भ्रष्टाचार का खुलासा: पटवारी ने 'लाड़ली बहना योजना' की राशि से मांगी रिश्वत, SDM ने जारी किया कारण बताओ नोटिस



मैहर (सतना)।प्रदेश में पारदर्शिता और महिला सशक्तिकरण की मंशा को उस वक्त गहरा आघात लगा, जब सतना जिले के मैहर जनपद अंतर्गत हिनौता पंचायत में पदस्थ पटवारी अर्जुन प्रजापति पर रिश्वत मांगने का गंभीर आरोप सामने आया। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में पटवारी एक किसान से सीमांकन की प्रतिलिपि देने के एवज में ₹2,500 की मांग करता स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है।

वीडियो के अनुसार, पटवारी पहले ही किसान से ₹500 ले चुका था। इसके बाद किसान ने अपनी विवशता जाहिर करते हुए ₹600 और दिए, लेकिन पटवारी ने स्टांप शुल्क के नाम पर ₹1,000 अतिरिक्त मांगे। जब किसान ने आर्थिक तंगी की बात कही, तो पटवारी ने बेहिचक सुझाव दिया कि वह ‘लाड़ली बहना योजना’ से प्राप्त राशि से रिश्वत चुका दे।

प्रशासन हरकत में आया, कार्रवाई के संकेत
मामले के तूल पकड़ते ही मैहर के एसडीएम विकास सिंह ने तत्परता दिखाते हुए पटवारी अर्जुन प्रजापति को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया आरोपों में गंभीरता है, और पटवारी के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की जा रही है। साथ ही, विभागीय जांच भी शुरू कर दी गई है।

21 दिन में दूसरा मामला, सिस्टम पर उठे सवाल
यह घटना सतना जिले में बीते 21 दिनों में दूसरी बार सामने आई है जब राजस्व विभाग से जुड़े किसी अधिकारी पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा हो। इससे पूर्व, कोठी तहसील के भंवर क्षेत्र में पदस्थ पटवारी शिवेंद्र सिंह पटेल को चार किसानों के ज़मीन पट्टों के बदले ₹13,000 की रिश्वत लेने के आरोप में निलंबित किया जा चुका है। शिवेंद्र पर ₹15,000 की मांग करने का आरोप था।

सवाल यह उठता है कि क्या सरकार की जनकल्याणकारी योजनाएं अब भ्रष्टाचार की भेंट चढ़ रही हैं?
जहां एक ओर मुख्यमंत्री ‘लाड़ली बहना योजना’ जैसी योजनाओं के माध्यम से महिलाओं को आर्थिक रूप से सक्षम बनाने का दावा करते हैं, वहीं ज़मीनी स्तर पर जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा उन्हीं योजनाओं की राशि को रिश्वत के तौर पर मांगना न केवल प्रशासनिक विफलता की ओर इशारा करता है, बल्कि जनविश्वास को भी ठेस पहुंचाता है।

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