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गणेशजी का रूप हैं स्‍वास्तिक, जानें किस तरह दूर करता हैं ये वास्‍तुदोष


हिन्दू धर्म में जब भी कभी किसी शुभ काम की शुरुआत की जाती हैं तो सबसे पहले स्‍वास्तिक बनाया जाता हैं और गणपति जी का पूजन किया जाता हैं। स्‍वास्तिक को गणेशजी का ही रूप माना जाता हैं। शास्त्रों के अनुसार जहां भी स्‍वास्तिक का निशान बनाया जाता हैं वहां शुभ, मंगल और कल्याण होता है। स्‍वास्तिक से वास्‍तुदोष दूर करने में मदद मिलती हैं। आज इस कड़ी में हम आपको बताने जा रहे हैं कि किस तरह स्‍वास्तिक आपके जीवन पर असर डालता है।
नौकरी-व्‍यवसाय करते हैं तो यहां बनाएं स्‍वास्तिक
नौकरी-व्‍यवसाय में अगर लगातार नुकसान हो रहा हो या फिर तमाम प्रयासों के बाद भी व्‍यवसाय आगे नहीं बढ़ पा रहा हो तो स्‍वास्तिक का उपाय शुभता द‍िलाता है। इसके लिए लगातार 7 गुरुवार को ईशान कोण को गंगाजल से धोकर वहां पर सूखी हल्दी से स्वास्तिक का चिह्न बनाएं। स्वास्तिक बनाने के बाद पंचोपचार पूजा करें। साथ ही आधा तोला गुड़ का भोग लगाएं। इसके अलावा कार्यस्‍थल पर उत्तर दिशा में हल्दी का स्वास्तिक बनाएं। ऐसा करने से रुके हुए कार्य बनने लगते हैं और लाभ म‍िलता है। पदोन्‍नत‍ि का भी योग बनता है।

घर की सुख-समृद्धि के ल‍िए करें ये उपाय
वास्‍तुशास्‍त्र के अनुसार घर के मुख्य द्वार पर श्रीगणेश का चित्र या स्वास्तिक बनाने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है। मान्‍यता है क‍ि ऐसे घर में हमेशा गणेशजी की कृपा रहती है और कभी भी धन-धान्य की कमी नहीं होती। स्वास्तिक को सकारात्‍मक ऊर्जा का भी प्रतीक माना जाता है। यही वजह है क‍ि इसे कहीं भी बनाया जाए ये आसपास की सारी नकारात्मक ऊर्जा दूर कर देता है।
अगर नींद की समस्‍या हो तो करें ये उपाय
वास्‍तुदोष के चलते कई बार नींद न आने की समस्‍या भी हो जाती है। या कई बार रात को बुरे सपने भी परेशान करते हैं तो ऐसे में स्वास्तिक की मदद लें। इसके ल‍िए सोने से पहले तर्जनी अंगुली से स्वास्तिक का निर्माण करना चाहिए और उसके बाद सोना चाहिए। ऐसा करने से जातक की नींद संबंधी सभी समस्‍याएं दूर हो जाती हैं। साथ ही बुरे सपने भी नहीं आते।

इस रंग का स्वास्तिक होता है बेहद खास
यूं तो आपने लाल या पीले रंग का स्वास्तिक देखा होगा। लेक‍िन आपको बता दें क‍ि काले रंगे के स्वास्तिक का भी अपना ही महत्‍व है। जी हां काले रंग के कोयले से बने स्वास्तिक को बुरी नजर से बचाने का उपाय माना जाता है। कहते हैं क‍ि काले रंग के कोयले से बना स्वास्तिक नकारात्मक ऊर्जा तथा भूत-प्रेत आदि को घर में प्रवेश करने से रोकता है। लेक‍िन भूलकर भी स्वास्तिक गंदी जगहों पर या शौच की दीवार पर बनाने से बचें। अन्‍यथा जीवन में क्‍लेश और दर‍िद्रता का सामना करना पड़ता है।

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