PNB में 43 लाख का गोल्ड लोन घोटाला! नकली सोना गिरवी रखकर बैंक को लगाया चूना, दो वैल्युअर्स समेत 14 पर केस
जबलपुर की पंजाब नेशनल बैंक सदर शाखा में बड़ा फर्जीवाड़ा उजागर, बैंक के अधिकृत गोल्ड वैल्युअर्स पर ही लगा विश्वासघात का आरोप।
बैंक के भीतर से रची गई लाखों की साजिश
जबलपुर। शहर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की सदर शाखा में करोड़ों की बैंकिंग व्यवस्था पर सवाल खड़े करने वाला एक बड़ा गोल्ड लोन घोटाला सामने आया है। हैरानी की बात यह है कि इस पूरे फर्जीवाड़े को किसी बाहरी गिरोह ने नहीं, बल्कि बैंक द्वारा अधिकृत किए गए गोल्ड वैल्युअर्स ने ही अंजाम दिया।
प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि नकली सोने को असली बताकर बैंक से ₹38.81 लाख का गोल्ड लोन स्वीकृत कराया गया, जिसकी राशि ब्याज सहित बढ़कर ₹43.17 लाख से अधिक हो गई है।
दो गोल्ड वैल्युअर्स पर धोखाधड़ी का आरोप
पुलिस के अनुसार बैंक के मुख्य शाखा प्रबंधक राजकुमार कोरी ने लिखित शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि बैंक के पैनल में शामिल राजीव सोनी और आशुतोष सराफ ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए नकली आभूषणों को असली सोना प्रमाणित कर दिया।
इन्हीं प्रमाणपत्रों के आधार पर 12 अलग-अलग आवेदकों को गोल्ड लोन स्वीकृत किया गया और बैंक से लाखों रुपये की राशि निकाल ली गई।
री-वैल्यूएशन में खुला फर्जीवाड़े का राज
जब बैंक प्रबंधन को लोन खातों में गड़बड़ी का संदेह हुआ तो गिरवी रखे गए आभूषणों की दोबारा जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट ने बैंक अधिकारियों के होश उड़ा दिए।
बैंक लॉकर में रखा गया कथित सोना पूरी तरह नकली और कम मूल्य का पाया गया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू हुई, जिसमें वैल्युअर्स और लोन आवेदकों की मिलीभगत सामने आई।
12 लोन आवेदकों पर भी दर्ज हुआ मामला
जांच में जिन लोन धारकों की भूमिका सामने आई है उनमें रजनीश दाहिया, नितिन काछी, शहनाज बेगम, सोनू साहू, राहुल सिंह ठाकुर, देवेन्द्र कुर्मी, प्रीती बाई फड़ेरे, पूजा सोनी, सुंदरलाल साहू, सोमनाथ कर्ण, सत्यम पटेल और रिजवान मंसूरी शामिल हैं।
पुलिस का आरोप है कि इन सभी ने सुनियोजित तरीके से नकली आभूषण गिरवी रखकर बैंक से गोल्ड लोन प्राप्त किया।
गंभीर धाराओं में दर्ज हुआ अपराध
कैंट थाना पुलिस ने दोनों गोल्ड वैल्युअर्स समेत सभी आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 61(2)क (आपराधिक साजिश), 49, 234 और 318(4) (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
पुलिस का कहना है कि बैंक रिकॉर्ड जब्त किए जा रहे हैं और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
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