हेल्थ डेस्क। भारतीय रसोई में मसाले के रूप में इस्तेमाल होने वाली मेथी को पारंपरिक चिकित्सा पद्धतियों में भी विशेष महत्व दिया जाता रहा है। आजकल सोशल मीडिया पर रातभर मेथी के दाने पानी में भिगोकर सुबह खाली पेट उसका पानी पीने के कई फायदे बताए जाते हैं। दावा किया जाता है कि इससे ब्लड शुगर नियंत्रित होता है, वजन कम होता है, कोलेस्ट्रॉल सुधरता है और पाचन बेहतर होता है।
मेथी पर वैज्ञानिक अध्ययन जरूर हुए हैं और खासतौर पर ब्लड शुगर से जुड़े कुछ नतीजे उत्साहजनक हैं, लेकिन यहां एक महत्वपूर्ण फर्क समझना जरूरी है। वैज्ञानिक शोधों में ज्यादातर मेथी के बीज, पाउडर या उसके अर्क का अध्ययन किया गया है। केवल रातभर भिगोए गए मेथी के पानी को पीने से वही फायदे मिलेंगे, इसका मजबूत वैज्ञानिक प्रमाण अभी उपलब्ध नहीं है।
क्या मेथी का पानी ब्लड शुगर कम कर सकता है?
मेथी को लेकर सबसे ज्यादा शोध ब्लड शुगर पर हुए हैं। इसके बीजों में घुलनशील फाइबर और कई जैव-सक्रिय तत्व पाए जाते हैं। कुछ अध्ययनों में टाइप-2 डायबिटीज वाले लोगों में मेथी के सेवन के बाद फास्टिंग ब्लड ग्लूकोज और HbA1c जैसे संकेतकों में सुधार देखा गया है।
हालांकि सभी अध्ययनों के नतीजे एक जैसे नहीं हैं और कई शोध छोटे या अलग-अलग गुणवत्ता वाले रहे हैं। इसलिए डायबिटीज से पीड़ित व्यक्ति मेथी को अपनी निर्धारित दवा का विकल्प न बनाएं। खासकर ब्लड शुगर कम करने वाली दवाएं लेने वाले लोगों में ज्यादा मात्रा में मेथी लेने से शुगर जरूरत से ज्यादा नीचे जाने का जोखिम हो सकता है।
रातभर भिगोने से मेथी के कुछ घुलनशील तत्व पानी में आ सकते हैं, लेकिन यह कहना सही नहीं है कि बीज के सभी पोषक तत्व पानी में घुल जाते हैं। बीज का काफी फाइबर और दूसरे घटक बीज में ही रहते हैं। इसलिए केवल पानी पीकर बीज फेंक देने को पूरे मेथी बीज के सेवन के बराबर नहीं माना जा सकता।
वजन घटाने के दावे में कितनी सच्चाई?
मेथी में मौजूद फाइबर पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकता है। इसी आधार पर इसे वजन घटाने वाले घरेलू उपाय के रूप में प्रचारित किया जाता है। लेकिन अभी ऐसा मजबूत प्रमाण नहीं है कि सुबह मेथी का पानी पीने मात्र से शरीर की अतिरिक्त चर्बी तेजी से कम होने लगती है।
वजन कम होने का मुख्य आधार लंबे समय तक भोजन से मिलने वाली ऊर्जा और शरीर द्वारा खर्च की जाने वाली ऊर्जा का संतुलन है। संतुलित भोजन, पर्याप्त प्रोटीन और फाइबर, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद इसमें अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। मेथी को इनके साथ भोजन का हिस्सा बनाया जा सकता है, लेकिन इसे किसी तरह का ‘फैट बर्नर’ नहीं माना जाना चाहिए।
कोलेस्ट्रॉल और दिल की सेहत पर क्या असर?
कुछ अध्ययनों में मेथी के सेवन के बाद लिपिड प्रोफाइल के कुछ संकेतकों में सुधार देखा गया है, लेकिन इससे यह निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता कि मेथी का पानी धमनियों की ब्लॉकेज रोक देता है या हृदय रोग से सुरक्षा की गारंटी देता है।
यदि किसी व्यक्ति का LDL कोलेस्ट्रॉल ज्यादा है या पहले से हृदय संबंधी बीमारी है तो डॉक्टर द्वारा बताई गई दवा, खानपान और व्यायाम की योजना सबसे महत्वपूर्ण है। मेथी जैसे खाद्य पदार्थ सहायक आहार का हिस्सा हो सकते हैं, इलाज का विकल्प नहीं।
पाचन के लिए मेथी कितनी उपयोगी?
