कोयला घोटाले में SECL के 4 अधिकारी दोषी, CBI कोर्ट ने सुनाई जेल और जुर्माने की सजा
जबलपुर। कोयला घोटाले के एक महत्वपूर्ण मामले में सीबीआई की विशेष अदालत ने एसईसीएल (SECL) के चार अधिकारियों को दोषी ठहराते हुए सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश रूपेश कुमार गुप्ता की अदालत ने दो अधिकारियों को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास तथा दो अन्य अधिकारियों को एक-एक वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया है। साथ ही आरोपियों पर लाखों रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है।
चार अधिकारियों को कोर्ट ने ठहराया दोषी
सीबीआई विशेष न्यायालय ने एसईसीएल के अधिकारी एके गोस्वामी, आरएल प्रसाद, एमएम शर्मा और आरडी दीवान को दोषी करार दिया। न्यायालय ने एके गोस्वामी और आरएल प्रसाद को चार-चार वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई, जबकि एमएम शर्मा और आरडी दीवान को एक-एक वर्ष के कठोर कारावास से दंडित किया गया।
सीबीआई जांच के बाद दाखिल हुआ था आरोप पत्र
सीबीआई जबलपुर ने चारों अधिकारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर विस्तृत विवेचना की थी। जांच पूरी होने के बाद विशेष न्यायालय के समक्ष आरोप पत्र प्रस्तुत किया गया। सुनवाई के दौरान पेश किए गए दस्तावेजी साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने आरोपियों को दोषी पाया।
इन धाराओं के तहत मिली सजा
अदालत ने आरोपी एके गोस्वामी एवं आरएल प्रसाद को भारतीय दंड संहिता की धारा 120-बी, 409 तथा भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धाराओं के तहत दोषी मानते हुए अधिकतम चार वर्ष के कठोर कारावास और 1 लाख 15 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया।
वहीं सह-आरोपी एमएम शर्मा एवं आरडी दीवान को भारतीय दंड संहिता की धारा 218 एवं 34 के तहत दोषी करार देते हुए एक वर्ष के कठोर कारावास और 5-5 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई गई।
11382 मीट्रिक टन कोयला कम मिलने से खुला था घोटाला
सीबीआई की ओर से विशेष लोक अभियोजक संजय उपाध्याय ने अदालत में पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि एसईसीएल हसदेव क्षेत्र की बहेराबंद भूमिगत खदान (जिला अनूपपुर) में कोयला स्टॉक में बड़े पैमाने पर अनियमितता की शिकायत मिली थी।
निरीक्षण के दौरान बहेराबंद कोल स्टॉक यार्ड में बुक स्टॉक की तुलना में 11,382 मीट्रिक टन कोयला कम पाया गया। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।
साक्ष्यों के आधार पर आया फैसला
मामले की विस्तृत सुनवाई के बाद विशेष न्यायालय ने उपलब्ध साक्ष्यों और गवाहों के बयानों को आधार बनाते हुए चारों अधिकारियों को दोषी करार दिया और उनके खिलाफ सजा का आदेश पारित किया।
कोयला स्टॉक में 11,382 मीट्रिक टन की कमी के मामले में सीबीआई कोर्ट का बड़ा फैसला, SECL के चार अधिकारी दोषी करार।
