ITR की डेडलाइन में सिर्फ 3 दिन बाकी, यूं आसानी से फाइल करें रिटर्न - sach ki dunia

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Friday, July 28, 2017

ITR की डेडलाइन में सिर्फ 3 दिन बाकी, यूं आसानी से फाइल करें रिटर्न

प्रीति मोतियानी
ITR फाइल करने में केवल 3 दिन बाकी हैं। जानें, इतने कम दिन बचने के बाद भी आखिर आप कैसे आसानी से इनकम टैक्स रिटर्न फाइल कर सकते हैं।

सभी दस्तावेज रखें पास
ITR फाइल करने से पहले ध्यान रखें कि सभी जरूरी दस्तावोज आपके पास हों। किन-किन दस्तावेजों की आपको जरूरत पड़ने वाली है, ये आपकी आय पर निर्भर करेगा। आमतौर पर जो दस्तावेज चाहिए होते हैं उनमें आपके एंप्लॉयर द्वारा दिया गया फॉर्म 16 , बचत खाते और फिक्स्ड डिपॉजिट पर मिले इंटरेस्ट के स्टेटमेंट्स, टीडीएस सर्टिफिकेट , सभी कटौतियों के प्रूफ, होम लोन पर दिए गए इंटरेस्ट का स्टेटमेंट आदि।

पिछले एंप्लॉयर का टीडीएस सर्टिफिकेट जरूरी
यदि आपने पिछले फाइनैंशल इयर में नौकरी बदली है तो आपको दो फॉर्म 16 की जरूरत होगी। एक फॉर्म 16 आपको मौजूदा एंप्लॉयर से लेना होगा, इसके अलावा एक फॉर्म पिछले एंप्लॉयर से लेना होगा। ज्यादातर लोग दो फॉर्म 16 को लेकर परेशान रहते हैं। ऐसी स्थिति में आमतौर पर टैक्सपेयर्स की परेशानी यह रहती है कि वह टीडीएस को किस तरह से काउंट करें।

फॉर्म 26AS से करें TDS सर्टिफिकेट्स का मिलान
ज्यादातर सैलरीड एंप्लॉयीज को एंप्लॉयर्स से सैलरी टैक्स कटौती के बाद ही मिलती है। यह सुनिश्चित करने के लिए आपके टीडीएस की हर किस्त एंप्लॉयर की ओर से सरकारी खाते में जमा हुई है या नहीं। आपको टीडीएस सर्टिफिकेट में दिए गए अमाउंट को देखना होगा और फॉर्म 26AS चेक करना होगा। फॉर्म 26AS के तहत सालाना टैक्स क्रेडिट स्टेटमेंट होता है, जिसके तहत आपके नाम पर जमा हुए सारे टैक्स का ब्योरा दर्ज होता है।

ITR फाइल करने से पहले चुकाएं सारे ड्यूज
आईटीआर फाइल करने से पहले अपनी ओर चुकाए जाने वाले सारे टैक्स का ब्योरा जान लें। एक बार जब आप अपनी ओर से चुकाए जाने वाले टैक्स का पूरा ब्योरा जान लेंगे तो फिर आप इसमें से टीडीएस को घटाकर बाकी बचे बैलेंस का भुगतान कर सकेंगे। बचे हुए टैक्स को आप नेट बैंकिंग के जरिए या फिर बैंक की शाखा में जाकर चालान के जरिए चुका सकेंगे। अपने ड्यूज चुकाने के बाद एक बार फॉर्म 26AS भी चेक करें कि उसमें यह दिख रहा है या नहीं। हालांकि आमतौर पर टैक्स पेमेंट के कई दिनों बाद ही यह फॉर्म 26AS में दिखता है।

