Saturday, 12 September 2026
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MP के सीहोर में क्लोरीन गैस लीक, कई लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत

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सच की दुनिया | सीहोर

CHLORINE GAS LEAK | सीहोर

MP के सीहोर में क्लोरीन गैस लीक, कई लोगों को सांस लेने में हुई दिक्कत

लसूड़िया खास के वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में रिसाव; 8-10 लोग प्रभावित, 4 अस्पताल में भर्ती, तीनों सिलेंडर सुरक्षित हटाए गए

सच की दुनिया – सीहोर।
मध्य प्रदेश के सीहोर जिले के लसूड़िया खास गांव में
काहिरी बांध के पास बने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में क्लोरीन गैस रिसाव की घटना के दो दिन बाद
स्थिति नियंत्रण में बताई जा रही है।
मंगलवार देर रात सिलेंडरों के स्थानांतरण के दौरान फैली गैस से स्थानीय लोगों को
आंखों में जलन, गले में परेशानी और सांस लेने में दिक्कत हुई।

8-10 लोग गैस की चपेट में
4 मरीज अस्पताल में भर्ती, बाकी को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेजा गया

8-10
लोग प्रभावित
4
अस्पताल में भर्ती
3
क्लोरीन सिलेंडर हटाए

गैस की चपेट में आए लोग, अस्पताल पहुंची भीड़

रिसाव के बाद लसूड़िया खास और आसपास के क्षेत्रों से करीब आठ से दस लोग
सीहोर जिला अस्पताल के आपातकालीन वार्ड में पहुंचे।
जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. हरिओम गुप्ता के अनुसार,
मरीजों ने आंखों में तेज जलन, गले में खराश और घुटन की शिकायत की।


4 मरीज निगरानी में


डॉक्टरों ने चार प्रभावित लोगों को एहतियातन अस्पताल में भर्ती रखा,
जबकि शेष मरीजों को प्राथमिक उपचार के बाद घर भेज दिया गया।
सभी की स्थिति स्थिर और खतरे से बाहर बताई जा रही है।

नागदा से आई विशेषज्ञ टीम ने हटाए तीनों सिलेंडर

प्लांट परिसर में रखे तीनों क्लोरीन सिलेंडरों को सुरक्षित रूप से हटाने के लिए
नागदा स्थित ग्रासिम कंपनी की तकनीकी टीम को बुलाया गया।
सीहोर नगर पालिका के मुख्य नगरपालिका अधिकारी
सुधीर सिंह के अनुसार,
विशेषज्ञ दल ने तीनों सिलेंडरों को ट्रक में लोड कर प्लांट से बाहर भिजवा दिया।

तात्कालिक खतरा टला

सिलेंडर हटाए जाने के बाद प्रशासन का कहना है कि क्षेत्र में बना तत्काल जोखिम समाप्त हो गया है।
हालांकि रिसाव के वास्तविक कारणों की जांच जारी है।

रिसाव की वजह पर ग्रामीणों और प्रशासन के अलग-अलग दावे

क्लोरीन गैस रिसाव के कारणों को लेकर ग्रामीणों और प्रशासनिक अधिकारियों के बयानों में अंतर सामने आया है।
ग्रामीणों का आरोप है कि सिलेंडरों की शिफ्टिंग अथवा गैस निष्कासन के दौरान लापरवाही बरती गई,
जिससे गैस का असर आबादी वाले हिस्से तक पहुंचा।


प्रशासन का दावा


नगर पालिका प्रशासन का कहना है कि तकनीकी टीम ने सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए काम किया।
रिसाव किस स्थान से हुआ और कितनी मात्रा में गैस निकली, यह जांच रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगा।

क्लोरीन गैस के संपर्क में आएं तो क्या करें?

◆ प्रभावित क्षेत्र से तुरंत दूर हटें और खुले, हवादार स्थान पर जाएं
◆ आंखों में जलन होने पर साफ पानी से अच्छी तरह धोएं
◆ सांस लेने में दिक्कत हो तो तुरंत अस्पताल या डॉक्टर से संपर्क करें
◆ गैस से प्रभावित कपड़ों को बदलें और शरीर को पानी से साफ करें
◆ बच्चों, बुजुर्गों और सांस के मरीजों को विशेष सावधानी की जरूरत होती है

राहत के साथ जांच भी जरूरी

तीनों क्लोरीन सिलेंडर हटाए जाने के बाद स्थिति नियंत्रण में है,
लेकिन घटना ने वाटर ट्रीटमेंट प्लांट की सुरक्षा व्यवस्था और गैस सिलेंडरों के संचालन पर कई सवाल खड़े किए हैं।
अब जांच रिपोर्ट से ही रिसाव की असली वजह स्पष्ट होगी।

नोट: रिसाव के कारणों को लेकर ग्रामीणों और प्रशासन के अलग-अलग दावे हैं। वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद स्पष्ट होगा।

सच की दुनिया
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लेखक / डेस्क

skdunia