नई कार्य-संस्कृति की नींव रखी मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने - sach ki dunia

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Tuesday, June 18, 2019

नई कार्य-संस्कृति की नींव रखी मुख्यमंत्री श्री कमल नाथ ने

कमल नाथ सरकार ने अपने छोटे से कार्यकाल के दौरान कार्य संस्कृति को नएसिरे से परिभाषित और स्थापित किया है। यह संस्कृति योग की है। छह माह में एकजवाबदार-जिम्मेदार सरकार चलाते हुए मुख्यमंत्री कमल नाथ ने सिर्फ काम करकेदिखाया है। महंगे समारोहों और स्व-प्रचार का मोह  पालकर उन्होंने यह बताया किमूल काम जनता की सेवा है। उन्हें सिर्फ काम करना पसंद है।
मध्यप्रदेश में गरिमामय कार्यं संस्कृति की नींव 17 दिसम्बर 2018 को रखी गईजब श्री कमल नाथ ने बतौर मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। वे अनुभवी और उन नेताओं मेंसे एक हैजो विकास और विजन की पहली सीढ़ी चढ़कर अंतिम सीढ़ी तक जाना जानतेहैं। खाली खजाने के बीच उन्होंने बहुत शालीनता और खामोशी के साथ बीस लाखकिसानों का कर्जा माफ कर दिया। यह उनका पहला वचन था जो उन्होंने मुख्यमंत्री कापद सम्हालते ही पूरा किया। समारोह और यात्राओं से दूर रहकर कमल नाथ जी काम मेंविश्वास किया। वे आत्म प्रचार से दूर हैं।
किसान की समृद्धि
इतिहास की सबसे बड़ी कर्ज माफी के बाद मुख्यमंत्री कमल नाथ ने इसे किसानोंकी खुशहाली नहीं राहत देने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा कि खुशहाली तब किसानोंके चेहरे पर आएगी जब उसमें अधिक उत्पादन का पूरा उपयोग हो और किसानों कोअपनी लागत का दोगुना मूल्य मिले। ऋण माफी के बाद उन्होंने समर्थन मूल्य से प्रतिक्विंटल 160 रुपये अधिक देकर किसानों को उनकी उपज का उचित दाम देने की दिशामें एक कदम आगे बढ़ाया। इससे 18 लाख किसान लाभान्वित हुए। इस साल प्याजउत्पादक किसानों को पिछले साल की तरह अपनी प्याज सड़क पर नहीं फेंकना पड़ीक्योंकि कमल नाथ सरकार ने समय रहते मुख्यमंत्री कृषक-प्याज प्रोत्साहन योजना मेंभावांतर योजना के जरिए किसानों से प्याज खरीदने का इंतजाम कर दिया। लगभगढाई लाख मीट्रिक टन प्याज का मंडी में विक्रय किया गया। भावांतर योजना में अंतरकी 514 करोड़ की राशि 2 लाख 60 हजार से अधिक मक्का किसानों के बैंक खातों मेंजमा की गई।
युवाओं को अवसर
बेरोजगारी की चुनौती से निपटने के लिए पहले दिन से चिंतित कमल नाथसरकार ने सरकार में आते ही युवाओं से किए गए वचन को निभाया। युवा स्वाभिमानयोजना शुरू कर युवाओं को 100 दिन के रोजगार की गारंटी दी। इससे युवाओं को 4000रुपये वजीफा और कौशल विकास का प्रशिक्षण मिलना शुरू हो गया। जिससे 6 लाख 50हजार से अधिक युवा लाभान्वित हो रहे हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में 39 हजार 939 बेरोजगारोंको रोजगार उपलब्ध करवाए गए हैं।
निवेश के लिए विश्वास का वातावरण
अब मध्यप्रदेश में औद्योगिक और निवेश सिर्फ नारा नहीं बल्कि जमीनीहकीकत है। सरकार में आते ही प्रदेश और युवाओं के हित में एक बड़ा फैसला लियागया। अब प्रदेश में स्थापित होने वाले उद्योगों में 70 प्रतिशत रोजगार प्रदेश के युवाओंको देना जरुरी है।
