने आप में उसके मकान को गिराने का कानूनी आधार नहीं है। निर्माण हटाने के लिए लागू भूमि एवं नगर निगम नियमों और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया का पालन जरूरी है।

फिलहाल उपलब्ध जानकारी में कार्रवाई के विस्तृत दस्तावेज और नोटिस प्रक्रिया का पूरा विवरण सामने नहीं आया है।

अतिक्रमण हटाया, हत्या मामले में जांच जारी

जबलपुर के आजाद नगर में पारस यादव की मौत के बाद प्रशासन ने मुख्य आरोपी से संबंधित चिह्नित अवैध निर्माणों पर बुलडोजर कार्रवाई की है।

पुलिस छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। हत्या मामले की जांच और सरकारी भूमि से अतिक्रमण हटाने की प्रशासनिक प्रक्रिया अपने-अपने कानूनी प्रावधानों के तहत आगे बढ़ रही हैं।

सच की दुनिया
जबलपुर समाचार | अपराध | प्रशासनिक कार्रवाई
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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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