जबलपुर। पत्नी के चले जाने से नाराज एक युवक ने कथित तौर पर अपने ही साढ़ू को भाई के साथ मिलकर बंधक बना लिया। युवक को एक कमरे में ले जाकर उसके हाथ-पैर बांध दिए गए। इधर पति के अचानक गायब होने से परेशान पत्नी ने पुलिस को सूचना दी तो मोबाइल फोन की लोकेशन ने बंधक तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया।
पनागर पुलिस ने मोबाइल लोकेशन ट्रैक करते हुए परसवाड़ा, धनवंतरी नगर स्थित एक कमरे में दबिश दी। पुलिस के मुताबिक यहां रोहित कोल हाथ-पैर बंधी अवस्था में मिला, जिसे सुरक्षित मुक्त कराया गया। मामले में सगे भाई आयुष राजौरिया और कृष्णा राजौरिया को गिरफ्तार किया गया है।
4 अक्टूबर को डायल 112 पर पहुंची सनसनीखेज सूचना
पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक 4 अक्टूबर को डायल 112 के माध्यम से पनागर पुलिस को सूचना मिली कि रोहित कोल नामक युवक को कुछ लोगों ने जबरन बंधक बना लिया है। सूचना रोहित की पत्नी काजल ने दी थी।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल युवक की तलाश शुरू की। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में टीम बनाई गई और रोहित के मोबाइल फोन की लोकेशन लगातार ट्रैक की जाने लगी।
लोकेशन मिली तो धनवंतरी नगर के कमरे पर पुलिस ने मारी दबिश
मोबाइल लोकेशन के आधार पर पुलिस की जांच परसवाड़ा, धनवंतरी नगर तक पहुंची। पुलिस टीम ने यहां स्थित एक कमरे पर दबिश दी। पुलिस का कहना है कि कमरे के भीतर रोहित कोल हाथ-पैर बंधी अवस्था में मिला।
पुलिस ने उसे तत्काल बंधन से मुक्त कराया। मौके से आयुष राजौरिया और उसके सगे भाई कृष्णा राजौरिया को हिरासत में लेकर बाद में गिरफ्तार किया गया।
सूचना — रोहित कोल को बंधक बनाए जाने की
शिकायतकर्ता — पत्नी काजल
तलाश — मोबाइल फोन की लोकेशन से
स्थान — परसवाड़ा, धनवंतरी नगर
स्थिति — हाथ-पैर बंधे मिले रोहित
गिरफ्तार — आयुष राजौरिया और कृष्णा राजौरिया
बरामद वाहन — ग्रे रंग की एक्टिवा MP 20 SF 1224
पारिवारिक विवाद की कड़ी में सामने आया बंधक बनाने का मामला
पुलिस की प्रारंभिक जांच में घटना के पीछे पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है। थाना प्रभारी के मुताबिक आरोपी आयुष राजौरिया की शादी रोहित कोल की रिश्ते की साली से हुई है। इस रिश्ते से आयुष और रोहित आपस में साढ़ू लगते हैं।
पुलिस के अनुसार आयुष की पत्नी कुछ दिन पहले कहीं चली गई थी। इसी बात से नाराज आयुष ने कथित तौर पर अपने भाई कृष्णा के साथ मिलकर रोहित को बंधक बनाया। हालांकि घटना से जुड़े विवाद की पूरी परिस्थितियों की जांच पुलिस कर रही है।
वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा निकली चोरी की
मामले की जांच में पुलिस के सामने एक और तथ्य आया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों द्वारा इस्तेमाल की गई ग्रे रंग की एक्टिवा MP 20 SF 1224 की जांच करने पर उसके चोरी के वाहन होने की जानकारी मिली।
पुलिस का कहना है कि एक्टिवा ग्वारीघाट थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। वाहन को जब्त कर लिया गया है और उसके संबंध में भी आगे की जांच की जा रही है।
पत्नी की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने रोहित के मोबाइल को ट्रैक किया। लोकेशन के आधार पर कमरे तक पहुंची टीम को वहां रोहित हाथ-पैर बंधा मिला। इसके बाद दो सगे भाइयों की गिरफ्तारी हुई और जांच आगे बढ़ी तो इस्तेमाल की गई एक्टिवा भी चोरी की होने की बात सामने आई।
दोनों भाइयों के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई
रोहित को सुरक्षित मुक्त कराने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अब घटना की पूरी कड़ी के साथ यह भी जांच रही है कि चोरी की एक्टिवा आरोपियों तक कैसे पहुंची और वाहन चोरी के मामले में उनकी क्या भूमिका रही।
फिलहाल रोहित को सकुशल मुक्त करा लिया गया है और आयुष तथा कृष्णा राजौरिया पुलिस की गिरफ्त में हैं। आरोपों का अंतिम निर्धारण न्यायिक प्रक्रिया के तहत होगा।



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