मदार टेकरी कब्रिस्तान में अवैध रेत-गिट्टी का अंबार: हुरमत पर सवाल, जिम्मेदार कौन?

⚠️ मदार टेकरी कब्रिस्तान में अवैध रेत-गिट्टी का अंबार: हुरमत पर सवाल, जिम्मेदार कौन?

🕊️ “बुजुर्गों की आखिरी आरामगाह को बचाना हम सबका फर्ज”



जबलपुर: मंडी स्थित मदार टेकरी कब्रिस्तान नंबर-1, जो वर्षों से लोगों के बुजुर्गों की आखिरी आरामगाह रहा है, आज खुद अपनी हिफाजत की गुहार लगाता नजर आ रहा है।

🚨 कब्रिस्तान परिसर में अवैध रूप से रेत, गिट्टी, मिट्टी और कचरे का अंबार लगाया जा रहा है

इससे इस मुकद्दस जगह की हुरमत और पाकीजगी लगातार प्रभावित हो रही है।


⚰️ जनाजे के वक्त बढ़ रही परेशानी

हालात इतने खराब हो चुके हैं कि मय्यत को सुपुर्द-ए-खाक करने के दौरान गेट से अंदर तक पहुंचना मुश्किल हो गया है।

❗ जगह-जगह पड़ी रेत और गिट्टी रास्ता रोक रही है, जिससे जनाजे की प्रक्रिया भी प्रभावित हो रही है

यह स्थिति न सिर्फ अव्यवस्था को दर्शाती है, बल्कि इंसानी संवेदनाओं पर भी सवाल खड़े करती है।


❓ अवैध भंडारण पर उठ रहे सवाल

कब्रिस्तान जैसे संवेदनशील स्थान पर इस तरह का अवैध भंडारण आखिर किसकी नजरों से बचकर हो रहा है?

🔍 निगरानी की कमी और जिम्मेदारी से दूरी इस समस्या को और गंभीर बना रही है

📢 कमेटी की सख्त अपील

  • कब्रिस्तान में कोई भी रेत, गिट्टी या कचरा न डाले
  • ऐसा करते हुए कोई दिखे तो उसे रोका जाए
  • हर व्यक्ति इस नेक कार्य में सहयोग करे
🤝 “यह सिर्फ कमेटी नहीं, पूरे समाज की जिम्मेदारी है”

🏛️ प्रशासन और शासन से मांग

👉 प्रशासन से: अवैध डंपिंग पर तुरंत रोक और दोषियों पर कार्रवाई

👉 नगर निगम/शासन से: सुरक्षा, साफ-सफाई और अतिक्रमण रोकने के लिए अभियान

⚠️ नियमित निरीक्षण और सख्त निगरानी बेहद जरूरी

🕊️ यह सिर्फ सफाई नहीं, एहतराम का सवाल

यह मामला सिर्फ सफाई का नहीं, बल्कि हमारे बुजुर्गों के प्रति सम्मान और सोच का है।

💔 जहां हमारे अपनों की कब्रें हैं, वहां लापरवाही हमारी संवेदनहीनता को दिखाती है

📢 कब्रिस्तान सिर्फ जमीन नहीं — यह हमारी यादों, रिश्तों और तहजीब की पहचान है।

⚠️ अगर आज इसकी हिफाजत नहीं की गई, तो आने वाली नस्लें हमसे जवाब मांगेंगी।

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