जबलपुर। जिले में तहसीलदार और अधीक्षक भू-अभिलेख के अधिकारियों के लिए कार्यप्रणाली अब सख्त कर दी गई है। कलेक्टर दीपक सक्सेना ने नई कार्य व्यवस्था के आदेश जारी करते हुए कहा है कि अब अधिकारियों को न्यायालयीन कार्य के दौरान ई-अटेंडेंस दर्ज करना अनिवार्य होगा और रोजाना 8 घंटे न्यायालय में उपस्थित रहना होगा।
आदेश में स्पष्ट किया गया है कि राजस्व न्यायालयीन कार्य के लिए नियुक्त अधिकारी कार्यपालिक मजिस्ट्रेट का दायित्व भी संभाल सकेंगे। साथ ही वे न केवल राजस्व प्रकरणों की सुनवाई करेंगे, बल्कि भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 (BNSS) के अंतर्गत आने वाले मामलों की सुनवाई का अधिकार भी रखेंगे।
कलेक्टर ने चेतावनी दी है कि आदेश का पालन नहीं करने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का मानना है कि नई व्यवस्था से न्यायालयीन कार्यकुशलता और जवाबदेही दोनों में सुधार होगा।