भारत-नेपाल सीमा पर SSB की बड़ी कार्रवाई, 510 किलो गांजा बरामद
सुपौल में आम के बगीचे से मिले 13 बंडल, बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत 2.04 करोड़ रुपये; तस्करों की तलाश जारी।
सुपौल (बिहार)। भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा के निकट मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने बड़ी कार्रवाई की है। बिहार के सुपौल जिले में एसएसबी की 45वीं वाहिनी के जवानों ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए भारी मात्रा में गांजा बरामद किया है। यह कार्रवाई सीमा चौकी फतेहपुर के अंतर्गत आने वाले एक आम के बगीचे में की गई।
तलाशी के दौरान झाड़ियों और पेड़ों के बीच छिपाकर रखे गए 13 बड़े बंडल मिले। जांच करने पर इन बंडलों में गांजा पाया गया। बरामद मादक पदार्थ का कुल वजन 510 किलोग्राम बताया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 2 करोड़ 4 लाख रुपये आंकी गई है।
हालांकि, इस कार्रवाई के दौरान किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गिरफ्तारी नहीं हो सकी। एसएसबी की कार्रवाई के बाद स्थानीय पुलिस तस्करी में शामिल लोगों और संभावित नेटवर्क की पहचान करने में जुट गई है।
गुप्त सूचना पर आम के बगीचे में छापेमारी
प्राप्त जानकारी के अनुसार, एसएसबी की 45वीं वाहिनी को भारत-नेपाल सीमा के पास संदिग्ध गतिविधियों के संबंध में गोपनीय सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि सीमा स्तंभ संख्या 204 से लगभग 700 मीटर की दूरी पर भारतीय क्षेत्र में मादक पदार्थ छिपाकर रखे गए हैं।
सूचना को गंभीरता से लेते हुए सीमा चौकी फतेहपुर के जवानों ने तत्काल कार्रवाई की योजना बनाई। इसके बाद फतेहपुर गांव के पास स्थित आम के बगीचे में तलाशी अभियान चलाया गया।
तलाशी के दौरान जवानों को झाड़ियों और पेड़ों के बीच संदिग्ध तरीके से रखे गए कई बड़े बंडल दिखाई दिए। इनकी जांच करने पर उनमें गांजा भरा हुआ पाया गया।
13 बंडलों में छिपाकर रखा था 510 किलो गांजा
एसएसबी के जवानों ने मौके से कुल 13 बंडल बरामद किए। जब इनका वजन किया गया, तो गांजे की कुल मात्रा 510 किलोग्राम पाई गई।
बरामद मादक पदार्थ की अनुमानित कीमत प्रति किलोग्राम 40 हजार रुपये के आधार पर लगभग 2 करोड़ 4 लाख रुपये बताई गई है। हालांकि, यह अनुमानित मूल्य है और वास्तविक अवैध बाजार मूल्य में अंतर हो सकता है।
स्थान: फतेहपुर गांव के पास आम का बगीचा, सुपौल जिला, बिहार।
सीमा क्षेत्र: भारत-नेपाल सीमा स्तंभ संख्या 204 से लगभग 700 मीटर भारतीय क्षेत्र के भीतर।
छापेमारी के दौरान नहीं मिला कोई संदिग्ध
एसएसबी की कार्रवाई में बड़ी मात्रा में गांजा बरामद हुआ, लेकिन मौके से किसी संदिग्ध व्यक्ति को गिरफ्तार नहीं किया जा सका।
आशंका जताई जा रही है कि सुरक्षा बलों की गतिविधियों की जानकारी मिलने के बाद तस्करी में शामिल लोग वहां से निकल गए होंगे। हालांकि, इस संबंध में अभी किसी व्यक्ति की पहचान या फरार होने की परिस्थितियों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
एसएसबी के जवानों ने आसपास के क्षेत्र में भी तलाशी अभियान चलाया, लेकिन कोई संदिग्ध व्यक्ति नहीं मिला।
बरामद गांजा बीरपुर थाने को सौंपा गया
कार्रवाई के बाद एसएसबी ने बरामद गांजे को आवश्यक कानूनी औपचारिकताएं पूरी करते हुए स्थानीय बीरपुर थाने को सौंप दिया।
अब स्थानीय पुलिस मादक पदार्थों की इस बड़ी खेप से जुड़े लोगों की पहचान करने और तस्करी के संभावित नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
जांच में यह स्पष्ट किया जाना बाकी है कि गांजे की खेप किसकी थी, उसे कहां से लाया गया था और किस स्थान तक पहुंचाया जाना था।
सहायक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने किया अभियान का नेतृत्व
इस कार्रवाई का नेतृत्व एसएसबी की 45वीं वाहिनी के सहायक उप निरीक्षक भूपेन्द्र सिंह ने किया। उनके साथ तीन अन्य जवान भी अभियान में शामिल थे।
टीम ने गोपनीय सूचना के आधार पर निर्धारित स्थान पर पहुंचकर तलाशी अभियान चलाया और झाड़ियों में छिपाकर रखे गए बंडलों को बरामद किया।
इस कार्रवाई को सीमावर्ती क्षेत्र में मादक पदार्थों की अवैध तस्करी के खिलाफ महत्वपूर्ण बरामदगी माना जा रहा है।
कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश शर्मा बोले...सीमा पर लगातार निगरानी
एसएसबी की 45वीं वाहिनी के कार्यवाहक कमांडेंट जगदीश शर्मा ने बताया कि भारत-नेपाल सीमा पर अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए सुरक्षा बल लगातार सतर्कता बरत रहे हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों पर अंकुश लगाना एसएसबी की प्राथमिकताओं में शामिल है।
सीमावर्ती इलाकों में निगरानी और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि अवैध गतिविधियों को रोका जा सके।
भारत-नेपाल सीमा पर तस्करी रोकना बड़ी चुनौती
भारत-नेपाल सीमा से लगे क्षेत्रों में अवैध गतिविधियों पर निगरानी रखना सुरक्षा एजेंसियों के लिए महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। सीमावर्ती इलाकों की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण सुरक्षा बलों को लगातार सतर्क रहना पड़ता है।
एसएसबी की ओर से बताया गया है कि मादक पदार्थों की तस्करी और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेंगे।
फिलहाल इस बरामदगी से संबंधित किसी अंतरराष्ट्रीय गिरोह की संलिप्तता की पुष्टि नहीं हुई है। जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि इस खेप का संबंध सीमा पार के किसी नेटवर्क से था या नहीं।
अब पुलिस के सामने नेटवर्क का पता लगाने की चुनौती
510 किलोग्राम गांजे की बरामदगी के बाद सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि इतनी बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ किसने और किस उद्देश्य से बगीचे में छिपाकर रखा था।
पुलिस की जांच में इस खेप से जुड़े संभावित व्यक्तियों, इसके स्रोत और आगे की आपूर्ति से संबंधित तथ्यों की पड़ताल की जाएगी।
अभी तक किसी आरोपी की गिरफ्तारी की जानकारी सामने नहीं आई है। इसलिए किसी व्यक्ति या समूह को इस बरामदगी का जिम्मेदार ठहराना जांच पूरी होने से पहले उचित नहीं होगा।
सुपौल जिले में भारत-नेपाल सीमा के निकट एसएसबी की 45वीं वाहिनी ने आम के बगीचे से 13 बंडलों में रखा 510 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। अनुमानित कीमत 2.04 करोड़ रुपये बताई गई है। बरामद मादक पदार्थ बीरपुर थाने को सौंप दिया गया है और तस्करी में शामिल लोगों की तलाश जारी है।



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