अपराध

बरगी में ग्रामीणों ने रोकी तीन पेटी शराब, पुलिस को सौंपी; ‘पेकारी’ के लिए ले जाने का आरोप, जांच शुरू

जबलपुर के बरगी नगर में गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने शराब दुकान से कथित तौर पर अवैध बिक्री के लिए ले जाई जा रही तीन पेटी देशी शराब रोककर पुलिस के सुपुर्द कर दी। पुलिस के मुताबिक पेटियों में प्लेन और मसाला देशी शराब के पाव हैं। शराब किसके द्वारा और कहां ले जाई जा रही थी, इसकी जांच की जा रही है। भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष संजू लाल मेहरा ने क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री की शिकायतें होने का आरोप लगाया है। फिलहाल ग्रामीणों के आरोपों की आधिकारिक जांच जारी है।

बरगी में ग्रामीणों ने रोकी तीन पेटी शराब, पुलिस को सौंपी; ‘पेकारी’ के लिए ले जाने का आरोप, जांच शुरू

जबलपुर। बरगी नगर में शराब की कथित अवैध बिक्री को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। गुरुवार सुबह ग्रामीणों ने बरगी नगर स्थित शराब दुकान से कथित तौर पर ‘पेकारी’ के लिए ले जाई जा रही तीन पेटी शराब को रास्ते में रोक लिया और इसकी सूचना पुलिस को दी। बाद में शराब की पेटियां पुलिस के सुपुर्द कर दी गईं।

पुलिस के अनुसार पकड़ी गई देशी शराब की पेटियों में प्लेन और मसाला शराब के पाव शामिल हैं। ग्रामीणों से शराब मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह पता लगाया जा रहा है कि शराब कौन लेकर जा रहा था, इसे कहां पहुंचाया जाना था और इसके परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज मौजूद थे या नहीं।

तीन पेटी शराब ग्रामीणों ने पुलिस को सौंपी
बरगी नगर में ग्रामीणों ने गुरुवार सुबह तीन पेटी देशी शराब रोककर पुलिस के हवाले की। ग्रामीणों का आरोप है कि शराब को कथित तौर पर अवैध बिक्री के लिए ले जाया जा रहा था। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।

शराब कहां जा रही थी, पुलिस कर रही जांच

मामले में सबसे महत्वपूर्ण सवाल यह है कि तीन पेटी शराब दुकान से बाहर किसके द्वारा निकाली गई और इसे कहां ले जाया जा रहा था। पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि शराब का परिवहन नियमानुसार किया जा रहा था या ग्रामीणों द्वारा लगाया गया अवैध बिक्री का आरोप सही है।

जांच पूरी होने से पहले यह निष्कर्ष निकालना उचित नहीं होगा कि जब्त की गई शराब वास्तव में अवैध बिक्री के लिए ही भेजी जा रही थी। पुलिस की जांच और संबंधित दस्तावेजों की पड़ताल के बाद स्थिति स्पष्ट होने की उम्मीद है।

ग्रामीणों ने खुद रोककर पुलिस को दी शराब

ग्रामीणों के मुताबिक उन्हें शराब दुकान से पेटियां बाहर ले जाए जाने की जानकारी मिली थी। इसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे और तीन पेटी शराब को रोक लिया। मामले को अपने स्तर पर आगे बढ़ाने के बजाय शराब पुलिस के सुपुर्द कर दी गई।

घटना के बाद क्षेत्र में शराब की कथित अवैध बिक्री को लेकर एक बार फिर चर्चा तेज हो गई है। ग्रामीणों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर यह स्पष्ट किया जाना चाहिए कि शराब कहां और किस उद्देश्य से ले जाई जा रही थी।

पुलिस के सामने ये सवाल
शराब दुकान से तीन पेटियां किसके द्वारा निकाली गईं? इन्हें कहां पहुंचाया जाना था? परिवहन के लिए आवश्यक दस्तावेज थे या नहीं? पुलिस जांच में इन सवालों के जवाब सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

भीम आर्मी जिलाध्यक्ष ने लगाए गंभीर आरोप

भीम आर्मी के जिलाध्यक्ष संजू लाल मेहरा ने आरोप लगाया कि बरगी क्षेत्र में लंबे समय से अवैध शराब बिक्री को लेकर शिकायतें सामने आती रही हैं। उनका दावा है कि इस संबंध में जबलपुर पुलिस अधीक्षक को कई बार ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की जा चुकी है।

हालांकि ये आरोप भीम आर्मी पदाधिकारी और स्थानीय ग्रामीणों की ओर से लगाए गए हैं। क्षेत्र में अवैध शराब बिक्री का नेटवर्क संचालित होने संबंधी दावों की पुष्टि पुलिस अथवा आबकारी विभाग की जांच के आधार पर ही की जा सकती है।

मोहल्लों में कथित शराब बिक्री से ग्रामीण परेशान

ग्रामीणों का आरोप है कि बरगी क्षेत्र के अलग-अलग मोहल्लों में कथित तौर पर शराब की अवैध बिक्री होने से स्थानीय माहौल प्रभावित हो रहा है। ग्रामीणों के एक वर्ग ने ऐसी गतिविधियों के कारण क्षेत्र में अपराध और सामाजिक समस्याएं बढ़ने की आशंका भी जताई है।

कुछ ग्रामीणों ने चोरी सहित अन्य घटनाओं को लेकर भी चिंता व्यक्त की है। हालांकि इन घटनाओं का शराब की कथित अवैध बिक्री से सीधा संबंध है या नहीं, इसकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

शराब दुकान की भूमिका की भी जांच जरूरी

चूंकि ग्रामीणों का दावा है कि शराब की पेटियां दुकान से बाहर ले जाई जा रही थीं, इसलिए जांच में शराब के स्टॉक और बिक्री रिकॉर्ड का मिलान भी महत्वपूर्ण हो सकता है। इससे यह स्पष्ट किया जा सकेगा कि संबंधित शराब का दुकान के रिकॉर्ड में क्या विवरण दर्ज था और इसे बाहर ले जाने की परिस्थितियां क्या थीं।

पुलिस जांच के साथ आवश्यकता पड़ने पर आबकारी विभाग की भूमिका भी महत्वपूर्ण हो सकती है। मामले में संबंधित शराब दुकान संचालक अथवा ठेकेदार का पक्ष सामने आने पर स्थिति और स्पष्ट हो सकेगी।

अब जांच पर नजर
ग्रामीणों ने तीन पेटी देशी शराब पुलिस को सौंप दी है। अब जांच का मुख्य बिंदु यह है कि शराब वैध तरीके से ले जाई जा रही थी या कथित ‘पेकारी’ के लिए भेजी गई थी। पुलिस की जांच के बाद ही आरोपों की वास्तविकता स्पष्ट होगी।

नोट: खबर में अवैध शराब बिक्री और ‘पेकारी’ से संबंधित बातें ग्रामीणों एवं संबंधित पदाधिकारी के आरोपों पर आधारित हैं। जांच पूरी होने तक इन्हें स्थापित तथ्य नहीं माना जाना चाहिए। संबंधित पक्ष का जवाब मिलने पर उसे भी खबर में शामिल किया जाना उचित होगा।

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लेखक

Arti Lodhi

Editor In Chief

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