कान्हा में बाघ का हमला: वन विभाग के अग्नि सुरक्षा श्रमिक की मौत, गश्त के दौरान हुआ दर्दनाक हादसा
नियमित गश्त के दौरान हुआ हमला
जानकारी के अनुसार लखन सिंह कान्हा टाइगर रिजर्व में अग्नि सुरक्षा श्रमिक के रूप में कार्यरत था। रविवार सुबह वह चार सदस्यीय गश्ती दल के साथ नियमित पैदल वन गश्त पर निकला था। इसी दौरान कान्हा परिक्षेत्र की नकटी घाटी बीट के कक्ष क्रमांक 136 स्थित घंघारनाला क्षेत्र में एक बाघ ने अचानक हमला कर दिया।
मौके पर ही हुई मौत
बाघ के हमले में लखन सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया और घटनास्थल पर ही उसकी मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही कान्हा टाइगर रिजर्व के अधिकारी तत्काल मौके पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए बम्हनी बंजर अस्पताल भेजा गया।
अधिकारियों ने जताया शोक
सिझोरा बफर के सहायक संचालक आशीष पांडे ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि दुर्गम वन क्षेत्रों में हिंसक वन्यजीवों के बीच कार्य करने वाले वनकर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होती है। वन्यजीव संरक्षण के दौरान अपने प्राणों की आहुति देने वाले लखन सिंह का निधन विभाग के लिए अपूरणीय क्षति है।
परिजनों को दी गई आर्थिक सहायता
वन विभाग ने मृतक के परिजनों को तत्काल आर्थिक सहायता प्रदान की है। अधिकारियों के अनुसार शासकीय नियमों के तहत देय शेष सहायता राशि भी शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है।
मामले की विस्तृत जांच जारी
वन विभाग द्वारा पूरे मामले की विस्तृत जांच की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में गश्त करने वाले कर्मचारियों की सुरक्षा व्यवस्था और वन्यजीव गतिविधियों की निगरानी को लेकर भी समीक्षा की जा रही है।
