जंगल, खून और गिरफ्तारी: 8 दिन तक फरार रहा इनामी आरोपी आखिर पुलिस के शिकंजे में

20 हजार के इनामी आरोपी लोकेश कीर गिरफ्तार, 8दिन जंगल में छिपा रहा 

नर्मदापुरम। नर्मदापुरम के नहारकोला में हुए दोहरे हत्याकांड और पुलिस आरक्षक पर जानलेवा हमले के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 20 हजार रुपये के इनामी आरोपी लोकेश कीर को शनिवार रात गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी पिछले 8 दिनों से नर्मदापुरम-हरदा सीमा के घने जंगलों में छिपा हुआ था।



50 जवानों ने जंगल में डाला डेरा, पैदल सर्चिंग

आरोपी की तलाश के लिए एसपी साईंकृष्णा थोटा के निर्देश पर विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया था। एसडीओपी महेंद्र चौहान और वीरेंद्र मिश्रा के नेतृत्व में करीब 50 पुलिसकर्मियों की टीम ने लगातार 8 दिनों तक जंगल में डेरा डालकर पैदल सर्चिंग अभियान चलाया।

शुक्रवार सुबह गंजाल नदी के पास कोलगांव के जंगल में पुलिस ने आरोपी को घेर लिया।

भागने की कोशिश में कूदा, पैर हुआ फ्रैक्चर

पुलिस को देखते ही आरोपी लोकेश भागने लगा। बचने के प्रयास में उसने छलांग लगा दी, जिससे उसका एक पैर फ्रैक्चर हो गया। घायल होने के कारण वह ज्यादा दूर नहीं भाग सका और पुलिस ने उसे मौके पर ही पकड़ लिया।

शादी के मंडप में हुआ था खूनी खेल

19 अप्रैल की रात नहारकोला में एक शादी समारोह के दौरान खाना खाने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। देखते ही देखते यह विवाद हिंसा में बदल गया।

आरोपी लोकेश कीर और उसके पिता अमर सिंह कीर ने तलवार, चाकू और डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में दौलतराम कीर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि जयनारायण कीर ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। घटना में 5 अन्य लोग भी घायल हुए थे।

पुलिस टीम पर भी किया था हमला

आरोपी को पकड़ने पहुंची पुलिस टीम पर भी उसने हमला किया था। आरक्षक ओमप्रकाश जाट पर चाकू से वार कर वह मौके से फरार हो गया था।

इस मामले में पुलिस ने लोकेश और उसके पिता के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए थे। आरोपी का पिता अमर सिंह पहले ही गिरफ्तार होकर जेल भेजा जा चुका है।

घायल आरक्षक का भोपाल में इलाज जारी

हमले में घायल आरक्षक ओमप्रकाश जाट का भोपाल में इलाज जारी है। पुलिस के अनुसार उनकी हालत में अब सुधार हो रहा है।

गांव में स्थिति अब सामान्य है और पुलिस लगातार पेट्रोलिंग कर रही है।

टीम को मिलेगा 20 हजार का इनाम

एएसपी अभिषेक राजन के मुताबिक, आरोपी की गिरफ्तारी में शामिल पुलिस टीम को 20 हजार रुपये का इनाम दिया जाएगा। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी संजीव पवार, विवेक यादव सहित कई पुलिसकर्मियों की अहम भूमिका रही।


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