राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय का तूफान, 41 गेंदों में 85 रन की विस्फोटक पारी
दिल्ली अंडर-19 के खिलाफ पांच छक्के और सात चौके, कर्नाटक ने बनाए 418 रन।
स्पोर्ट्स डेस्क। भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और पूर्व मुख्य कोच राहुल द्रविड़ के बेटे अन्वय द्रविड़ इन दिनों अपनी आक्रामक बल्लेबाजी से सुर्खियां बटोर रहे हैं। महज 17 साल की उम्र में अन्वय ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में दिल्ली अंडर-19 के खिलाफ ऐसी पारी खेली, जिसने क्रिकेट प्रेमियों का ध्यान अपनी ओर खींच लिया।
कर्नाटक की ओर से खेलते हुए अन्वय ने सिर्फ 41 गेंदों पर 85 रन बनाए। इस दौरान उनके बल्ले से पांच छक्के और सात चौके निकले। उनका स्ट्राइक रेट 207.32 रहा।
अन्वय की इस तेजतर्रार बल्लेबाजी ने कर्नाटक को 400 रनों का आंकड़ा पार करने में अहम मदद पहुंचाई।
दिल्ली के गेंदबाजों पर बरसे कर्नाटक के बल्लेबाज, 418 रन बनाए
सोमवार को खेले गए मुकाबले में कर्नाटक के बल्लेबाजों ने दिल्ली अंडर-19 की गेंदबाजी के खिलाफ आक्रामक प्रदर्शन किया। टीम ने निर्धारित पारी के 49 ओवरों में सिर्फ चार विकेट खोकर 418 रनों का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया।
कर्नाटक की इस पारी में अन्वय द्रविड़ के अलावा ध्रुव कृष्णन ने भी शानदार बल्लेबाजी की। ध्रुव ने महज 51 गेंदों में 103 रन बनाए और टीम को बड़े स्कोर की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ध्रुव की शतकीय पारी ने मजबूत आधार तैयार किया, जबकि अन्वय ने तेज गति से रन बनाते हुए स्कोर को 400 के पार पहुंचाने में योगदान दिया।
कर्नाटक : 418/4 (49 ओवर)
- ध्रुव कृष्णन: 103 रन, 51 गेंदें
- अन्वय द्रविड़: 85 रन, 41 गेंदें
- अन्वय के बाउंड्री शॉट: 7 चौके और 5 छक्के
दो दिन पहले चंडीगढ़ के खिलाफ ठोका था तूफानी शतक
अन्वय द्रविड़ की यह पारी इसलिए भी खास है, क्योंकि वह लगातार शानदार फॉर्म में दिखाई दे रहे हैं। शनिवार को चंडीगढ़ अंडर-19 के खिलाफ मुकाबले में उन्होंने सिर्फ 62 गेंदों में 104 रन की शतकीय पारी खेली थी।
उस मुकाबले में कर्नाटक ने चंडीगढ़ को 100 रनों से हराया था। इसके ठीक दो दिन बाद दिल्ली के खिलाफ 85 रनों की तेज पारी खेलकर अन्वय ने अपनी बल्लेबाजी की निरंतरता का परिचय दिया।
इन दोनों पारियों में उन्होंने तेजी से रन बनाने की क्षमता दिखाई है। खासकर सीमित ओवरों के क्रिकेट में उनकी आक्रामक बल्लेबाजी कर्नाटक के लिए उपयोगी साबित हो रही है।
कप्तानी और विकेटकीपिंग के साथ बल्लेबाजी में भी कमाल
अन्वय द्रविड़ एक विकेटकीपर-बल्लेबाज हैं और कर्नाटक की कप्तानी की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। टीम की अगुवाई करने तथा विकेटकीपिंग की जिम्मेदारियों के बावजूद उनकी बल्लेबाजी में आक्रामकता बनी हुई है।
वह क्रीज पर पहुंचने के बाद तेजी से रन बनाने और विपक्षी गेंदबाजों पर दबाव डालने की कोशिश करते हैं। दिल्ली और चंडीगढ़ के खिलाफ उनकी हालिया पारियां इसी अंदाज का उदाहरण हैं।
भारत अंडर-19 टीम के लिए भी दिखा चुके हैं बल्लेबाजी का दम
अन्वय का प्रदर्शन सिर्फ घरेलू क्रिकेट तक सीमित नहीं रहा है। वह भारत की अंडर-19 टीम की ओर से अंतरराष्ट्रीय युवा क्रिकेट में भी अपनी प्रतिभा दिखा चुके हैं।
जुलाई में श्रीलंका दौरे के दौरान दूसरे यूथ वनडे मुकाबले में अन्वय ने 67 गेंदों पर 87 रन बनाए थे। हालांकि, उस मैच में भारतीय टीम को आठ विकेट से हार का सामना करना पड़ा था।
इसके बाद सितंबर में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ यूथ वनडे सीरीज के पहले मुकाबले में उन्होंने 18 गेंदों में 38 रन की तेज पारी खेली। बारिश से प्रभावित 20 ओवर के उस मुकाबले में उनके बल्ले से तीन छक्के और दो चौके निकले थे। भारत ने मैच सात रनों से जीता था।
राहुल द्रविड़ की विरासत के बीच अपनी पहचान बना रहे अन्वय
राहुल द्रविड़ भारतीय क्रिकेट के सबसे सम्मानित बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। अब उनके बेटे अन्वय घरेलू और युवा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन के जरिए पहचान बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।
हालांकि पिता और पुत्र की बल्लेबाजी शैली में तुलना करने के बजाय अन्वय की अपनी उपलब्धियों को देखना अधिक महत्वपूर्ण है। उनकी हालिया पारियां बताती हैं कि वह सीमित ओवरों के क्रिकेट में आक्रामक बल्लेबाजी करने की क्षमता रखते हैं।
आने वाले मुकाबलों में उनके सामने इसी प्रदर्शन को लगातार बनाए रखने और अपनी बल्लेबाजी को और बेहतर करने की चुनौती होगी।
चंडीगढ़ के खिलाफ 104 और दिल्ली के खिलाफ 85 रन बनाकर अन्वय द्रविड़ ने वीनू मांकड़ ट्रॉफी में लगातार दो मुकाबलों में कुल 189 रन बनाए हैं। कर्नाटक के युवा कप्तान की यह फॉर्म टीम के लिए महत्वपूर्ण है। अब क्रिकेट प्रेमियों की नजरें उनकी अगली पारियों पर रहेंगी।



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