चीन ने कहा, 'वुहान में केवल बात नहीं हुई, सहमतियों को लागू भी करेंगे' - sach ki dunia

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Saturday, May 5, 2018

चीन ने कहा, 'वुहान में केवल बात नहीं हुई, सहमतियों को लागू भी करेंगे'

बाग्ची, नई दिल्ली  पीएम मोदी की चीन यात्रा के ठोस परिणाम भविष्य में दिख सकते हैं। चीन ने कहा है कि वुहान में मोदी और शी चिनफिंग की बैठक केवल 'टॉक शॉप' नहीं थी बल्कि नेताओं ने वास्तविक फैसले लिए। भारत में चीन के राजदूत लुओ झाउहुई ने कहा कि दोनों नेताओं के बीच तय हुई सहमतियों को लागू भी किया जाएगा।
शुक्रवार को पत्रकारों से बातचीत के दौरान चीनी राजदूत ने मोदी + और शी चिनफिंग के बीच मुलाकातों के सिलसिलों और इसके परिणामों पर चर्चा की। राजदूत लुओ ने कहा कि दोनों सरकारों के आगे बढ़ने का तरीका 'क्रियान्वयन, हस्तांतरण और कार्रवाई' का था। उनके मुताबिक दोनों नेताओं के बीच निजी संबंध के लिए यह जरूरी था और इसकी मदद से बैठकों के दौरान लिए गए फैसलों को लागू कराने में मदद मिली।

मोदी और शी के बीच 7 सेशनों में 9 घंटों की मुलाकात हुई। इसमें से 4 घंटे की मुलाकात वन-ऑन-वन रही। चीनी राजदूत ने कहा कि हम चाहते थे कि मोदीजी को ऐसा महसूस हो कि वह घर आए थे। मुलाकातों के दौरान टेबलों पर लगे कवर गुजरात से मंगाए गए थे और चीनी शेफों को गुजराती पकवान बनाने पर तैनात किया गया था। लुओ ने दोनों नेताओं के बीच बने पर्सनल रिश्तों पर ध्यान दिलाते हुए कहा कि 2014 में जब शी चिनफिंग + मोदी के जन्मदिन पर भारत आए थे तो उन्होंने पीएम को शाकाहारी केक गिफ्ट किया था। 

राजदूत ने बताया कि जियामेन मुलाकात के दौरान ही इस अनौपचारिक सम्मेलन को लेकर सहमति बनी थी। दोनों पक्षों न इसे सफल बनाने के लिए काफी कड़ी मेहनत की। राजदूत के मुताबिक भारत और चीन के बीच कई द्विपक्षीय सम्मेलन हुए लेकिन इस बार मामला तीन रूपों में अलहदा था। एक तो यह मुलाकात पेइचिंग से बाहर हुई, दूसरी इसका कोई सेट अजेंडा नहीं था और तीसरा दोनों नेताओं ने ग्लोबल और स्ट्रैटिजिक मुद्दों पर गहराई से विचार किया। 

चीनी राजदूत लुओ ने कहा कि भारत ने व्यापार घाटा पर बात की और भारतीय चीनी, फार्मास्युटिकल प्रॉडक्ट्स और नॉन-बासमती चावल के लिए चीनी बाजार खोलने की इच्छा जाहिर की। गुरुवार को झाउहुई ने ट्वीट किया कि चीन ने 1 मई से 28 दवाओं पर इंपोर्ट टैरिफ हटा लिया है। यह भारतीय फार्मास्युटिकल इंडस्ट्री और चीन को दवाओं का निर्यात करने वाले के लिए अच्छी खबर है। राजदूत ने ट्वीट में लिखा कि इसकी मदद से भविष्य में चीन और भारत के बीच व्यापारिक असंतुलन कम होगा। 

राजदूत ने कहा कि बैठक के बाद उठाए जाने वाले कई कदमों में से यह पहला कदम था। राजदूत ने बताया कि चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग ने मंत्रालयों को निर्देश दिया है कि भारत से अधिक आयात को लेकर काम करें। झाउहुई ने कहा कि भारत और चीन BCIM (बांग्लादेश, चीन, भारत और म्यांमार) ग्रुपिंग पर काम करने के लिए तैयार हुए हैं। इसके अलावा अफगानिस्तान में जॉइंट प्रॉजेक्ट पर भी सहमति बनी है। जब इस बारे में सवाल किया गया तो विदेश मंत्रालय ने कहा कि साझा काम के लिए प्रॉजेक्ट्स को चिन्हित करने का काम चल रहा है। 

इस साल अलग-अलग मौकों पर मोदी और शी चिनफिंग के बीच और तीन मुलाकातें होनी हैं। किंगदाओ में SCO बैठक, जुलाई में साउथ अफ्रीका में ब्रिक्स सम्मेलन और अर्जेंटीना में जी-20 सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं की मुलाकात होनी है। राजदूत के मुताबिक दोनों देश सॉफ्ट पावर जैसे टूरिजम, बौद्धिजम, स्प्रीचिअलिजम, ट्रेडिशन मेडिसिन, फिल्म और स्पोर्ट्स आदि पर फोकस कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चिनफिंग ने मोदी को बताया कि उन्होंने दंगल और सीक्रिट सुपरस्टार, दोनों देखी है। 

राजदूत ने कहा कि पीएम मोदी ने शी चिनफिंग से भारत की 'नेबरहुड फर्स्ट' की नीति पर बात की। शी ने मोदी से अपने मेड इन चाइना 2025 विजन, क्लाइमेट चेंज और अन्य चीजों को लेकर बात की। राजदूत के मुताबिक शी चिनफिंग ने आश्चर्य जताया कि मोदी प्रसिद्ध थ्री जॉर्ज डैम घूम चुके हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के सीएम रहने के दौरान मोदी चार बार चीन की यात्रा पर गए थे। 

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