प्रधान आरक्षक ने ट्रेन के सामने कूदकर दी जान, विभाग में शोक की लहर

 


इंदौर। शहर की पुलिस व्यवस्था को उस वक्त गहरा झटका लगा, जब कनाड़िया थाने में पदस्थ प्रधान आरक्षक जितेंद्र चौहान ने आत्मघाती कदम उठाते हुए ट्रेन के सामने कूदकर अपनी जान दे दी। उनका शव लसूड़िया थाना क्षेत्र के समीप रेलवे ट्रैक पर पड़ा मिला। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी है।

बताया जा रहा है कि चौहान बीते कुछ दिनों से लगातार ड्यूटी से अनुपस्थित चल रहे थे, जिसको लेकर विभाग में भी चर्चा और चिंता बनी हुई थी। लेकिन किसी को यह अंदेशा नहीं था कि हालात इतने गंभीर हो सकते हैं।

जितेंद्र चौहान पुलिस विभाग में केवल एक आरक्षक नहीं थे, बल्कि उन्हें विभाग का टेक्निकल एक्सपर्ट भी माना जाता था। वह लंबे समय तक इंदौर के डीसीपी ज़ोन-2 कार्यालय में कंप्यूटर ऑपरेटर के रूप में नियुक्त रहे और डेटा विश्लेषण से लेकर तकनीकी सहायता तक के कार्यों में अहम भूमिका निभाते थे।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, चौहान ने भूमाफिया के खिलाफ गठित विशेष जांच दल (SIT) में भी उल्लेखनीय योगदान दिया था। तत्कालीन डीसीपी आशुतोष बागरी के नेतृत्व में जब यह जांच दल बनाया गया था, तब जितेंद्र ने कई अहम तकनीकी साक्ष्य जुटाकर जांच को दिशा देने में मदद की थी।

फिलहाल पुलिस आत्महत्या के कारणों की गहराई से जांच कर रही है। चौहान के परिजनों और विभागीय सहकर्मियों से पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि किन मानसिक या व्यक्तिगत परिस्थितियों के चलते उन्होंने यह कठोर कदम उठाया।

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