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Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना का ‘गोल्डन पंच’, चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया; मैरी कॉम के बाद रचा इतिहास

भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने अपने 29वें जन्मदिन को ऐतिहासिक बना दिया। एशियन गेम्स 2026 के महिला 75 किग्रा फाइनल में उन्होंने चीन की बाओ जियी (Bao Ziyi) को सर्वसम्मत 5-0 फैसले से हराकर गोल्ड मेडल जीता। यह भारत का इन खेलों में 12वां स्वर्ण पदक है। पिछले एशियन गेम्स की सिल्वर मेडलिस्ट लवलीना अब मैरी कॉम के बाद एशियन गेम्स बॉक्सिंग में गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला बन गई हैं। फाइनल में चार जजों ने मुकाबला 29-28 और एक ने 30-27 से लवलीना के पक्ष में दिया।

Asian Games 2026: जन्मदिन पर लवलीना का ‘गोल्डन पंच’, चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया; मैरी कॉम के बाद रचा इतिहास

स्पोर्ट्स डेस्क। जन्मदिन हो और उसी दिन देश के लिए एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल गले में हो—इससे खूबसूरत तोहफा शायद ही कोई खिलाड़ी खुद को दे सके। भारत की स्टार मुक्केबाज लवलीना बोरगोहेन ने शुक्रवार को अपने 29वें जन्मदिन पर इतिहास रचते हुए एशियन गेम्स 2026 की महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीत लिया।

फाइनल में लवलीना ने मेजबान चीन की चुनौती पेश कर रहीं बाओ जियी (Bao Ziyi) को सर्वसम्मत 5-0 फैसले से पराजित किया। मुकाबला आसान नहीं था, लेकिन लवलीना ने धैर्य, सही टाइमिंग और रणनीतिक मुक्केबाजी के दम पर तीनों राउंड में अपनी पकड़ मजबूत रखी और पिछले एशियन गेम्स के सिल्वर मेडल को इस बार गोल्ड में बदल दिया।

जन्मदिन पर लवलीना का गोल्डन पंच
29वें जन्मदिन पर लवलीना बोरगोहेन ने चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराकर अपने करियर का पहला एशियन गेम्स गोल्ड जीता। पिछले संस्करण में उन्हें सिल्वर मेडल मिला था।

फाइनल में चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया

महिला 75 किग्रा वर्ग का खिताबी मुकाबला जापान के निशियो जिम्नेजियम में खेला गया। लवलीना के सामने चीन की बाओ जियी थीं। घरेलू समर्थन के बीच चीनी मुक्केबाज ने मुकाबले में आक्रामक रवैया अपनाया, लेकिन भारतीय बॉक्सर ने जल्दबाजी करने के बजाय अपनी रणनीति पर भरोसा रखा।

पहला राउंड बेहद करीबी रहा। पांच में से तीन जजों ने इसे लवलीना के पक्ष में दिया और भारतीय मुक्केबाज ने शुरुआती बढ़त हासिल कर ली। इसके बाद लवलीना ने मुकाबले पर अपनी पकड़ और मजबूत कर दी।

दूसरे और तीसरे राउंड में उन्होंने प्रतिद्वंद्वी के आक्रमण का जवाब सही टाइमिंग और सटीक पंचों से दिया। अंतिम निर्णय में सभी पांच जज लवलीना के पक्ष में रहे और मुकाबला 5-0 से उनके नाम हो गया।

जजों का फैसला
चार जजों ने मुकाबला 29-28 से लवलीना के पक्ष में दिया, जबकि एक जज का स्कोर 30-27 रहा। इस तरह भारतीय मुक्केबाज ने सर्वसम्मत फैसले से एशियन गेम्स गोल्ड अपने नाम किया।

पिछली बार सिल्वर, इस बार बदल दिया मेडल का रंग

लवलीना के लिए इस गोल्ड की अहमियत इसलिए भी ज्यादा है क्योंकि पिछले एशियन गेम्स में भी वह फाइनल तक पहुंची थीं। हांगझोऊ में खेले गए पिछले संस्करण के फाइनल में उन्हें चीन की ली कियान के खिलाफ हार का सामना करना पड़ा था और सिल्वर मेडल से संतोष करना पड़ा था।

इस बार कहानी अलग रही। लगातार दूसरे एशियन गेम्स फाइनल में पहुंचीं लवलीना ने पिछली निराशा को पीछे छोड़ा और खिताबी मुकाबला जीतकर मेडल का रंग सिल्वर से गोल्ड कर दिया।

