नगर निगम में करोड़ों का टैक्स समायोजन घोटाला? महापौर ने दिए जांच और FIR के निर्देश
25% जमा, बाकी रकम समायोजित! करोड़ों के नुकसान का आरोप
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच के अध्यक्ष डॉ. पी.जी. नाजपांडे ने आरोप लगाया कि हजारों बकायादारों से केवल 25 प्रतिशत राशि जमा कराकर शेष कर राशि को समायोजित कर दिया गया। इससे नगर निगम को करोड़ों रुपये का नुकसान हुआ है।
दूसरे वार्डों के टैक्स भी हुए समायोजित?
प्रतिनिधिमंडल का आरोप है कि कुछ अधिकारियों और कर्मचारियों ने अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर अन्य वार्डों के टैक्स का भी समायोजन किया। बताया गया कि संभागीय अधिकारी और आरआई की आईडी का उपयोग कर दूसरे क्षेत्रों के करों में भी हस्तक्षेप किया गया।
महापौर का बड़ा फैसला
- ✅ आज ही जांच समिति का गठन किया जाएगा।
- ✅ समिति को 10 दिनों में रिपोर्ट सौंपने के निर्देश।
- ✅ पुलिस विभाग को पत्र लिखकर FIR दर्ज कराने की पहल।
- ✅ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का आश्वासन।
इन संगठनों ने सौंपा ज्ञापन
नागरिक उपभोक्ता मार्गदर्शक मंच, भारतीय वरिष्ठ नागरिक एसोसिएशन, महिला समिति, मानव अधिकार क्रांति संगठन एवं पेंशनर समाज के प्रतिनिधियों ने महापौर को ज्ञापन सौंपकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
गोहलपुर पुलिया चौड़ीकरण पर भी उठे सवाल
बैठक के दौरान गोहलपुर पुलिया चौड़ीकरण का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। महापौर ने बताया कि नई ड्राइंग और डिजाइन को जबलपुर इंजीनियरिंग कॉलेज भेजा गया है और अगले सप्ताह से कार्य दोबारा शुरू होने की संभावना है।
अब सबकी नजर जांच रिपोर्ट पर
नगर निगम के कथित टैक्स समायोजन घोटाले ने शहर की राजनीति और प्रशासनिक गलियारों में हलचल मचा दी है। अब सभी की नजर जांच समिति की रिपोर्ट और संभावित FIR पर टिकी हुई है।
सच्चाई की पड़ताल, जनता के सवाल
