Sunday, 13 September 2026
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बच्चों की मौत के बाद बालाघाट पहुंचे अभिजीत दीपके, प्रभावित गांवों में परिवारों से जानेंगे हाल

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इस खबर की मुख्य बातें

  • 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की कथित मौत के मामले के बीच अभिजीत दीपके बालाघाट पहुंचे।
  • अडोरी, कोरका और बोनदारी समेत प्रभावित आदिवासी बहुल गांवों का दौरा कर परिवारों से मुलाकात।
  • दीपके ने बच्चों की मौत को लेकर स्वास्थ्य और प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए।
  • दौरे में सहयोग कर रहे कुछ आदिवासी छात्रों को हिरासत में लेने की कोशिश का आरोप लगाया।
  • मामला मध्य प्रदेश हाईकोर्ट तक पहुंचा; संबंधित विभागों और प्रशासन को नोटिस जारी।
  • स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग और बालाघाट कलेक्टर सहित संबंधित पक्षों से जवाब तलब।
  • मामले में अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित बताई गई है।

 

रेवांचल टाइम्स | बालाघाट

बच्चों की मौत के बाद बालाघाट पहुंचे अभिजीत दीपके, प्रभावित गांवों में परिवारों से जानेंगे हाल

30 से अधिक आदिवासी बच्चों की कथित मौत का मामला गरमाया; अडोरी, कोरका और बोनदारी समेत गांवों का दौरा, हाईकोर्ट ने भी मांगा जवाब

बालाघाट।
मध्यप्रदेश के बालाघाट जिले में संक्रामक बीमारियों के चलते 30 से अधिक आदिवासी बच्चों की कथित मौत का मामला लगातार तूल पकड़ रहा है। विपक्षी दल जहां राज्य की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठा रहे हैं, वहीं कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के राष्ट्रीय प्रवक्ता अभिजीत दीपके भी जमीनी स्थिति का जायजा लेने बालाघाट पहुंचे हैं।

स्थानीय आदिवासी युवाओं के साथ दीपके प्रभावित क्षेत्रों में पहुंचकर शोकाकुल परिवारों से मुलाकात कर रहे हैं। बताया जा रहा है कि वे परिजनों से बातचीत कर बच्चों की मौत से जुड़ी परिस्थितियों, स्वास्थ्य सुविधाओं और गांवों की मौजूदा स्थिति की जानकारी जुटा रहे हैं।

पीड़ित परिवारों से मुलाकात, दूरदराज के गांवों तक पहुंच

प्राप्त जानकारी के अनुसार, अभिजीत दीपके अडोरी, कोरका और बोनदारी सहित अन्य दूरदराज के आदिवासी बहुल गांवों का दौरा कर रहे हैं। यहां वे पीड़ित परिजनों से मिलकर वस्तुस्थिति समझने का प्रयास कर रहे हैं।

बालाघाट रवाना होने से पहले दीपके ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर एक बयान साझा करते हुए आदिवासी बच्चों की मौत को बेहद चिंताजनक बताया और इसे लेकर प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े किए।

छात्रों को हिरासत में लेने की कोशिश का आरोप

दीपके ने अपने सोशल मीडिया पोस्ट में पुलिस प्रशासन की कार्यशैली पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि स्थानीय आदिवासी कार्यकर्ताओं से मिली जानकारी के मुताबिक उनके दौरे में सहयोग और समन्वय कर रहे कुछ आदिवासी छात्रों को पुलिस द्वारा हिरासत में लेने का प्रयास किया गया।

सरकार पर सवाल:

दीपके ने सवाल उठाया कि जमीनी स्थिति सामने आने को लेकर सरकार और प्रशासन की ओर से कथित तौर पर इस तरह की कार्रवाई क्यों की जा रही है।

हाईकोर्ट ने लिया संज्ञान, शासन-प्रशासन से मांगा जवाब

बच्चों की मौत से जुड़े इस गंभीर मामले में कानूनी मोर्चे पर भी हलचल बढ़ गई है। मध्य प्रदेश उच्च न्यायालय में दायर जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए संबंधित विभागों और प्रशासन से जवाब मांगा गया है।

कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश विवेक रूसिया एवं न्यायमूर्ति प्रदीप मित्तल की युगलपीठ ने राज्य शासन के स्वास्थ्य विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग तथा बालाघाट कलेक्टर सहित संबंधित पक्षों को नोटिस जारी कर विस्तृत जवाब तलब किया है।

कोर्ट अपडेट
मामले की अगली सुनवाई 18 सितंबर को निर्धारित की गई है।

अब नजर आगे की कार्रवाई पर

आदिवासी बच्चों की कथित मौतों को लेकर राजनीतिक, प्रशासनिक और न्यायिक स्तर पर गतिविधियां तेज हो गई हैं। प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद अभिजीत दीपके की ओर से सामने रखी जाने वाली जानकारी और हाईकोर्ट में शासन के जवाब पर अब नजर रहेगी।

दैनिक रेवांचल टाइम्स | बालाघाट

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लेखक / डेस्क

skdunia