जबलपुर के होटल पंचवटी गौरव में परोसा गया बदबूदार खाना, खाद्य विभाग की बड़ी कार्रवाई
भोजन से आ रही थी तेज दुर्गंध
खाद्य सुरक्षा अधिकारी देवेंद्र कुमार दुबे को दोपहर करीब 4:30 बजे बरसैयां परिवार की ओर से शिकायत प्राप्त हुई। शिकायत मिलते ही विभागीय टीम तत्काल होटल पंचवटी गौरव पहुंची और मौके पर जांच शुरू की।
बरसैयां परिवार ने अधिकारियों को बताया कि होटल में उन्हें परोसी गई पूरनपोली, आमरस और ढोकला से बेहद तेज बदबू आ रही थी। परिवार का कहना था कि भोजन खाने योग्य बिल्कुल नहीं था और इससे स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ सकता था।
खाद्य सुरक्षा विभाग ने सील किए सैंपल
शिकायत की गंभीरता को देखते हुए खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने होटल परिसर का निरीक्षण किया और संबंधित खाद्य पदार्थों के बचे हुए हिस्सों को जब्त कर जांच के लिए सील कर दिया।
विभागीय टीम ने बरसैयां परिवार, उनके साथियों और होटल प्रबंधन की मौजूदगी में खाद्य नमूनों का वजन कराया और पूरी विधिक प्रक्रिया का पालन करते हुए पंचनामा तैयार किया।
कार्रवाई के दौरान होटल मैनेजर और शिकायतकर्ता पक्ष के हस्ताक्षर भी कराए गए, ताकि जांच प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी बनी रहे।
76 वर्षीय डॉक्टर बने कार्रवाई के गवाह
इस कार्रवाई के दौरान शांतिनगर निवासी 76 वर्षीय डॉ. गोविन्ददास बरसैयां गवाह के रूप में मौजूद रहे। उनके सामने ही दूषित भोजन के सैंपल लिए गए और जब्ती की पूरी कार्रवाई की गई।
खाद्य सुरक्षा विभाग अब सैंपलों की लैब जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहा है। रिपोर्ट में गड़बड़ी पाए जाने पर होटल प्रबंधन के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत सख्त कार्रवाई की जा सकती है।
होटल प्रबंधन पर लटक सकती है कार्रवाई की तलवार
बरसैयां परिवार की सजगता के बाद अब होटल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। शहर के प्रतिष्ठित होटल में कथित तौर पर दूषित भोजन परोसे जाने की घटना ने खाद्य सुरक्षा मानकों की पोल खोल दी है।
खाद्य विभाग ने साफ किया है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमों के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
