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Thursday, November 7, 2019

शादी करने की योजना है तो यहाँ जानें शुभ विवाह मुहूर्त

विवाह इस प्रकृति का सबसे महत्वपूर्ण नियम है। भगवान द्वारा बनाए गए जब स्त्री व पुरुष का सामाजिक रूप से मिलान होता है उस प्रक्रिया को विवाह कहते हैं। शादी सिर्फ हिंदू धर्म का ही नहीं बल्कि हर धर्म का बड़ा संस्कार है। जिसे संपन्न कराने के लिए विशेष मुहूर्त का निर्धारण किया जाता है। ज्योतिषी भी बेहतर परिणाम के लिए हर शुभ कार्य को मुहूर्त अनुसार करने की सलाह देते है। हिन्दू धर्म में पंडित विवाह का शुभ मुहूर्त वर-वधु की कुंडली, ग्रहों की चाल और राशि के आधार पर निकालते हैं। वर और वधु की कुंडली मिलान करवाने के बाद जो तिथि व मुहूर्त तय किया जाता है उसी को शादी का शुभ मुहूर्त कहते हैं। ऐसी मान्यता है कि शादी में जितनी महत्वपूर्ण परंपराएं होती हैं उतना ही महत्वपूर्ण मुहूर्त भी होता है।

विवाह मुहूर्त की आवश्यकता

आधुनिकता का चोला ओढ़े आजकल कई लोग शादी करने के लिए शुभ मुहूर्त कम ही निकलवाते हैं। इन लोगों को लगता है कि हर दिन शुभ है और हर कार्य शुभ है। जबकि इस मानसिकता के चलते कई बार लोगों को भारी नुकसान भी उठाना पड़ता है। ज्योतिषशास्त्रों का मानना है कि शुभ मुहूर्त पर विवाह संपन्न कराने से शादीशुदा जोड़ा हमेशा खुश रहता है। इतना ही नहीं शुभ मुहूर्त का प्रभाव तो इतना होता है कि लड़की ताउम्र सुहागन रहती है। इसलिए विवाह जैसा सर्वोच्च संस्कार मुहूर्त के अनुसार ही कराना अनिवार्य होता है।

विवाह के शुभ मुहूर्त का महत्व

समाज की वृद्धि के लिए स्त्री पुरुष का विवाह होना बेहद आवश्यक है। शादी के वक्त मुहूर्त निकालने के लिए पंडित जोड़े की कुंडली मांगते हैं। यदि शादी शुभ मुहूर्त पर की जाती है तो ये देखा गया हैं कि जोड़े का पारिवारिक जीवन अच्छा व्यतीत होता है, आपस में काफी अच्छी बनती है, और लड़की को ससुराल में प्यार मिलता है आदि। शायद यही कारण है कि विवाह के लिए कुंडली मिलान से लेकर सात फेरे लेने तक सब चीज के लिए शुभ मुहूर्त निकलवाया जाता है।

शुभ विवाह का ज्योतिषी तथ्य

  • विवाह बहुत ही गंभीर और संवेदनशील विषय है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की जल्दबाजी और लापरवाही नहीं करनी चाहिए।
  • वैसे तो शादी के लिए मुहूर्त तय करने का कोई खास मापदंड नहीं हैं लेकिन लड़की और लड़के की कुंडली के मुताबिक ग्रहों और नक्षत्रों की चाल को देखते हुए ही ये मुहूर्त निकालना अनिवार्य होता है।
  • कई बार लोग जल्दी शादी कराने के चक्कर में ग्रहों, नक्षत्रों और अन्य दोषों को नजरअंदाज कर देते हैं, जो कतई नहीं करना चाहिए।

