ब्लैकमेलिंग के जाल में फंसे आरक्षक की मौत, 5 साल तक बनाते रहे शिकार! दो नर्स और भाई गिरफ्तार
मंडला। बम्हनी बंजर थाना परिसर में पदस्थ आरक्षक सुनील सरयाम की संदिग्ध मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया है कि आरक्षक को कथित तौर पर आपत्तिजनक फोटो और वीडियो के आधार पर लंबे समय से ब्लैकमेल किया जा रहा था। मामले में दो संविदा स्टाफ नर्स और उसके भाई को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस की कार्रवाई, तीन आरोपी गिरफ्तार
पुलिस ने मृतक द्वारा छोड़े गए पत्र और प्रारंभिक जांच के आधार पर दो संविदा स्टाफ नर्सों तथा उनके भाई को गिरफ्तार किया है। पत्र में आरक्षक ने स्पष्ट रूप से आरोपियों के नाम लिखते हुए मानसिक प्रताड़ना और ब्लैकमेलिंग का जिक्र किया था।
डिजिटल साक्ष्य भी मिले
पुलिस अधीक्षक राजेश रघुवंशी के अनुसार आरोपियों के कब्जे से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य बरामद किए गए हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि कोविड काल के दौरान मृतक पुलिसकर्मी का आरोपियों से संपर्क हुआ था, जिसके बाद आपत्तिजनक सामग्री के जरिए उसे लगातार प्रताड़ित किया जाने लगा।
पत्र में बयां किया दर्द
8 जून को बम्हनी बंजर थाना परिसर स्थित सरकारी क्वार्टर में आरक्षक सुनील सरयाम का शव मिला था। मौके से बरामद पत्र में उन्होंने संबंधित लोगों पर मानसिक प्रताड़ना, धमकी और ब्लैकमेलिंग के गंभीर आरोप लगाए थे।
5 साल तक चलता रहा ब्लैकमेलिंग का खेल
पुलिस जांच में पता चला है कि वर्ष 2021 में बम्हनी बंजर में पदस्थापना के दौरान आरक्षक का स्थानीय अस्पताल की दो स्टाफ नर्सों से संपर्क हुआ था। समय के साथ नजदीकियां बढ़ीं और कथित तौर पर उनके आपत्तिजनक वीडियो और फोटो तैयार कर लिए गए।
इन्हीं वीडियो और तस्वीरों के आधार पर पिछले लगभग पांच वर्षों से लगातार पैसों की मांग की जा रही थी। बताया जा रहा है कि आरक्षक कई बार इस मामले को सुलझाने का प्रयास करता रहा, लेकिन ब्लैकमेलिंग का दबाव लगातार बढ़ता गया।
जांच अभी जारी
पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है तो उसके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। गिरफ्तार आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
एक पुलिसकर्मी की मौत ने ब्लैकमेलिंग, मानसिक प्रताड़ना और साइबर शोषण के गंभीर खतरे को फिर उजागर कर दिया है।
