पति की हत्या कर शव के पास छोड़ा सांप, पत्नी और प्रेमी को फांसी की सजा
पोस्टमार्टम, सपेरे की गवाही और कॉल रिकॉर्ड ने खोली सर्पदंश की कहानी की पोल
मेरठ। उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के भावनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत अकबरपुर सादात गांव में अमित कश्यप की हत्या का मामला एक ऐसी आपराधिक साजिश के रूप में सामने आया, जिसमें हत्या को सांप के काटने से हुई प्राकृतिक मौत दिखाने का प्रयास किया गया। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अमित की पत्नी रविता और उसके प्रेमी अमरदीप ने मिलकर वारदात को अंजाम दिया और फिर पुलिस तथा परिजनों को गुमराह करने के लिए शव के पास सांप छोड़ दिया।
लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच, सपेरे की गवाही और मोबाइल कॉल रिकॉर्ड ने इस कहानी पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। मामले में अदालत द्वारा दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराकर मृत्युदंड सुनाए जाने की जानकारी दी गई है।
- घटनास्थल: अकबरपुर सादात गांव, थाना भावनपुर, मेरठ
- मृतक: अमित कश्यप
- दोषी बताए गए व्यक्ति: पत्नी रविता और अमरदीप
- हत्या का तरीका: दम घोंटकर हत्या किए जाने का निष्कर्ष
- साजिश: मौत को सर्पदंश का रूप देने का प्रयास
- महत्वपूर्ण साक्ष्य: पोस्टमार्टम, सपेरे की गवाही और मोबाइल रिकॉर्ड
- बताया गया फैसला: दोनों को मृत्युदंड
काम के दौरान हुई दोस्ती, फिर घर आने-जाने लगा अमरदीप
अकबरपुर सादात गांव निवासी अमित कश्यप मकानों में टाइल्स और पत्थर लगाने का काम करता था। इसी काम के दौरान उसकी पहचान अमरदीप से हुई। दोनों साथ काम करने लगे और धीरे-धीरे उनके बीच दोस्ती हो गई।
दोस्ती बढ़ने के साथ अमरदीप का अमित के घर आना-जाना शुरू हो गया। मामले में सामने आए विवरण के अनुसार, इसी दौरान अमित की पत्नी रविता और अमरदीप के बीच नजदीकियां बढ़ गईं।
बताया गया कि अमित को दोनों के संबंधों की जानकारी हुई तो उसने इसका विरोध किया। अभियोजन की कहानी के अनुसार, इसी विरोध के बाद अमित की हत्या की योजना बनाई गई।
₹1,000 में खरीदा सांप, हत्या को हादसा दिखाने की योजना
मामले का सबसे असामान्य पहलू एक सपेरे से सांप खरीदे जाने का था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, अमरदीप ने एक सपेरे से लगभग एक हजार रुपये में सांप लिया था।
अभियोजन के अनुसार, योजना यह थी कि अमित की हत्या करने के बाद उसके बिस्तर पर सांप छोड़ दिया जाए, जिससे परिवार और पुलिस को लगे कि उसकी मौत सांप के काटने से हुई है।
यह तरीका अपनाने के पीछे हत्या को छिपाने और मौत को एक दुर्घटना का रूप देने का उद्देश्य बताया गया।
सोते समय दम घोंटकर हत्या करने का आरोप
मामले में सामने आए घटनाक्रम के अनुसार, वारदात की रात अमित घर में सो रहा था। आरोप था कि रविता ने अमरदीप को घर बुलाया और दोनों ने मिलकर अमित का मुंह और नाक दबाकर उसकी हत्या कर दी।
इसके बाद शव के पास सांप छोड़ दिया गया, ताकि सुबह घटना को सर्पदंश से हुई मौत बताया जा सके।
बताया गया कि अमरदीप रात में घर से चला गया और सुबह रविता ने परिजनों को अमित के मृत मिलने तथा उसके पास सांप मौजूद होने की जानकारी दी।
सुबह शव के पास सांप देखकर परिजनों को हुआ संदेह
सुबह अमित का शव बिस्तर पर मिला और पास में सांप मौजूद होने की बात सामने आई। उपलब्ध विवरण में मृतक के शरीर पर सांप के काटने जैसे कई निशान होने का भी उल्लेख है।
