भोपाल के मास्टर प्लान को लेकर कांग्रेस का बड़ा आंदोलन, PC शर्मा ने शुरू किया 31 घंटे का उपवास
रोशनपुरा में धरना; दिग्विजय सिंह, जीतू पटवारी समेत कई वरिष्ठ नेताओं के शामिल होने का दावा, राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन
दैनिक रेवांचल टाइम्स – भोपाल।
मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल के लंबित मास्टर प्लान को जल्द लागू कराने की मांग को लेकर कांग्रेस ने राज्य सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है।
पूर्व मंत्री एवं वरिष्ठ कांग्रेस नेता
पीसी शर्मा
रोशनपुरा चौराहे स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने
31 घंटे के उपवास और धरने पर बैठ गए हैं।
रोशनपुरा में उपवास पर बैठे पीसी शर्मा
भोपाल के विकास से जुड़े मास्टर प्लान को लेकर पूर्व मंत्री पीसी शर्मा ने
रोशनपुरा चौराहे स्थित कांग्रेस कार्यालय के सामने आंदोलन शुरू किया है।
उनका कहना है कि राजधानी के सुनियोजित विकास के लिए मास्टर प्लान बेहद महत्वपूर्ण है और इसे लंबे समय तक लंबित रखना शहर के हित में नहीं है।
भाजपा नेताओं की जमीन को लेकर लगाया गंभीर आरोप
पीसी शर्मा ने सत्ताधारी दल पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि भोपाल का मास्टर प्लान जानबूझकर रोका गया है।
उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस की 15 महीने की सरकार के दौरान मास्टर प्लान तैयार कर लिया गया था, लेकिन वर्तमान सरकार इसे जारी नहीं कर रही है।
जमीनों के हित फंसे होने का दावा
शर्मा ने आरोप लगाया कि भाजपा से जुड़े कुछ नेताओं की निजी जमीनों के हित प्रभावित होने के कारण मास्टर प्लान को अटकाया जा रहा है।
उन्होंने दावा किया कि इसका खामियाजा भोपाल के व्यापारियों और आम नागरिकों को भुगतना पड़ रहा है।
दिग्विजय सिंह से जीतू पटवारी तक, कई बड़े नेता होंगे शामिल
कांग्रेस की ओर से बताया गया कि 31 घंटे के इस उपवास आंदोलन में पार्टी के कई वरिष्ठ नेता सहभागिता करेंगे।
इनमें पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह,
पूर्व मंत्री जयवर्धन सिंह,
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष जीतू पटवारी
और नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार सहित अन्य नेता शामिल हैं।
◆ जयवर्धन सिंह
◆ जीतू पटवारी
◆ उमंग सिंघार
◆ कांग्रेस के अन्य पदाधिकारी और कार्यकर्ता
राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग करेगा कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल
कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल राज्यपाल से मुलाकात कर भोपाल मास्टर प्लान के मामले में हस्तक्षेप करने का अनुरोध करेगा।
पार्टी की मांग है कि राजधानी के भविष्य और विकास से जुड़े मास्टर प्लान पर जल्द निर्णय लिया जाए।
सागर जहरीली शराब मामले पर भी सरकार को घेरा
सागर जिले में जहरीली शराब से हुई मौतों और आरोपी के एनकाउंटर के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पीसी शर्मा ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए।
उन्होंने कहा कि यदि समय रहते प्रभावी कार्रवाई की जाती तो लोगों की जान बचाई जा सकती थी।
शराब माफिया और प्रशासन पर मिलीभगत का आरोप
पीसी शर्मा ने आरोप लगाया कि शराब माफिया और प्रशासनिक तंत्र की कथित मिलीभगत के कारण नकली और जहरीली शराब की बिक्री पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है।
कांग्रेस के 31 घंटे के उपवास के साथ भोपाल मास्टर प्लान का मुद्दा एक बार फिर राजनीतिक बहस के केंद्र में आ गया है।
अब निगाहें सरकार के रुख और मास्टर प्लान को लेकर आगे होने वाली कार्रवाई पर टिकी हैं।
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