रिश्ता तय, कार्ड छपे, रस्में हुईं... फिर दुल्हन ने किया शादी से इनकार, पुलिस जांच में जुटी


 शादी के नाम पर बड़ा खेल! कार्ड छपे, हल्दी-मेहंदी हुई... फिर दुल्हन ने किया इनकार, एजेंट पर ठगी का आरोप

सागर मध्य प्रदेश में शादी के नाम पर ठगी का एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने आरोप लगाया है कि महिला एजेंट ने पहले रिश्ता तय कराया, शादी की पूरी तैयारियां करवा दीं, कार्ड तक छपवा दिए, लेकिन विवाह से ठीक पहले दुल्हन ने शादी करने से इनकार कर दिया। पीड़ित परिवार का आरोप है कि इस पूरे घटनाक्रम में उनके साथ आर्थिक और मानसिक रूप से बड़ा धोखा हुआ है।

 फोटो दिखाकर तय कराया रिश्ता

पीड़ित नरेश वाल्मीकि ने कोतवाली थाने में दर्ज शिकायत में बताया कि कैंट क्षेत्र की एक महिला एजेंट ने उन्हें एक युवती की फोटो दिखाकर शादी कराने का भरोसा दिलाया। पहले युवती का नाम प्रियंका बताया गया, बाद में उसका नाम पूजा बताया गया। रिश्ता तय होने के बाद एजेंट ने शादी की प्रक्रिया शुरू कराने के नाम पर 10 हजार रुपये जमा कराए और भरोसा दिलाया कि शादी वाले दिन युवती को छतरपुर से सागर लाया जाएगा।

 कार्ड छपे, रस्में हुईं... लेकिन शादी नहीं हुई

परिवार ने एजेंट की बात पर भरोसा करते हुए शादी के कार्ड छपवाए, हल्दी-मेहंदी सहित अन्य रस्में भी पूरी कर लीं। लेकिन विवाह से कुछ दिन पहले एजेंट ने अचानक सूचना दी कि युवती शादी के लिए तैयार नहीं है। इसके बाद दूसरी लड़की से शादी कराने का आश्वासन दिया गया।

पीड़ित परिवार का आरोप है कि लड़की दिखाने के नाम पर उन्हें रीवा, जबलपुर सहित कई शहरों में घुमाया गया। जबलपुर में कथित लड़की पक्ष ने शादी के बदले पहले 1 लाख 20 हजार रुपये और बाद में 65 हजार रुपये की मांग की। बात नहीं बनी और तय तारीख निकल गई। मजबूरन शादी और रिसेप्शन दोनों रद्द करने पड़े।

 महिला एजेंट को पकड़कर थाने पहुंचे परिजन

घटना के बाद नाराज परिजन महिला एजेंट को अपने साथ लेकर कोतवाली थाना पहुंचे और पुलिस को पूरा मामला बताया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है।

 इंदौर के आश्रम का आया नाम

महिला एजेंट ने पूछताछ में बताया कि उसकी बातचीत इंदौर के एक आश्रम से जुड़ी जसप्रीत नामक महिला से होती थी। संपर्क टोल-फ्री नंबर के माध्यम से कराया जाता था और भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजा जाता था। भुगतान होने के बाद शादी संबंधी रसीद भी जारी की जाती थी। एजेंट का दावा है कि आश्रम के माध्यम से अनाथ लड़कियों के विवाह कराए जाते हैं।

महिला एजेंट का कहना है कि जब युवती ने शादी से इनकार कर दिया था, तब उसने लड़के पक्ष को शादी के कार्ड नहीं छपवाने की सलाह दी थी। हालांकि पीड़ित परिवार इस दावे को खारिज करते हुए पूरे मामले में सुनियोजित ठगी का आरोप लगा रहा है।

 पुलिस कर रही पूरे मामले की जांच

कोतवाली पुलिस का कहना है कि शिकायत के आधार पर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। यदि जांच में ठगी या धोखाधड़ी के साक्ष्य मिलते हैं तो संबंधित लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

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