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करोड़ों के बीमा क्लेम के लिए पत्नी की हत्या को ‘सड़क हादसा’ दिखाने की साजिश, पति गिरफ्तार; पुलिस का दावा...सुपारी देकर कराया एक्सीडेंट

जबलपुर के पाटन थाना क्षेत्र में 4 सितंबर को नुनसर के पास सड़क हादसे में हुई सविता चौधरी की मौत के मामले में पुलिस ने हत्या की साजिश का खुलासा करने का दावा किया है। पुलिस के अनुसार मृतका के पति प्रियांश पांडे ने कथित तौर पर करोड़ों रुपये के एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस क्लेम की रकम हासिल करने के लिए अपने सहयोगियों के साथ पत्नी की हत्या को सड़क दुर्घटना का रूप देने की योजना बनाई थी। तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने पति और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार किया है। मामले में आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया में होगी।

करोड़ों के बीमा क्लेम के लिए पत्नी की हत्या को ‘सड़क हादसा’ दिखाने की साजिश, पति गिरफ्तार; पुलिस का दावा...सुपारी देकर कराया एक्सीडेंट

जबलपुर। पाटन थाना क्षेत्र में करीब एक महीने पहले सड़क दुर्घटना समझी जा रही एक महिला की मौत की जांच ने कथित तौर पर हत्या की साजिश का रूप ले लिया है। पुलिस का दावा है कि करोड़ों रुपये के एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस क्लेम की रकम हासिल करने के लालच में महिला के पति ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर उसकी हत्या की योजना बनाई और वारदात को सड़क हादसा दिखाने की कोशिश की।

मामला पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर गांव के पास 4 सितंबर को हुई सविता चौधरी की मौत से जुड़ा है। शुरुआत में महिला की मौत एक सड़क दुर्घटना प्रतीत हो रही थी, लेकिन घटनास्थल से मिले कुछ तथ्यों, परिस्थितिजन्य और तकनीकी साक्ष्यों ने पुलिस का संदेह बढ़ा दिया। इसके बाद जांच की दिशा बदली और पुलिस मृतका के पति तथा उसके संपर्क में रहे लोगों तक पहुंची।

हादसे की जांच में सामने आई हत्या की कथित साजिश
पुलिस का दावा है कि महिला की मौत कोई सामान्य सड़क दुर्घटना नहीं थी। एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस की बड़ी रकम हासिल करने के लिए कथित तौर पर पहले योजना बनाई गई और फिर ऐसी परिस्थितियां तैयार की गईं, जिससे महिला की मौत सड़क हादसा दिखाई दे।

4 सितंबर को नुनसर के पास हुई थी सविता की मौत

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 4 सितंबर को पाटन थाना क्षेत्र के नुनसर गांव के समीप एक सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। हादसे में सविता चौधरी नामक महिला की मौत हो गई थी। शुरुआती परिस्थितियों में मामला किसी वाहन की टक्कर से हुई दुर्घटना जैसा दिखाई दे रहा था।

पुलिस ने घटनास्थल की जांच और मामले से जुड़े तथ्यों को जुटाना शुरू किया तो कुछ परिस्थितियों ने जांच अधिकारियों का ध्यान खींचा। इसके बाद सड़क हादसे की सामान्य विवेचना के बजाय मामले के प्रत्येक पहलू की बारीकी से पड़ताल शुरू की गई।

तकनीकी साक्ष्यों ने बदल दी जांच की दिशा

पुलिस के मुताबिक घटनास्थल से मिले परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के साथ तकनीकी जानकारियों का विश्लेषण किया गया। इसी दौरान कुछ ऐसे तथ्य सामने आए जिनसे पुलिस को महिला की मौत के पीछे किसी सुनियोजित योजना की आशंका हुई।

वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में जांच का दायरा बढ़ाया गया। मृतका के पारिवारिक जीवन, आर्थिक मामलों, बीमा संबंधी दस्तावेजों और घटना से पहले तथा बाद की गतिविधियों को भी जांच के दायरे में लिया गया।

बीमा पॉलिसी ने खींचा पुलिस का ध्यान
पुलिस के अनुसार जांच में यह तथ्य सामने आया कि सविता के नाम पर एक्सीडेंटल डेथ की स्थिति में बड़ी बीमा राशि से जुड़ी पॉलिसी थी। इसके बाद जांच में आर्थिक लाभ की संभावित मंशा को भी शामिल किया गया और मृतका के पति की भूमिका की गहराई से पड़ताल शुरू हुई।

2024 में हुआ था प्रियांश और सविता का प्रेम विवाह

पुलिस की जांच के मुताबिक सविता चौधरी का विवाह वर्ष 2024 में पाटन निवासी प्रियांश पांडे के साथ हुआ था। इसे प्रेम विवाह बताया गया है। विवाह से पहले सविता एक निजी इंश्योरेंस कंपनी में काम करती थी, जबकि शादी के बाद उसने नौकरी छोड़ दी थी।

पुलिस के अनुसार दंपती वर्तमान में भेड़ाघाट क्षेत्र के आम हिनौता गांव में मकान बनाकर रह रहा था। प्रियांश पाटन तहसील कचहरी के सामने नोटरी से संबंधित काम करता बताया गया है।

