भीषण गर्मी में बीमार बच्चे को स्ट्रेचर पर 1 किमी तक घसीटते रहे माता-पिता, अस्पताल व्यवस्था पर उठे सवाल
इंदौर। मध्यप्रदेश के सबसे बड़े सरकारी अस्पतालों में शामिल एमवाय अस्पताल और सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्था पर शनिवार को गंभीर सवाल खड़े हो गए। भीषण गर्मी के बीच एक बीमार 12 वर्षीय बच्चे को उसके माता-पिता करीब एक किलोमीटर तक स्ट्रेचर पर ले जाने को मजबूर हो गए।
मामला 12 वर्षीय आदर्श का है, जो रीढ़ की हड्डी से जुड़ी गंभीर बीमारी से जूझ रहा है। परिजनों के अनुसार पिछले 15 दिनों से उसका उपचार चल रहा है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, जिसके बाद एमवाय अस्पताल में इलाज जारी रहा।
शनिवार को डॉक्टरों ने बच्चे को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल रेफर कर दिया। परिजन उसे स्ट्रेचर पर लेकर वहां पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां उन्हें बताया गया कि बच्चे को भर्ती करने की जरूरत नहीं है और केवल उसकी मेडिकल फाइल देखी जाएगी।
इसके बाद परिवार को दोबारा बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा। चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अस्पताल परिसर में कोई सहायक कर्मचारी या वैकल्पिक व्यवस्था उपलब्ध नहीं थी।
बच्चे की मां बार-बार पानी से अपनी चुन्नी भिगोकर बेटे के शरीर पर रखती रही ताकि उसे गर्मी से राहत मिल सके, जबकि पिता स्ट्रेचर खींचते हुए अस्पताल परिसर में इधर-उधर भटकते रहे।
परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार मदद मांगने की कोशिश की, लेकिन मौके पर कोई कर्मचारी सहायता के लिए नहीं पहुंचा।
अस्पतालों में मरीजों को वार्ड, जांच केंद्र और दूसरे अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आउटसोर्स कर्मचारियों को सौंपी गई है। इसके लिए हर महीने करोड़ों रुपये खर्च किए जाते हैं, लेकिन जरूरत के समय स्ट्रेचर और व्हीलचेयर उपलब्ध नहीं होने के आरोप लगातार सामने आते रहे हैं।
इस घटना ने एक बार फिर अस्पताल प्रशासन की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। सोशल मीडिया पर भी लोग इस घटना को लेकर नाराजगी जता रहे हैं।
अस्पताल में सेवाएं देने वाली आउटसोर्स कंपनी पहले भी विवादों में रही है। हाल ही में सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार से शराब की पेटियां मिलने का मामला सामने आया था। प्रदेश के अन्य मेडिकल कॉलेजों में भी कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ चुके हैं।
एमवाय अस्पताल के सुपरिटेंडेंट डॉ. अशोक यादव ने कहा कि मामला उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने बताया कि यह जानकारी जुटाई जा रही है कि बच्चे को एमवाय अस्पताल से रेफर किया गया था या चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय से।
वहीं सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के प्रभारी अधीक्षक डॉ. पीयूष पंचारिया ने कहा कि पूरे मामले की जानकारी ली जा रही है।