सेमीफाइनल में वर्ल्ड चैंपियन को दी थी मात

लवलीना का फाइनल तक का सफर भी आसान नहीं रहा। क्वार्टर फाइनल में उन्होंने दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 के सर्वसम्मत फैसले से हराकर पदक सुनिश्चित किया था।

इसके बाद सेमीफाइनल में उनका सामना कजाखस्तान की वर्ल्ड चैंपियन नताल्या बोगदानोवा से हुआ। बेहद करीबी मुकाबले में लवलीना ने 3-2 के स्प्लिट डिसीजन से जीत दर्ज करते हुए लगातार दूसरी बार एशियन गेम्स फाइनल में प्रवेश किया।

लवलीना का गोल्ड तक सफर
क्वार्टर फाइनल — दक्षिण कोरिया की सियोंग सुयोन को 5-0 से हराया
सेमीफाइनल — कजाखस्तान की नताल्या बोगदानोवा को 3-2 से हराया
फाइनल — चीन की बाओ जियी को 5-0 से हराया
नतीजा — एशियन गेम्स चैंपियन

मैरी कॉम के बाद गोल्ड जीतने वाली दूसरी भारतीय महिला

इस जीत के साथ लवलीना भारतीय महिला मुक्केबाजी के एक बेहद खास क्लब में शामिल हो गई हैं। वह एशियन गेम्स बॉक्सिंग में गोल्ड मेडल जीतने वाली भारत की दूसरी महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

उनसे पहले छह बार की विश्व चैंपियन एमसी मैरी कॉम ने 2014 के इंचियोन एशियन गेम्स में गोल्ड मेडल जीतकर यह उपलब्धि हासिल की थी। मैरी कॉम ने इससे पहले 2010 के ग्वांगझू एशियन गेम्स में ब्रॉन्ज मेडल भी जीता था।

गोल्ड और सिल्वर जीतने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर

लवलीना की यह उपलब्धि एक और मायने में खास है। पिछले एशियन गेम्स का सिल्वर और इस बार गोल्ड जीतने के साथ वह एशियन गेम्स बॉक्सिंग में गोल्ड और सिल्वर दोनों पदक जीतने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज बन गई हैं।

लवलीना लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल में पहुंचने वाली पहली भारतीय महिला मुक्केबाज भी बनीं। इस उपलब्धि ने भारतीय महिला बॉक्सिंग में उनके स्थान को और मजबूत कर दिया है।

एशियन गेम्स में भारतीय महिला बॉक्सिंग के खास मेडल
मैरी कॉम — 2010 में ब्रॉन्ज, 2014 में गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन — पिछले संस्करण में सिल्वर, 2026 में गोल्ड

लवलीना लगातार दो एशियन गेम्स फाइनल खेलने वाली पहली भारतीय महिला बॉक्सर बनीं।

भारत को मिला 12वां गोल्ड

लवलीना की जीत ने भारत के पदक अभियान को भी बड़ी मजबूती दी। महिला 75 किग्रा बॉक्सिंग में आया यह गोल्ड मौजूदा एशियन गेम्स में भारत का 12वां स्वर्ण पदक बना।

यह इन खेलों में भारत का पहला बॉक्सिंग गोल्ड भी है। भारतीय मुक्केबाजी दल ने मौजूदा संस्करण में पिछले एशियन गेम्स की तुलना में बेहतर पदक प्रदर्शन सुनिश्चित किया है।

29वां जन्मदिन बन गया हमेशा के लिए यादगार

2 अक्टूबर को लवलीना अपना 29वां जन्मदिन मना रही हैं। आमतौर पर जन्मदिन पर खिलाड़ी को परिवार, दोस्तों और प्रशंसकों से तोहफे मिलते हैं, लेकिन लवलीना ने इस बार खुद को ऐसा तोहफा दिया जिसे वह शायद जिंदगी भर नहीं भूलेंगी।

गले में एशियन गेम्स का गोल्ड मेडल और सामने तिरंगा—जन्मदिन पर मिली इस उपलब्धि ने उनके करियर में एक और सुनहरा अध्याय जोड़ दिया। टोक्यो ओलंपिक की ब्रॉन्ज मेडलिस्ट लवलीना के पदक संग्रह में अब एशियन गेम्स का गोल्ड भी शामिल हो गया है।

29वां जन्मदिन + एशियन गेम्स गोल्ड
लवलीना बोरगोहेन के लिए इससे यादगार जन्मदिन शायद ही कोई हो सकता था।
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Arti Lodhi

Editor In Chief

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