घूसखोरी का पर्दाफाश: लोकायुक्त पुलिस ने माध्यमिक शिक्षक को रंगे हाथों पकड़ा



मध्य प्रदेश के अलीराजपुर जिले में एक बड़ी कार्रवाई के तहत लोकायुक्त पुलिस ने एक माध्यमिक शिक्षक को रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों पकड़ा है। यह मामला शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार और धमकी के गंभीर आरोपों को उजागर करता है।

 क्या है पूरा मामला?

लोकायुक्त पुलिस के अनुसार, आरोपी शिक्षक मनीष भावसार (45), जो जन शिक्षा केंद्र में माध्यमिक शिक्षक के पद पर तैनात है, ने एक अतिथि शिक्षक खीमा अजनार (43) से 5,000 रुपये की रिश्वत मांगी थी। यह घटना शुक्रवार को सरकारी कार्यालय में घटी, जहां भावसार रिश्वत की रकम ले रहा था।


 शिकायत कैसे हुई?

लोकायुक्त पुलिस को यह जानकारी अतिथि शिक्षक खीमा अजनार द्वारा दी गई शिकायत के माध्यम से प्राप्त हुई। शिकायतकर्ता ने बताया कि 26 नवंबर को आरोपी मनीष भावसार ने प्राथमिक विद्यालय का निरीक्षण किया था। निरीक्षण के दौरान विद्यालय में छात्रों की कम उपस्थिति को आधार बनाकर भावसार ने अजनार से 10,000 रुपये की सालाना रिश्वत की मांग की। धमकी दी गई थी कि अगर यह रकम नहीं दी गई, तो अजनार को नौकरी से निकालने की सिफारिश की जाएगी।


#### लोकायुक्त की त्वरित कार्रवाई

शिकायत मिलने के बाद लोकायुक्त पुलिस ने तत्काल योजना बनाई और आरोपी शिक्षक को रंगे हाथों पकड़ने के लिए जाल बिछाया। शुक्रवार को अजनार से रिश्वत की रकम लेते समय भावसार को गिरफ्तार कर लिया गया।


 शिक्षा विभाग पर उठ रहे सवाल

इस घटना के बाद शिक्षा विभाग की साख पर सवाल खड़े हो गए हैं। एक ओर जहां शिक्षक बच्चों को नैतिकता का पाठ पढ़ाने के लिए जिम्मेदार होते हैं, वहीं इस तरह के भ्रष्टाचार से विभाग की छवि को गहरी चोट पहुंची है।



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