ध्यान में छिपा है सांसारिक समस्याओं का हल

 


आज के लोग चिंता, दहशत, उदासी, और बेबुनियाद डर के आलम से गुजर रहे हैं। लोग जिंदगी के दुखों का सामना नहीं कर पाते। यही कारण है कि मनोचिकित्सकों, मनोविज्ञानिकों और हृदय-चिकित्सकों के कक्ष आज भरे हुए नजर आते हैं। हम आर्थिक रूप से घोर विपत्ति के आलम में हैं। हम टूटे हुए वैवाहिक रिश्तों और उजड़े हुए घरों को बसाने का यत्न कर रहे हैं। कुछ लोग उस उदासी के माहौल से चिंतित हैं, जो उनके किसी प्यारे के चले जाने के डर से उत्पन्न हो सकता है।

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