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हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है ये 7 चेतावनी संकेत, गैस और थकान समझकर न करें नजरअंदाज

दिल की बीमारियां हमेशा अचानक सामने नहीं आतीं। कई बार शरीर सीने में दबाव, सांस फूलना, असामान्य थकान, हाथ या जबड़े में दर्द, पैरों में सूजन, चक्कर और अचानक पसीना आने जैसे संकेत देता है। इन लक्षणों को सामान्य कमजोरी, गैस या तनाव समझकर नजरअंदाज करना खतरनाक हो सकता है। जानिए हृदय रोग के सात महत्वपूर्ण चेतावनी संकेत, कब तुरंत अस्पताल जाना चाहिए और दिल को स्वस्थ रखने के लिए किन आदतों को अपनाना जरूरी है।

हार्ट अटैक से पहले शरीर देता है ये 7 चेतावनी संकेत, गैस और थकान समझकर न करें नजरअंदाज
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दिल की बीमारी के ये 7 संकेत कभी न करें नजरअंदाज, समय पर पहचान बचा सकती है जान

सीने में दबाव से लेकर सांस फूलने तक, जानिए कब जरूरी है डॉक्टर से संपर्क करना

नई दिल्ली। दिल हमारे शरीर का सबसे महत्वपूर्ण अंगों में से एक है, जो बिना रुके पूरे शरीर में रक्त पहुंचाने का काम करता है। लेकिन जब दिल या उसे रक्त पहुंचाने वाली धमनियों में परेशानी होने लगती है, तो शरीर कई तरह के चेतावनी संकेत दे सकता है।

अक्सर लोग सीने में हल्की जलन, सांस फूलने, थकान या चक्कर आने को गैस, तनाव या कमजोरी समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि कुछ परिस्थितियों में ये लक्षण गंभीर हृदय रोग की ओर भी इशारा कर सकते हैं।

हर साल 29 सितंबर को विश्व हृदय दिवस मनाया जाता है। इसका उद्देश्य लोगों को हृदय रोगों के जोखिम, बचाव और समय पर उपचार के प्रति जागरूक करना है।

जरूरी चेतावनी

यदि सीने में नया या अचानक दबाव, दर्द या जकड़न हो, विशेषकर सांस फूलने, ठंडा पसीना आने या बेहोशी जैसे लक्षणों के साथ, तो तुरंत आपातकालीन चिकित्सा सहायता लें। भारत में 112 पर कॉल किया जा सकता है। स्वयं वाहन चलाकर अस्पताल जाने से बचें।

1. सीने में दबाव, भारीपन या जलन

हार्ट अटैक के दौरान हमेशा बहुत तेज दर्द ही हो, यह जरूरी नहीं है। कई लोगों को सीने के बीच में दबाव, जकड़न, भारीपन, जलन या असहजता महसूस हो सकती है।

यह परेशानी कुछ मिनट तक रह सकती है या बीच में कम होकर दोबारा शुरू हो सकती है। कई बार लोग इसे एसिडिटी या गैस समझ लेते हैं।

कब सतर्क हों? सीने में नया, अस्पष्ट या लगातार बना रहने वाला दबाव महसूस हो तो तुरंत चिकित्सकीय सहायता लें।

2. सामान्य काम करने पर भी सांस फूलना

थोड़ा चलने, सीढ़ियां चढ़ने या रोजमर्रा के सामान्य काम करने पर पहले के मुकाबले अधिक सांस फूलने लगे, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हार्ट फेलियर जैसी स्थितियों में सांस फूलने की परेशानी धीरे-धीरे बढ़ सकती है। कुछ लोगों को लेटने पर सांस लेने में कठिनाई या रात में अचानक सांस फूलने के कारण नींद खुलने की शिकायत भी हो सकती है।

हालांकि सांस फूलने के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए सही वजह जानने के लिए चिकित्सकीय जांच जरूरी है।

3. बिना किसी खास वजह के असामान्य थकान

यदि पर्याप्त आराम के बावजूद लगातार कमजोरी या थकान महसूस हो रही है, तो इसे केवल काम का दबाव या नींद की कमी मान लेना उचित नहीं है।

कुछ लोगों, विशेषकर महिलाओं में, असामान्य थकान हार्ट अटैक के साथ दिखाई देने वाले लक्षणों में शामिल हो सकती है।

लगातार बनी रहने वाली या अचानक बढ़ने वाली थकान के पीछे खून की कमी, थायरॉइड की समस्या और अन्य बीमारियां भी हो सकती हैं। इसलिए कारण का पता लगाना महत्वपूर्ण है।

4. हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े में दर्द

दिल से जुड़ी परेशानी का दर्द हमेशा केवल सीने तक सीमित नहीं रहता। कुछ मामलों में दर्द या दबाव एक या दोनों हाथों, कंधों, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है।

