🕯️ जैन समाज का मौन जुलूस
रीवा हादसे के विरोध में जबलपुर में संत सुरक्षा कानून की मांग
📍 जबलपुर। रीवा में जैन साध्वियों को कार से कुचलने की दर्दनाक घटना के विरोध में सोमवार को संस्कारधानी जबलपुर में जैन समाज ने मौन जुलूस निकालकर संतों की सुरक्षा को लेकर बड़ा संदेश दिया।
🕯️ राष्ट्रीय संत सुरक्षा अभियान के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं, पुरुष और बच्चे कमानिया गेट से घंटाघर तक मौन जुलूस में शामिल हुए। इसके बाद प्रधानमंत्री के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा गया।
⚠️ रीवा हादसे में दो साध्वियों का देवलोकगमन
समाजजनों ने बताया कि 20 मई को रीवा में पैदल विहार कर रही तीन जैन साध्वियों को एक अनियंत्रित कार ने टक्कर मार दी थी। इस हादसे में आर्यिका श्रुतमति माताजी और सुमति माताजी का देवलोकगमन हो गया, जबकि एक अन्य साध्वी गंभीर रूप से घायल हैं।
😔 जैन समाज का कहना है कि यह केवल एक सड़क हादसा नहीं बल्कि मानवता को झकझोर देने वाली घटना है।
⚖️ प्रदर्शनकारियों ने आरोपी कार चालक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि साधु-संत अहिंसा, संयम और शांति का संदेश देने वाले तपस्वी होते हैं, लेकिन उनके साथ लगातार हो रही दुर्घटनाएं और हमले बेहद चिंताजनक हैं।
📜 संत सुरक्षा कानून लागू करने की मांग
समाज ने सरकार से मांग की कि साधु-संतों के विहार के दौरान विशेष सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित की जाए और संत सुरक्षा कानून जल्द लागू किया जाए।
👩 श्वेता जैन ने कहा कि रीवा की घटना बेहद दुखद और पीड़ादायक है तथा दोषियों को कड़ी सजा मिलनी चाहिए।
🗣️ वहीं अलका जैन ने कहा कि जैन समाज लंबे समय से विभिन्न प्रकार की उपेक्षा और दुर्व्यवहार का सामना कर रहा है, इसलिए अब संतों की सुरक्षा के लिए विशेष कानून बनाए जाने की आवश्यकता है।
🔍 11 जैन प्रतिमाओं की बरामदगी की भी मांग
ज्ञापन में समाजजनों ने ग्राम देवरान से चोरी हुई 11 जैन प्रतिमाओं की जल्द बरामदगी और मामले के खुलासे की भी मांग की।
🚔 गौरतलब है कि हादसे के बाद फरार हुए कार चालक रशीद आबाद अली शाह को जबलपुर जिले के बरगी क्षेत्र स्थित बहोरीपार टोल नाके के पास से गिरफ्तार किया गया था। बाद में उसे रीवा पुलिस के हवाले कर दिया गया।
📌 आरोपी महाराष्ट्र के नागपुर का निवासी बताया गया है।