शुरुआत में मौत का कारण सर्पदंश माना गया। सांप को पकड़ने के लिए सपेरे को भी बुलाया गया। हालांकि, परिस्थितियां संदिग्ध लगने पर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा।
यहीं से मामले की जांच ने नया मोड़ लिया।
पोस्टमार्टम में सामने आया दम घुटने से मौत का तथ्य
उपलब्ध रिपोर्ट के अनुसार, पोस्टमार्टम में अमित के चेहरे और हाथों पर खरोंच तथा संघर्ष से जुड़े निशान मिले। चिकित्सकीय जांच में मौत का कारण दम घुटना बताया गया।
रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया कि शरीर में सांप के जहर की पुष्टि नहीं हुई। इस निष्कर्ष ने सर्पदंश से मौत की शुरुआती कहानी को कमजोर कर दिया।
पोस्टमार्टम: दम घुटने से मौत होने की जानकारी।
शारीरिक निशान: चेहरे और हाथों पर खरोंचों का उल्लेख।
सर्पदंश की कहानी: चिकित्सकीय निष्कर्ष से मेल नहीं खाई।
आगे की जांच: सपेरे और मोबाइल रिकॉर्ड की पड़ताल।
सपेरे की गवाही से सर्पदंश की कहानी पर उठे सवाल
जांच के दौरान पुलिस उस सपेरे तक पहुंची, जिससे सांप खरीदे जाने की बात सामने आई थी। सपेरे ने बताया कि अमरदीप ने धार्मिक आयोजन का हवाला देकर सांप लिया था।
उसके अनुसार, सांप 'घोड़ा पछाड़' या धामन प्रजाति का था, जिसे सामान्यतः विषहीन माना जाता है। उपलब्ध विवरण में सांप के बूढ़े होने और उसके दांत टूटे होने का भी उल्लेख किया गया है।
इस गवाही को अभियोजन की ओर से सर्पदंश की कहानी पर सवाल उठाने वाले महत्वपूर्ण साक्ष्यों में शामिल किया गया।
मोबाइल कॉल रिकॉर्ड ने खोली दोनों के संपर्क की जानकारी
पुलिस ने रविता और अमरदीप के मोबाइल संपर्कों की भी जांच की। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, घटना के आसपास 24 घंटे की अवधि में दोनों के बीच फोन और व्हाट्सएप के माध्यम से लगभग 65 बार संपर्क हुआ था।
इसके अतिरिक्त पिछले छह महीनों के दौरान दो हजार से अधिक बार बातचीत होने का दावा भी किया गया है। जांच में इन रिकॉर्डों को दोनों के बीच लगातार संपर्क स्थापित करने वाले तकनीकी साक्ष्य के रूप में देखा गया।
हालांकि, केवल अधिक कॉल होने से हत्या की योजना साबित नहीं होती। अभियोजन ने इन्हें अन्य परिस्थितिजन्य और फॉरेंसिक साक्ष्यों के साथ प्रस्तुत किया।
पूछताछ के बाद गिरफ्तारियां, अदालत ने सुनाया मृत्युदंड
पोस्टमार्टम के निष्कर्ष और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस का संदेह गहराया। इसके बाद रविता और अमरदीप की भूमिका की जांच की गई तथा दोनों को गिरफ्तार किया गया।
उपलब्ध विवरण के मुताबिक, मामले की सुनवाई के बाद अदालत ने दोनों को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी पाया। बताया गया है कि 7 अक्टूबर को दोषसिद्धि के बाद दोनों को मृत्युदंड सुनाया गया।
मृत्युदंड की सजा के संबंध में अदालत का नाम, निर्णय का वर्ष और आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध विवरण में नहीं दी गई है। इसलिए इन तथ्यों की आधिकारिक पुष्टि आवश्यक है। भारतीय कानून के अनुसार सत्र न्यायालय द्वारा सुनाई गई मृत्युदंड की सजा उच्च न्यायालय की पुष्टि के अधीन होती है।
मेरठ के अमित कश्यप हत्याकांड में पोस्टमार्टम, सपेरे की गवाही और मोबाइल रिकॉर्ड ने जांच को नई दिशा दी। उपलब्ध विवरण के अनुसार, अदालत ने पत्नी रविता और अमरदीप को दोषी ठहराकर मृत्युदंड सुनाया। मामले के न्यायिक आदेश का पूरा विवरण आधिकारिक पुष्टि के बाद ही अंतिम रूप से प्रकाशित किया जाना चाहिए।



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