मेथी के बीज फाइबर का स्रोत हैं और पर्याप्त फाइबर सामान्य पाचन तथा नियमित मल त्याग में मदद करता है। लेकिन यहां भी पूरे बीज और केवल भिगोए हुए पानी में अंतर है। सिर्फ पानी पीने पर बीज में मौजूद पूरा फाइबर शरीर को नहीं मिलता।
इसके अलावा अधिक मात्रा में मेथी लेने पर कुछ लोगों को दस्त, मतली, पेट फूलना या दूसरी पाचन संबंधी परेशानी भी हो सकती है। इसलिए किसी घरेलू नुस्खे को जितना अधिक लिया जाए उतना अधिक फायदा होगा, यह सोच सही नहीं है।
मेथी को सुबह खाली पेट लेने से ही विशेष लाभ मिलता है, इसका ठोस वैज्ञानिक प्रमाण उपलब्ध नहीं है। यदि किसी व्यक्ति को खाली पेट मेथी लेने से एसिडिटी, मतली या पेट की परेशानी होती है तो इसे जबरन जारी रखने की जरूरत नहीं है।
PCOD और थायरॉइड ठीक करने का दावा कितना सही?
मेथी के पानी को महिलाओं में PCOD/PCOS, थायरॉइड और हार्मोनल असंतुलन का इलाज बताने वाले दावे भी खूब किए जाते हैं। लेकिन इन बीमारियों को केवल मेथी का पानी पीकर ठीक करने का पर्याप्त और उच्च गुणवत्ता वाला वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
PCOS एक जटिल हार्मोनल और मेटाबॉलिक स्थिति है, जबकि थायरॉइड की बीमारी के कई अलग कारण हो सकते हैं। इनके इलाज के लिए सही जांच, चिकित्सकीय सलाह और जरूरत के अनुसार दवा महत्वपूर्ण है। घरेलू उपायों के भरोसे निर्धारित उपचार बंद करना नुकसानदायक हो सकता है।
क्या मेथी शरीर को ‘डिटॉक्स’ करती है?
मेथी में प्राकृतिक एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले कई उपयोगी यौगिक होते हैं, लेकिन इससे यह साबित नहीं होता कि मेथी का पानी शरीर में जमा सभी ‘विषैले तत्वों’ को बाहर निकाल देता है।
मानव शरीर में अवांछित पदार्थों को संसाधित और बाहर निकालने का काम मुख्य रूप से लिवर, किडनी, फेफड़े और पाचन तंत्र करते हैं। किसी एक पेय को शरीर की सफाई या ‘डिटॉक्स’ का चमत्कारी तरीका बताना वैज्ञानिक रूप से उचित नहीं है।
डायबिटीज की दवा लेने वाले लोग मेथी का नियमित या अधिक मात्रा में सेवन शुरू करने से पहले डॉक्टर से सलाह लें। गर्भावस्था में भोजन में सामान्यतः इस्तेमाल होने वाली मात्रा से अधिक मेथी लेने से बचना चाहिए। एलर्जी या पेट संबंधी परेशानी होने पर भी इसका सेवन रोककर चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।
तो मेथी का पानी पीना चाहिए या नहीं?
स्वस्थ वयस्क के लिए भोजन में सामान्य मात्रा में मेथी का इस्तेमाल आम तौर पर सुरक्षित माना जाता है। अगर किसी को भिगोई हुई मेथी या उसका पानी पसंद है और उससे कोई परेशानी नहीं होती, तो इसे संतुलित आहार का हिस्सा बनाया जा सकता है।
लेकिन इसे डायबिटीज की दवा, वजन घटाने का शॉर्टकट, PCOS या थायरॉइड का इलाज, कोलेस्ट्रॉल की दवा अथवा शरीर को डिटॉक्स करने वाला चमत्कारी पेय समझना ठीक नहीं है। मेथी से जुड़े कुछ स्वास्थ्य लाभों पर शोध मौजूद है, लेकिन रातभर भिगोए हुए मेथी के पानी के नाम पर किए जाने वाले हर दावे को विज्ञान का समर्थन नहीं मिलता।
मेथी पौष्टिक और उपयोगी खाद्य पदार्थ है। ब्लड शुगर नियंत्रण जैसे कुछ क्षेत्रों में इसके लाभ के संकेत मिले हैं, लेकिन प्रमाण अभी इतने मजबूत नहीं हैं कि इसे किसी बीमारी का स्वतंत्र इलाज माना जाए। खासकर केवल मेथी का भिगोया पानी पीने के फायदों पर अलग से मजबूत क्लिनिकल रिसर्च सीमित है।
स्वास्थ्य सलाह: यह जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। डायबिटीज, PCOS, थायरॉइड, हृदय रोग या किसी अन्य बीमारी की दवा चल रही हो तो उपचार में बदलाव करने या मेथी को औषधीय मात्रा में नियमित लेने से पहले डॉक्टर से सलाह लें।



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