सही ITR फॉर्म चुनें
आईटीआर फाइल करने से पहले यह जरूर चेक कर लें कि आपके लिए कौन सा फॉर्म जरूर है। ऐसा न करने पर यह डिफेक्टिव रिटर्न माना जाएगा। यदि आप अपने लिए जरूरी फॉर्म के अलावा किसी और फॉर्म का इस्तेमाल करते हैं तो इनकम टैक्स ऐक्ट की धारा 139(9) के तहत आपको नोटिस भी मिल सकता है। डिपार्टमेंट से मिले नोटिस में आपको तय समय में दोबारा आईटीआर भरने के लिए भी कहा जा सकता है। यदि आप तय समय में रिवाइज्ड आईटीआर नहीं भर पाते हैं तो माना जाएगा कि आपने कभी आईटीआर फाइल ही नहीं किया।

रिटर्न में ब्याज और अन्य आय को शामिल करें
10 में से छह करदाताओं को लगता है कि टैक्स-सेविंग फिक्स्ड डिपॉजिट का ब्याज भी कर-मुक्त है, जबकि धारा 80C के तहत यह सेविंग टैक्स बचाने में सहायता करती है, लेकिन इसका ब्याज पूरी तरह से टैक्स के दायरे में है। दो साल पहले तक, यदि किसी बैंक शाखा में जमा की गई नकदी से प्राप्त ब्याज की आय 10000 से पार हो जाती थी तो टीडीएस बढ़ जाता था। टीडीएस से बचने के लिए निवेशक विभिन्न शाखाओं में अपनी जमा राशि को विभाजित करते थे। अब, यदि बैंक की सभी शाखाओं में जमा नकदी की आय दी गई सीमा से अधिक होती है तो भी टीडीएस लागू होगा। यदि वित्तीय वर्ष के दौरान आवर्ति जमा पर ब्याज 10000 से अधिक होता है तो भी टीडीएस लागू होगा। जैसे ही टीडीएस लगाया जाता है, पैन का विवरण टैक्स डिपार्टमें में पहुंच जाता है।

टैक्स से छूट वाली आय की जानकारी दें

पीपीएफ अकाउंट पर मिलने वाले ब्याज और टैक्स फ्री बॉन्ड्स से हुई कमाई की जानकारी भी आईटीआर में दें। यह भी याद रखें कि पिछले बजट में ही अनिवार्य किया गया है कि यदि आपकी कमाई और टैक्स से छूट वाली इनकम 2.5 लाख रुपये की सीमा से अधिक होती है, तब भी आपको आईटीआर भरना होगा।

ITR का करें वेरिफिकेशन
आईटीआर भरने का आखिरी चरण उसका वेरिफिकेशन है। आपको अपलोडेड रिटर्न का वेरिफिकेशन करना होगा, तभी उसे वैध माना जाएगा। इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने रिटर्न को वेरिफाई करने के 6 तरीके विकल्प दिए हैं। इनमें से एक आधार OTP और नेट बैंकिंग भी हैं।

डेडलाइन से पहले भरें रिटर्न
इस जरूरी और आखिरी नियम को आप अनदेखा नहीं कर सकते। 31 जुलाई की समय सीमा से पहले रिटर्न भरें। पिछले वर्ष तक देर से रिटर्न दाखिल करने पर कोई जुर्माना नहीं लगाया जाता था। यदि किसी ने अपने सभी टैक्सों का भुगतान किया हो तो वह पिछले दो वर्ष का रिटर्न बिना किसी बाधा के भर सकता था।

सैलरीड पर्सन सहज फॉर्म ही भरेंटैक्सपेयर्स के बीच सबसे बड़ी समस्या यह है कि वह कई बार जानकारी के अभाव में गलत फॉर्म चुन लेते हैं। यदि आपकी आय सिर्फ सैलरी है तो फिर आईटीआर 1 यानी सहज फॉर्म ही भरें। यदि आप कोई प्रोपराइटरी बिजनस चलाते हैं तो फॉर्म 3 या फिर 4 भरें। यह भी ध्यान रखें कि इनकम टैक्स डिपार्टमेंट ने फॉर्म्स के नंबर बदल दिए हैं, इसलिए इनका भी ध्यान रखें।

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