महिलाओं सहित कुछ लोगों में पीठ, गर्दन या जबड़े की परेशानी प्रमुख लक्षणों में शामिल हो सकती है।

यदि ऐसे दर्द के साथ सीने में दबाव, सांस फूलना, मतली या पसीना आने की समस्या हो, तो तुरंत आपातकालीन सहायता लेनी चाहिए।

5. पैरों और टखनों में लगातार सूजन

पैरों, टखनों या शरीर के दूसरे हिस्सों में सूजन कई कारणों से हो सकती है। हार्ट फेलियर की स्थिति में दिल की पंपिंग क्षमता प्रभावित होने से शरीर में अतिरिक्त तरल जमा हो सकता है।

इसके कारण पैरों में सूजन, वजन तेजी से बढ़ना या सांस फूलने जैसी समस्याएं दिखाई दे सकती हैं।

हालांकि पैरों की सूजन किडनी, लिवर, नसों की समस्या या कुछ दवाओं के कारण भी हो सकती है। लगातार सूजन होने पर डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।

6. अचानक चक्कर आना या सिर हल्का लगना

अचानक चक्कर आना, सिर हल्का महसूस होना या बेहोशी आने जैसी स्थिति कई बार ब्लड प्रेशर, पानी की कमी या अन्य कारणों से भी हो सकती है।

लेकिन यदि चक्कर के साथ सीने में परेशानी, सांस लेने में कठिनाई या तेज पसीना आए, तो यह गंभीर स्थिति का संकेत हो सकता है।

ऐसी स्थिति में देरी किए बिना आपातकालीन चिकित्सा सहायता लेना जरूरी है।

7. अचानक ठंडा पसीना आना

बिना गर्मी या शारीरिक मेहनत के अचानक ठंडा पसीना आना हार्ट अटैक के संभावित चेतावनी संकेतों में शामिल है।

यदि इसके साथ सीने में दर्द या दबाव, सांस फूलना, मतली या कमजोरी महसूस हो, तो इसे मेडिकल इमरजेंसी की तरह लेना चाहिए।

हार्ट अटैक का संदेह होने पर क्या करें?

● तुरंत आपातकालीन सेवा 112 पर संपर्क करें।

● व्यक्ति को आरामदायक स्थिति में बैठाएं और अनावश्यक चलने-फिरने से बचाएं।

● खुद गाड़ी चलाकर अस्पताल जाने की कोशिश न करें।

● बिना चिकित्सकीय सलाह नई दवा न लें।

● यदि व्यक्ति बेहोश है और सामान्य रूप से सांस नहीं ले रहा, तो आपातकालीन सेवा के निर्देशानुसार सीपीआर शुरू करें और उपलब्ध होने पर एईडी का उपयोग करें।

दिल की बीमारी का पता लगाने के लिए कौन-सी जांच होती हैं?

डॉक्टर व्यक्ति के लक्षणों, उम्र, स्वास्थ्य इतिहास और जोखिम के आधार पर जांच की सलाह दे सकते हैं। इनमें ईसीजी, कार्डियक ट्रोपोनिन सहित रक्त जांच, इकोकार्डियोग्राम और आवश्यकता के अनुसार अन्य परीक्षण शामिल हो सकते हैं।

कुछ परिस्थितियों में स्ट्रेस टेस्ट, सीटी कोरोनरी एंजियोग्राफी या कोरोनरी एंजियोग्राफी की जरूरत पड़ सकती है। हर मरीज के लिए सभी जांच जरूरी नहीं होतीं।

दिल को स्वस्थ रखने के लिए अपनाएं ये आदतें

❤️ धूम्रपान और तंबाकू से दूरी बनाएं।

❤️ नियमित शारीरिक गतिविधि को दिनचर्या में शामिल करें।

❤️ फल, सब्जियां, साबुत अनाज और संतुलित आहार लें।

❤️ ब्लड प्रेशर और कोलेस्ट्रॉल की नियमित जांच कराएं।

❤️ डायबिटीज होने पर ब्लड शुगर नियंत्रित रखें।

❤️ पर्याप्त नींद लें और तनाव प्रबंधन पर ध्यान दें।

❤️ डॉक्टर द्वारा दी गई दवाओं को निर्देशानुसार लें।

दिल के संकेतों को समझें, समय पर इलाज कराएं

हर लक्षण का मतलब हार्ट अटैक नहीं होता, लेकिन नए, बढ़ते या एक साथ दिखाई देने वाले चेतावनी संकेतों को नजरअंदाज करना जोखिम भरा हो सकता है। सही समय पर चिकित्सा सहायता मिलना जीवन बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

स्वास्थ्य सूचना: यह लेख सामान्य जागरूकता के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यह चिकित्सकीय जांच, निदान या उपचार का विकल्प नहीं है।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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