कुदरत का कहरः मध्य प्रदेश में 250 से ज्यादा इंसानों को लील गई बारिश और बाढ़ - sach ki dunia

Breaking

Sunday, September 15, 2019

कुदरत का कहरः मध्य प्रदेश में 250 से ज्यादा इंसानों को लील गई बारिश और बाढ़



मध्‍य प्रदेश (Madhya Pradesh) में लगातार हो रही बारिश (Heavy Rain Fall) के कारण अब तक ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो गई है. बारिश में ज्यादातर लोगों की मौत नदी और तालाब में डूबने से हुई है. राज्य सरकार के शुरुआती आकलन में बारिश और बाढ़ के कारण प्रदेश की हजारों हेक्टेयर जमीन पर लगी फसल के बर्बाद होने और करोड़ों की संपत्ति को नुकसान पहुंचने की रिपोर्ट है. प्रदेश के ज्यादातर इलाके इन दिनों आसमां से बरस रहे पानी से परेशान है. लगातार हो रही बारिश के कारण नदी नाले उफान पर हैं. आलम ये है कि बाढ़ और बारिश की वजह से प्रदेश में अब तक ढाई सौ से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है. इधर, बाढ़ से बिगड़े हालातों को लेकर बीजेपी राज्य सरकार पर हमलावर है. पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान (Shivraj Singh Chauhan) ने कहा है कि सरकार को तत्काल सर्वे कर पीड़ितों को मुआवजा देना चाहिए.

नदी-तालाब में डूबने से ज्यादा मौत

बारिश और बाढ़ के कारण हुई मौतों में सबसे ज्यादा नदी और तालाबों में डूबने से लोगों की जानें गई हैं. सरकार के शुरुआती आकलन में बाढ़ और बारिश (Heavy Rain Fall) के खौफनाक आंकड़े निकल सामने आए हैं. कहीं लोगों की लापरवाही तो कहीं प्रशासन की बदइंतेजामी लोगों के लिए जानलेवा साबित हुई है. सरकारी आंकड़ों पर नजर डालें तो बाढ़ और बारिश के कारण मरने वालों की संख्या ढाई सौ से ज्यादा है. सबसे ज्यादा शहडोल में 41, मंदसौर में 21, रतलाम में 19, बड़वानी में 18, छिंदवाड़ा में 16, राजगढ़ में 12, विदिशा में 11, मंडला में 11 लोगों की मौत हुई है. वहीं, बाढ़ और बारिश से 32 से ज्यादा लोग बुरी तरह घायल हुए हैं. बाढ़ और बारिश में सिर्फ इंसान ही बल्कि पशुओं भी काल के गाल में समा गए हैं. भारी बारिश और बाढ़ के कारण 619 पशुओं की भी मौत हुई है.

हजारों लोग बेघर, निजी संपत्ति को भी नुकसान

इस बार बाढ़ और बारिश की वजह से न सिर्फ सैकड़ों लोगों की जान गई है, बल्कि हजारों लोग बेघर भी हो गए हैं. सिर्फ इंसान और पशु ही नहीं, निजी संपत्तियों को भी इस बार बाढ़ और बारिश ने बर्बाद कर दिया है. शुरुआती जानकारी के मुताबिक 3550.71 हेक्टेयर जमीन पर लगी फसल बर्बाद हो चुकी है. इसकी कीमत करोड़ों रुपए बताई जा रही है. बाढ़ और बाऱिश से प्रभावित नौ हजार से ज्यादा लोगों को राहत शिविरों में पहुंचाया गया है. प्रदेश के मंत्री गोविंद सिंह ने कहा है कि बारिश थमने के बाद तेजी से सर्वे कर पीड़ितों को मुआवजा दिया जाएगा. इस बाबत सीएम कमलनाथ (CM Kamalnath) के निर्देश जारी हो चुके हैं.
प्रदेश के 33 जिलों में भारी वर्षा

इस सीजन में हुई बारिश के कारण प्रदेश के 33 जिले पानी से तरबतर हो गए हैं. वहीं 16 जिलों में सामान्य और बाकी जिलों में सामान्य से कम बारिश दर्ज की गई है. सबसे ज्यादा बारिश (Heavy Rain Fall) मंदसौर, नीमच, आगर-मालवा, भोपाल, राजगढ़, रायसेन, शाजापुर, झाबुआ, सीहोर, रतलाम, खण्डवा, बुरहानपुर, नरसिंहपुर, गुना, बड़वानी, विदिशा, इंदौर, उज्जैन, होशंगाबाद, देवास, हरदा, जबलपुर, मण्डला, अशोकनगर, सिवनी, धार, सागर, अलीराजपुर, खरगोन, दमोह, बैतूल, सिंगरौली और श्योपुरकलां में हुई है. वहीं, सबसे कम बारिश वाले जिलों में शहडोल और सीधी शामिल हैं.

No comments:

Post a Comment