पुलिस का दावा—बीमा क्लेम की रकम बनी कथित साजिश की वजह

जांच के दौरान पुलिस ने जब बीमा और अन्य परिस्थितियों को आपस में जोड़कर देखा तो संदेह मृतका के पति की भूमिका पर गया। इसके बाद पुलिस ने प्रियांश पांडे को हिरासत में लेकर पूछताछ की।

पुलिस का दावा है कि पूछताछ और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर यह बात सामने आई कि एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस की बड़ी रकम हासिल करने के उद्देश्य से सविता की मौत को सड़क दुर्घटना दिखाने की कथित योजना बनाई गई थी।

सुपारी देकर हत्या कराने का पुलिस का दावा
पुलिस के मुताबिक पति पर आरोप है कि उसने अपने सहयोगी मूलचंद और अन्य लोगों को कथित तौर पर योजना में शामिल किया। इसके बाद नुनसर के पास सविता को वाहन दुर्घटना का शिकार दिखाने की योजना के तहत वारदात को अंजाम दिया गया।

मौत को सामान्य सड़क हादसा दिखाने की थी कथित योजना

पुलिस की थ्योरी के अनुसार पूरी साजिश का महत्वपूर्ण हिस्सा यह था कि सविता की मौत हत्या न लगे। कथित योजना ऐसी दुर्घटना दिखाने की थी जिससे मौत एक्सीडेंटल डेथ के रूप में दर्ज हो और बाद में बीमा क्लेम हासिल करने का रास्ता तैयार हो सके।

पुलिस का कहना है कि 4 सितंबर को नुनसर के पास हुई घटना को इसी योजना के तहत सड़क हादसे का स्वरूप देने का प्रयास किया गया। हालांकि मामले की पूरी साजिश, प्रत्येक आरोपी की भूमिका और हत्या के आरोपों का अंतिम निर्धारण अदालत में पेश साक्ष्यों के आधार पर होगा।

पति के बाद सहयोगियों तक पहुंची पुलिस

पुलिस के अनुसार मुख्य आरोपी से पूछताछ और तकनीकी साक्ष्यों की कड़ियां जोड़ने के बाद उसके कथित सहयोगियों की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने मूलचंद सहित वारदात में शामिल बताए जा रहे अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है।

पुलिस ने मामले से संबंधित वाहन तथा अन्य साक्ष्य भी जब्त किए हैं। अब इन साक्ष्यों की जांच के साथ बीमा पॉलिसी, घटना से जुड़े तकनीकी रिकॉर्ड और आरोपियों के बीच कथित संपर्कों की कड़ियों को केस डायरी में शामिल किया जा रहा है।

पुलिस जांच में अब तक सामने आए प्रमुख बिंदु
4 सितंबर को नुनसर के पास सविता चौधरी की संदिग्ध सड़क हादसे में मौत
शुरुआती जांच में मामला सामान्य दुर्घटना जैसा दिखाई दिया
तकनीकी और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों के बाद पुलिस को हुआ संदेह
मृतका के एक्सीडेंटल डेथ इंश्योरेंस से जुड़ी बड़ी रकम जांच के दायरे में आई
पति प्रियांश पांडे को पुलिस ने गिरफ्तार किया
सहयोगी मूलचंद सहित अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी का दावा
वारदात से संबंधित वाहन और अन्य साक्ष्य पुलिस ने किए जब्त

बीमा दस्तावेजों से लेकर तकनीकी रिकॉर्ड तक की जांच

मामला बीमा क्लेम से जुड़ी कथित साजिश का होने के कारण पुलिस के लिए दस्तावेजी और तकनीकी साक्ष्य बेहद महत्वपूर्ण हैं। पुलिस अब बीमा पॉलिसी से संबंधित दस्तावेज, संभावित लाभार्थी, घटना से पहले की गतिविधियों और आरोपियों के बीच संपर्क से जुड़े उपलब्ध रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

इसके अलावा जब्त वाहन और दूसरे भौतिक साक्ष्यों को भी विवेचना में शामिल किया गया है। पुलिस यह स्थापित करने का प्रयास कर रही है कि घटना की योजना कब और कैसे बनाई गई तथा इसमें किस आरोपी की क्या भूमिका थी।

आरोपों पर अंतिम फैसला अदालत में
हत्या, सुपारी और बीमा राशि के लिए साजिश से जुड़े तथ्य पुलिस की जांच और उसके दावों पर आधारित हैं। गिरफ्तार व्यक्तियों के खिलाफ आरोपों की अंतिम कानूनी पुष्टि न्यायालय में साक्ष्यों और सुनवाई के बाद होगी।

पाटन पुलिस मामले में आगे की विवेचना कर रही है। जांच पूरी होने के बाद पुलिस द्वारा अदालत में पेश किए जाने वाले साक्ष्यों से यह स्पष्ट होगा कि कथित साजिश की पूरी कड़ी किस तरह तैयार की गई और इसमें गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका को लेकर पुलिस के पास क्या-क्या प्रमाण हैं।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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