मुंबई। अवॉर्ड विनिंग फिल्म ‘लिपस्टिक अंडर माय बुरका’ को सर्टिफिकेट ना देने की वजह से सेंसर बोर्ड निशाने पर आ गया है। बावजूद इसके सीबीएफसी के चेयरमैन पहलाज निहलानी के तेवर ढीले नहीं पड़े हैं। निहलानी का कहना है कि सेंसर बोर्ड किसी तरह के प्रेशर में नहीं आने वाला है। इसके साथ उन्होंने कहा कि फिल्ममेकर्स हिंदुस्तान की परंपरा को ध्यान में रख कर ही फिल्म बनाएं।
लिपस्टिक अंडर माई बुर्का को सर्टिफिकेट नहीं दिए जाने पर पहलाज ने कहा कि इसका फैसला सर्वसम्मत से लिया गया है। उन्होंने कहा कि असली दिक्कत यह है कि अब फिल्मों को पैसे देकर पास नहीं कराया जा सकता है। इतना ही नहीं, अब सेंसर बोर्ड सोशल मीडिया के दबाव में नहीं आने वाला है।
पहलाज निहलानी ने कहा कि मीडिया और सोशल मीडिया वाले लोग फिल्म को सेंसर करने की प्रक्रिया के बारे में कुछ भी नहीं जानते हैं। ऐसे में सेंसर बोर्ड उनके मुताबिक तो चल नहीं सकता। हम लोगों की परवाह नहीं करते हैं। हमारी संस्कृति के लिए क्या अच्छा हैं, ये हम बखूबी जानते हैं।
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