मध्य प्रदेश में मौसम ने बदला मिजाज, जबलपुर-सतना समेत इन क्षेत्रों में भारी बारिश की संभावना
मानसूनी सिस्टम फिर सक्रिय; पूर्वी और दक्षिणी मध्य प्रदेश के कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश के आसार
सच की दुनिया – भोपाल।
मध्य प्रदेश में पिछले दो से तीन दिनों से मानसूनी गतिविधियों में थोड़ी सुस्ती के बाद एक बार फिर मौसम का मिजाज बदलने लगा है।
कई क्षेत्रों में दोपहर बाद घने बादल छाने, तेज हवाएं चलने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है।
भोपाल और इंदौर सहित कई शहरों में बीते दिनों तेज धूप के कारण अधिकतम तापमान करीब
31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा,
लेकिन सक्रिय मौसमी प्रणालियों के कारण अब बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
तीन दिनों की सुस्ती के बाद नया सिस्टम सक्रिय
बीते तीन दिनों में भोपाल, इंदौर, उज्जैन, ग्वालियर और जबलपुर सहित कई क्षेत्रों में मौसम मुख्य रूप से शुष्क रहा।
अब बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र, मानसून ट्रफ और चक्रवाती परिसंचरण के प्रभाव से
बारिश का नया दौर शुरू होने की संभावना है।
इन संभागों में बढ़ सकती है गतिविधि
इंदौर, उज्जैन, जबलपुर और सागर संभाग के विभिन्न क्षेत्रों में बादल, तेज हवा और बारिश की गतिविधियां बढ़ने के संकेत हैं।
इन 12 जिलों में भारी बारिश की संभावना
◆ मऊगंज
◆ रीवा
◆ सतना
◆ मैहर
◆ शहडोल
◆ अनूपपुर
◆ डिंडौरी
◆ मंडला
◆ सिवनी
◆ बालाघाट
◆ छिंदवाड़ा
कितनी बारिश हो सकती है?
इन जिलों में अलग-अलग स्थानों पर लगभग 64.5 मिलीमीटर से 115.5 मिलीमीटर तक बारिश दर्ज होने की संभावना जताई गई है।
जबलपुर में भी बादल और बारिश के आसार
जबलपुर और आसपास के इलाकों में मौसम की गतिविधि बढ़ने के संकेत हैं।
बादलों की आवाजाही के साथ कहीं-कहीं बारिश और गरज-चमक की स्थिति बन सकती है।
मौजूदा ताजा पूर्वानुमान में भी जबलपुर क्षेत्र में बारिश और तूफानी गतिविधि के संकेत हैं।
मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश में भारी बारिश की संभावना कम
दूसरी ओर प्रदेश के पश्चिमी और मध्य हिस्सों में फिलहाल भारी बारिश के आसार अपेक्षाकृत कम बताए गए हैं।
कई जिलों में धूप और आंशिक बादलों वाला मौसम देखने को मिल सकता है।
बुरहानपुर, खंडवा, देवास, सीहोर, गुना, शाजापुर, विदिशा, आगर-मालवा,
दतिया, मंदसौर, नीमच, शिवपुरी, ग्वालियर, अशोकनगर, निवाड़ी, भिंड,
टीकमगढ़ और मुरैना।
बारिश और बिजली के दौरान रखें सावधानी
◆ बिजली चमकने पर पेड़ों के नीचे खड़े न हों
◆ खुले मैदान और ऊंचे स्थानों से दूर रहें
◆ नदी-नालों में अचानक बढ़ते जलस्तर से सतर्क रहें
◆ स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर बनाए रखें
कुछ दिनों की सुस्ती के बावजूद मध्य प्रदेश में मानसून की गतिविधियां समाप्त नहीं हुई हैं।
सक्रिय मौसमी प्रणालियों के चलते पूर्वी और दक्षिणी जिलों में बारिश का नया दौर देखने को मिल सकता है।





