नगर निगम के 2200 करोड़ के बजट पर घमासान
सत्तापक्ष vs विपक्ष आमने-सामने
जबलपुर। नगर निगम के 2200 करोड़ रुपए के बजट को लेकर सदन की बैठक के दूसरे दिन सत्तापक्ष और विपक्ष आमने-सामने नजर आए। बैठक में जहां सत्तापक्ष ने शहर के विकास कार्यों और उपलब्धियों का ब्योरा प्रस्तुत किया, वहीं विपक्ष ने बजट की प्राथमिकताओं और जमीनी हकीकत पर सवाल खड़े किए।
सत्तापक्ष का दावा: तेजी से हो रहा विकास
महापौर जगत बहादुर सिंह अन्नू ने कहा कि नगर निगम ने शहर के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए बड़े स्तर पर काम किया है। उन्होंने बताया कि करीब 650 करोड़ रुपए की लागत से नालों, नालियों और सड़कों का जाल बिछाया गया है।
✔ 650 करोड़ – सड़क और नाली निर्माण
✔ 100 करोड़ – उद्यानों का कायाकल्प
✔ 50 करोड़ – जल आपूर्ति सुधार
✔ 20 करोड़ – आधुनिक प्रकाश व्यवस्था
वर्तमान में करीब 1000 करोड़ रुपए के विकास कार्य शहर में प्रगति पर हैं। महापौर ने दावा किया कि जबलपुर ने स्वच्छता में देश में 5वां स्थान और वायु गुणवत्ता में दूसरा स्थान हासिल किया है।
आगामी योजनाएं: 3000 करोड़ के नए कार्य
महापौर अन्नू के अनुसार, अगले डेढ़ साल में शहर के विकास के लिए 3000 करोड़ रुपए के नए कार्यों का भूमिपूजन किया जाएगा। उन्होंने कहा कि जबलपुर अब महानगरों की दौड़ में तेजी से आगे बढ़ रहा है।
विपक्ष का हमला
वहीं विपक्ष ने सत्तापक्ष के दावों को खारिज करते हुए कहा कि करोड़ों रुपए के बजट के बावजूद शहर की जमीनी स्थिति बेहतर नहीं है।
"अगर बजट का सही उपयोग और स्पष्ट रणनीति होती, तो शहर की तस्वीर अलग होती।"
उन्होंने सड़कों, जल निकासी और मूलभूत सुविधाओं की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए।
