बिजुरी स्टेशन पर 9वें दिन भी डटे लोको पायलट, अब परिवार भी धरने पर बैठे; रेलवे प्रबंधन पर लगाए गंभीर आरोप
कर्मचारियों का दावा- असुरक्षित तरीके से काम करने का बनाया जाता है दबाव; साथी के ट्रांसफर का भी विरोध, DRM को ज्ञापन के बाद समाधान नहीं
अनूपपुर।
मध्य प्रदेश के अनूपपुर जिले के बिजुरी रेलवे स्टेशन पर लोको पायलटों का अनिश्चितकालीन धरना शनिवार 13 सितंबर को नौवें दिन भी जारी रहा। शाम को आंदोलन ने उस समय नया मोड़ ले लिया, जब लोको पायलटों के परिवारजन भी धरने में शामिल हो गए। कर्मचारियों ने रेलवे प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठाते हुए सुरक्षा मानकों और ट्रांसफर से जुड़े कई आरोप लगाए हैं।
‘शॉर्टकट से काम करने का बनाया जाता है दबाव’
धरने पर बैठे लोको पायलटों का आरोप है कि कई मौकों पर उनसे निर्धारित कार्यप्रणाली के बजाय कथित तौर पर शॉर्टकट तरीके से काम करने का दबाव बनाया जाता है। कर्मचारियों का कहना है कि इससे उनकी सुरक्षा प्रभावित हो सकती है।
प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का दावा है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी अपनी समस्याएं प्रबंधन के सामने रखी हैं, लेकिन उनकी शिकायतों का अपेक्षित समाधान नहीं हुआ।
कर्मचारियों का बड़ा आरोप
लोको पायलटों का कहना है कि यदि किसी असुरक्षित तरीके से काम करने के दौरान अनहोनी होती है तो जिम्मेदारी तय करने के बजाय कर्मचारी पर ही कार्रवाई का खतरा बना रहता है।
काम में देरी का आरोप लगाकर ट्रांसफर करने की शिकायत
आंदोलनरत कर्मचारियों के मुताबिक यदि कोई लोको पायलट कथित असुरक्षित तरीके से काम करने से इनकार करता है या किसी तकनीकी कारण से काम में देरी होती है तो कई बार जिम्मेदारी कर्मचारी पर डाल दी जाती है।
कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि ऐसे मामलों में ट्रांसफर जैसी कार्रवाई भी की जाती है। इसी क्रम में लोको पायलटों ने अपने साथी एमके विभूति के स्थानांतरण का मुद्दा उठाया है।
ब्रजराजनगर ट्रांसफर का विरोध
कर्मचारियों का आरोप है कि एमके विभूति पर गलत आरोप लगाकर उनका स्थानांतरण ब्रजराजनगर, ओडिशा कर दिया गया। आंदोलनकारी इस स्थानांतरण के मामले में भी उचित सुनवाई की मांग कर रहे हैं।
DRM को ज्ञापन सौंपा, फिर भी समाधान का इंतजार
लोको पायलट अपनी मांगों को लेकर बिलासपुर के मंडल रेल प्रबंधक (DRM) को ज्ञापन भी दे चुके हैं। कर्मचारियों का कहना है कि ज्ञापन देने के बावजूद उनकी समस्याओं पर अब तक कोई ऐसा ठोस समाधान सामने नहीं आया, जिससे आंदोलन समाप्त किया जा सके।
परिवार भी धरने पर उतरे, आंदोलन का दायरा बढ़ा
शनिवार शाम लोको पायलटों के परिवारजन भी धरनास्थल पर पहुंच गए और आंदोलन में शामिल हो गए। परिवारों की भागीदारी के बाद कर्मचारियों का प्रदर्शन और व्यापक हो गया है।
आंदोलन जारी रखने का ऐलान
लोको पायलट संघ का कहना है कि जब तक रेलवे प्रबंधन उनकी मांगों पर सुनवाई कर उचित समाधान नहीं निकालता, तब तक अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा।
सवाल सिर्फ कर्मचारियों का नहीं, रेल सुरक्षा से भी जुड़ा
लोको पायलट रेलवे परिचालन की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। ऐसे में उनके द्वारा सुरक्षा मानकों और काम के दबाव को लेकर लगाए जा रहे आरोप गंभीर हैं। इन आरोपों की निष्पक्ष जांच और रेलवे प्रबंधन का स्पष्ट पक्ष सामने आना जरूरी है।
रेलवे प्रबंधन का पक्ष
खबर में कर्मचारियों द्वारा लगाए गए आरोप उनके धरने और दावों पर आधारित हैं। संबंधित रेलवे अधिकारियों का विस्तृत पक्ष उपलब्ध होने पर उसे भी प्रमुखता से शामिल किया जाएगा।
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