मध्यप्रदेश में ‘ताऊ ते’ साइक्लोन का असर, कई हिस्सों में बारिश की संभावना



भोपाल | मध्यप्रदेश के कई हिस्सों में बारिश का सिलसिला जारी है। अब अरब सागर में बनने वाले ‘ताऊ ते’ साइक्लोन (तूफान) के कारण भी प्रदेश में बारिश होने की संभावना है। मौसम वैज्ञानिक पीके शाह ने बताया कि अरब सागर में 16 मई को ताऊ ते साइक्लोन बनने की संभावना है। इस साइक्लोन का असर प्रदेश में भी देखने को मिल सकता है। इसके कारण 17 मई से 19 मई तक प्रदेश के कई हिस्सों में बारिश हो सकती है। हालांकि इसको लेकर सटीक स्थिति 48 घंटे बाद ही साफ हो पाएगी।

प्रदेश में जारी है बारिश का सिलसिला
मौसम विभाग ने अगले 24 घंटे में प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवा गरज-चमक के साथ बूंदाबांदी की संभावना जताई है। इसका कारण साउथ-ईस्ट एमपी में ऊपरी हवा का चक्रवात बना हुआ है। इससे साउथ-ईस्ट एमपी से नॉर्थ केरल तक एक ट्रफ लाइन बनी हुई है। यह टर्फ लाइन नमी ला रही है। इससे प्रदेश में बादल बनने के साथ बारिश हो रही है। इसके कारण भोपाल, उज्जैन, जबलपुर, ग्वालियर, चंबल, रीवा संभाग के हिस्सों में गरज-चमक और तेज हवा के साथ बारिश होने की संभावना बनी हुई है।

पिछले 24 घंटे में बारिश
प्रदेश के कई हिस्सों में पिछले 24 घंटे में बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग के अनुसार सतना में 3.8 एमएम, भोपाल में 0.2 एमएम औरर ग्वालियार में बूंदाबांदी दर्ज की गई।

ताऊ ते नाम क्यों पड़ा
वैसे तूफान तो अपने आप में ही एक नाम है। लेकिन 15 साल पहले 2004 में तूफान काे नाम देने की प्रक्रिया शुरू हुई। नामकरण की इस प्रक्रिया के लिए एक सूची बनाई गई। इस सूची में आठ देशों को शामिल किया गया। यदि किसी तूफान की संभावना दिखती है तो इन आठ देशों को क्रमानुसार आठ नाम देने होते हैं। इनमें बांग्लादेश, भारत, मालदीव, म्यांमार, ओमान, पाकिस्तान, श्रीलंका और थाईलैंड शामिल हैं। हर देश ने आठ नाम पहले ही दे दिए हैं। इस तरह कुल 64 नाम पहले से तय किए गए हैं। इस बार चक्रवातीय तूफान के नामकरण की बारी म्यांमार का था। उसने ‘ताऊ ते’ नाम दिया।

एक टिप्पणी भेजें

और नया पुराने
sach ki dunia, India's top news portal Get Latest News. Hindi Samachar