जापान के आइची-नागोया में 7.11 मीटर की शानदार छलांग, भारत के खाते में एक और स्वर्ण
नागोया, 19 अक्टूबर। भारत के स्टार पैरा एथलीट निषाद कुमार ने एशियाई पैरा खेल 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में स्वर्ण पदक जीत लिया है। जापान के आइची-नागोया में आयोजित प्रतियोगिता में उन्होंने 7.11 मीटर की सर्वश्रेष्ठ छलांग लगाकर पहला स्थान हासिल किया।
दो बार के पैरालंपिक रजत पदक विजेता निषाद की इस सफलता की खास बात यह है कि उन्होंने पहली बार किसी बड़ी अंतरराष्ट्रीय लंबी कूद प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और सीधे स्वर्ण पदक पर कब्जा जमा लिया।
तीसरे और पांचवें प्रयास में लगाई 7.11 मीटर की छलांग
निषाद कुमार ने प्रतियोगिता की शुरुआत 6.95 मीटर की छलांग के साथ की। दूसरे प्रयास में उन्होंने अपने प्रदर्शन में सुधार करते हुए 7.09 मीटर की दूरी तय की।
तीसरे प्रयास में निषाद ने 7.11 मीटर की छलांग लगाकर अपनी बढ़त मजबूत कर ली। चौथा प्रयास फाउल रहा, लेकिन पांचवें प्रयास में उन्होंने एक बार फिर 7.11 मीटर की दूरी तय की। उनका यही प्रदर्शन स्वर्ण पदक के लिए पर्याप्त साबित हुआ।
उज्बेकिस्तान को रजत, श्रीलंका को कांस्य
पुरुषों की लंबी कूद टी47 स्पर्धा में उज्बेकिस्तान के ओमादबेक खासानोव ने 6.99 मीटर की छलांग लगाकर रजत पदक हासिल किया।
वहीं श्रीलंका के मोहम्मदु सफरान ने 6.55 मीटर के प्रदर्शन के साथ कांस्य पदक अपने नाम किया।
| पदक | खिलाड़ी | देश | दूरी |
|---|---|---|---|
| 🥇 स्वर्ण | निषाद कुमार | भारत | 7.11 मीटर |
| 🥈 रजत | ओमादबेक खासानोव | उज्बेकिस्तान | 6.99 मीटर |
| 🥉 कांस्य | मोहम्मदु सफरान | श्रीलंका | 6.55 मीटर |
ऊंची कूद के चैंपियन ने लंबी कूद में भी दिखाया कमाल
निषाद कुमार मुख्य रूप से ऊंची कूद टी47 स्पर्धा के खिलाड़ी हैं। उन्होंने पैरालंपिक खेलों में दो बार रजत पदक जीतकर भारत का नाम रोशन किया है।
वह इससे पहले एशियाई पैरा खेलों में ऊंची कूद का स्वर्ण पदक भी जीत चुके हैं। अब लंबी कूद में मिली सफलता ने उनके खेल करियर में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।
निषाद मौजूदा एशियाई पैरा खेलों में अपनी पसंदीदा ऊंची कूद स्पर्धा में भी भाग लेने वाले हैं। ऐसे में भारतीय खेल प्रेमियों की नजर उनके अगले प्रदर्शन पर रहेगी।
बचपन की दुर्घटना के बाद भी नहीं मानी हार
हिमाचल प्रदेश से आने वाले निषाद कुमार का जीवन संघर्ष और दृढ़ संकल्प की प्रेरक कहानी है। जब वह लगभग छह वर्ष के थे, तब खेत में घास काटने वाली मशीन से हुई दुर्घटना में उनका दाहिना हाथ कट गया था।
इस कठिन परिस्थिति के बावजूद निषाद ने खेलों से अपना रिश्ता बनाए रखा और मेहनत के दम पर अंतरराष्ट्रीय पैरा एथलेटिक्स में अपनी पहचान बनाई।
पैरालंपिक में दो रजत पदक जीतने के बाद अब एशियाई पैरा खेलों की लंबी कूद स्पर्धा में स्वर्ण पदक हासिल करना उनकी खेल प्रतिभा और लगातार बेहतर प्रदर्शन का प्रमाण है।
भारत को मिला दूसरा स्वर्ण पदक
निषाद कुमार की जीत ने आइची-नागोया एशियाई पैरा खेलों में भारत के स्वर्ण पदकों की संख्या दो कर दी। प्रतियोगिता के शुरुआती चरण में ही भारतीय खिलाड़ियों के अच्छे प्रदर्शन ने पदक की उम्मीदों को मजबूत किया है।
ऊंची कूद में अंतरराष्ट्रीय पहचान बना चुके निषाद कुमार ने लंबी कूद में भी स्वर्ण जीतकर अपनी प्रतिभा का परिचय दिया है। पहली बड़ी प्रतियोगिता में 7.11 मीटर की छलांग के साथ उनकी यह सफलता भारतीय पैरा खेलों के लिए उल्लेखनीय उपलब्धि है।



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