हाल ही में मुख्यमंत्री ने एक ऐतिहासिक पहल और की जिससे जिन निवेशकोंका मध्यप्रदेश में विश्वास कम हो चला था उसकी वापसी हुई। मात्र सात दिन में रुपये 6निवेश प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। 6 हजार करोड़ से अधिक के इस निवेश से प्रदेश के7600 युवाओं को रोजगार मिलेगा। इन्दौर में कन्फेशनरी क्लस्टर, जबलपुर में मिष्ठानएवं नमकीन क्लस्टर और चार प्रमुख टेक्सटाइल पार्कों को मंजूरी दी गई है। यह ऐसेफैसले हैं जो प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को  केवल बढ़ायेंगे बल्कि इससे प्रदेश परलगे बेरोजगारी के दाग को मिटाने में भी मदद मिलेगी।
ऊर्जा
ऊर्जा के नकली संकट से उबरने के लिए कमल नाथ सरकार ने जो दृढ़इच्छाशक्ति दिखलाई उससे उन लोगों के मंसूबे ध्वस्त हो गए जो सरकार को बदनाम करनेके लिए हद दर्जे से नीचे गिर गए थे। अघोषित बिजली कटौती पर सख्ती से रोक लगातेहुए मेंटेनेंस के लिए की जाने वाली घोषित कटौती की सूचना समय पूर्व औरउपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।
इस वर्ष पिछले वर्ष की अपेक्षा 16.2 प्रतिशत अधिक बिजली की माँग की पूर्तिकी गई। बिजली समस्या और शिकायतों के तत्काल समाधान के लिए कॉल सेंटर कीसंख्या भी बढ़ाई गई।
वचन-पत्र के मुताबिक इंदिरा गृह ज्योति योजना में 100 यूनिट खपत करने पर100 रुपये का बिजली बिल देने का निर्णय लागू हुआ। इससे 62 लाख बिजली उपभोक्तालाभान्वित हो रहे हैं। इंदिरा किसान ज्योति योजना में वचन के मुताबिक कृषि पंपों काबिल आधा करने से 18 लाख किसान लाभान्वित हो रहे हैं।
पानी का अधिकार
पानी का अधिकार एक बड़ा निर्णय हैजो व्यक्ति की तीन-चार बुनियादीजरूरतों में से एक की पूर्ति की दशा में आने वाले समय में नजीर बनेगा। पानी कीउपलब्धता लोगों का अधिकार बनेइसके लिए 'राइट टू वाटरएक्ट मध्यप्रदेश में बननेजा रहा है।
शासकीय भूमि उपयोग का अधिकार
रोजगार देने और गौ-पालन संरक्षण की दिशा में कमल नाथ सरकार ने बीते छहमाह में एक महत्वपूर्ण फैसला लिया वह था उद्यानिकी फसलों के लिए बेरोजगारों कोशासकीय भूमि के उपयोग का अधिकार देने का। इसी तरह जो व्यक्ति या संस्था गौ-शाला खोलेगी उसे भी शासकीय भूमि के उपयोग का अधिकार सरकार देगी। इससे जहाँएक ओर हमारे प्रदेश के युवाओं को बड़े पैमाने पर रोजगार मिलेगा वहीं गौ-माता केसंरक्षण के लिए स्थान उपलब्ध होगा।
बीते छह माह में कमल नाथ सरकार द्वारा लिए गए फैसले और किए गए कामोंकी एक लम्बी फेहरिस्त है। इन फैसलों से प्रदेश का हर वर्ग प्रभावित हुआ है उसकेजीवन में बदलाव की एक नई दस्तक दिखलाई देती है। मुख्यमंत्री कमल नाथ ने कहा हैकि छह माह में किसी सरकार के कामकाज का आकलन नहीं किया जा सकता। फिर भीयह कहा जा सकता है कि कमल नाथ सरकार ने छह माह में जिस तेजी से काम कियाहैवह प्रदेशवासियों को आश्वस्त करता है कि आने वाले 5 साल बेहतरी के होंगे,खुशहाली के होंगेतरक्की के नए शिखर पर को प्रदेश छुएगा और सच्चे अर्थों मेंमध्यप्रदेश समृद्ध होगा।

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