शुभ विवाह मुहूर्त निकालते वक़्त इन बातों का रखें ध्यान

  • लड़की के ग्रह लड़के से भारी नहीं होने चाहिए, इसलिए कुंडली मिलान जरूर करें।
  • य​दि लड़की की उम्र लड़के से ज्यादा होगी तो यह उनकी होने वाली संतान के लिए अच्छा नहीं माना जाता है।
  • यदि कोई व्यक्ति मांगलिक है तो उसकी शादी मांगलिक से ही कराना उचित होता है।
  • विवाह वाले दिन भावी जोड़े को मीट, अण्डे आदि का सेवन नहीं पर्ण चाहिए।
  • विवाह मुहूर्त किसी अनुभवी ज्योतिषी या पुरोहित से ही निकलवाना चाहिए

 विवाह के आगामी शुभ मुहूर्त 

8 नवंबरशुक्रवारएकादशीउत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में12:24- 30:39 बजे तक
9 नवंबरशनिवारद्वादशीउत्तरा भाद्रपद नक्षत्र में06:39 - 10:14,
11:26 - 14:55 बजे तक
रेवती नक्षत्र में14:55 - 30:40 बजे तक
10 नवंबररविवारत्रयोदशीरेवती नक्षत्र में06:40 - 16:30 बजे तक
अश्विनी नक्षत्र में18:06 - 30:41 बजे तक
11 नवंबरसोमवारचतुर्दशीअश्विनी नक्षत्र में06:41 - 10:48 बजे तक
13 नवंबरबुधवारप्रतिपदारोहिणी नक्षत्र में22:00 - 30:43 बजे तक
14 नवंबरगुरुवारद्वितीयारोहिणी नक्षत्र में06: 43 - 25:11 बजे तक
19 नवंबरमंगलवारसप्तमीमघा नक्षत्र में22:10 - 30:48 बजे तक
20 नवंबरबुधवारअष्टमीमघा नक्षत्र में06:48 - 19:17 बजे तक
21 नवंबरगुरुवारनवमीउत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में18:29 - 22:17 बजे तक
22 नवंबरशुक्रवारदशमीउत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में09:01 - 16:41 बजे तक
हस्त नक्षत्र में16:41 - 30:50 बजे तक
23 नवंबरशनिवारद्वादशीहस्त नक्षत्र में06:50 - 14:44 बजे तक
चित्रा नक्षत्र में14:44 - 27:43 बजे तक
28 नवंबरगुरुवारद्वितीयामूल नक्षत्र में08:22 - 16:18,
18:18 - 30:55 बजे तक
29 नवंबरशुक्रवारतृतीयामूल नक्षत्र में06:55 - 07:33 बजे तक
30 नवंबरशनिवारचतुर्थीउत्तराषाढ़ा नक्षत्र में18:05 - 23:14 बजे तक
1 दिसंबररविवारपंचमीश्रवण नक्षत्र में11:29 - 30:57 बजे तक
2 दिसंबरसोमवारषष्ठीश्रवण नक्षत्र में06: 57 - 11:43 बजे तक
धनिष्ठा नक्षत्र में11:4 3 - 13:37,
17:13 - 30:58 बजे तक
3 दिसंबरमंगलवारसप्तमीधनिष्ठा नक्षत्र में06:58 - 14:16 बजे तक
7 दिसंबरशनिवारएकादशीरेवती नक्षत्र में17:03 - 19:35 बजे तक
8 दिसंबररविवारएकादशीअश्विनी नक्षत्र में08:29 - 17:15 बजे तक
10 दिसंबरमंगलवारत्रयोदशीरोहिणी नक्षत्र में29:57 - 31:04 बजे तक
11 दिसंबरबुधवारचतुर्दशीरोहिणी नक्षत्र में07:04 - 10:59,
22:54 - 31:04 बजे तक
12 दिसंबरगुरुवारपूर्णिमामृगशिरा नक्षत्र में07:04 - 30:18 बजे तक

                                                                                                                                         ज्योतिषाचार्य
                                                                                                                                 पंडित दया शंकर मिश्रा
                                                                                                                                        9300049887

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