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फर्जी आधार कार्ड से बनता था नया शख्स, शादी का झांसा देकर युवतियों को फंसाने वाला ठग गिरफ्तार

फर्जी पहचान से युवतियों को फंसाने वाला शातिर ठग गिरफ्तार

जबलपुर पुलिस ने बेंगलुरु से दबोचा, शादी का झांसा देकर करता था ब्लैकमेलिंग

जबलपुर: सोशल मीडिया और मैट्रिमोनियल वेबसाइटों पर फर्जी पहचान बनाकर युवतियों को प्रेम जाल में फंसाने वाले एक शातिर ठग को जबलपुर पुलिस ने बेंगलुरु से गिरफ्तार किया है। आरोपी युवतियों को शादी का झांसा देकर उनका शोषण करता था और बाद में आपत्तिजनक वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करता था।

 गिरगिट की तरह बदलता था नाम और पहचान

बिहार निवासी आरोपी का वास्तविक नाम ओम प्रकाश बताया जा रहा है। पुलिस जांच में उसके पास से विभिन्न नामों से बने फर्जी आधार कार्ड, पैन कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस बरामद हुए हैं। आरोपी खुद को कभी बड़ा कारोबारी तो कभी सरकारी अधिकारी बताकर युवतियों का विश्वास जीतता था।

पुलिस जांच में बरामद:
  • कई फर्जी आधार कार्ड
  • अलग-अलग नामों के पैन कार्ड
  • फर्जी ड्राइविंग लाइसेंस
  • संदिग्ध मोबाइल नंबर और दस्तावेज

 शादी डॉट कॉम पर बना 'आदित्य सिंह'

मार्च 2026 में जबलपुर की एक युवती ने आरोपी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। आरोपी ने शादी डॉट कॉम पर खुद को 'आदित्य सिंह' नाम का सफल बिजनेसमैन बताकर युवती से संपर्क किया। धीरे-धीरे उसने युवती का विश्वास जीता और शादी का वादा किया।

इसके बाद आरोपी युवती को जबलपुर के विभिन्न होटलों में ले गया और शादी का झांसा देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसी दौरान उसने गुप्त रूप से युवती की आपत्तिजनक तस्वीरें और वीडियो भी बना लिए।

 वीडियो बनाकर शुरू की ब्लैकमेलिंग

आरोपी ने बाद में व्हाट्सएप कॉल के जरिए युवती को धमकाना शुरू किया और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर लाखों रुपये की मांग की। सामाजिक बदनामी के डर से पीड़िता लंबे समय तक चुप रही, लेकिन जब ब्लैकमेलिंग बढ़ती गई तो उसने परिवार को पूरी बात बताई।

पीड़िता का आरोप:
शादी का झांसा देकर संबंध बनाए गए और बाद में निजी तस्वीरों व वीडियो के आधार पर आर्थिक और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया गया।

 पहले भी सामने आ चुका है नाम

जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी पहले से शादीशुदा है। वर्ष 2022 में गोराबाजार थाना क्षेत्र में दर्ज एक समान मामले में उसकी पत्नी रेणू भी सह-आरोपी रह चुकी है।

रेलवे पुलिस (GRP) ने पहले आरोपी को कटनी स्टेशन पर पकड़ा था, लेकिन उस समय केवल फोटो और ब्लैकमेलिंग की शिकायत सामने आने के कारण उसे नोटिस देकर छोड़ दिया गया था।

 साइबर सेल ने ऐसे बिछाया जाल

मई 2026 में पीड़िता द्वारा दोबारा महिला थाने में विस्तृत शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 69 और 319 के तहत मामला दर्ज किया। जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल नंबर और आधार कार्ड भी फर्जी पाए गए।

साइबर सेल की तकनीकी मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की गई और बेंगलुरु में छिपे इस शातिर अपराधी को गिरफ्तार कर ट्रांजिट रिमांड पर जबलपुर लाया गया।

पुलिस अब आरोपी के अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।

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