जबलपुर: विकास के दावों और राजनीतिक तकरार के बीच पेश हुआ नगर निगम का बजट




महापौर ने किया ‘बैगर्स फ्री’ शहर का ऐलान, चार नए फायर स्टेशन का भी वादा


जबलपुर नगर निगम के पंडित भवानी प्रसाद मिश्रा सभाकक्ष में आयोजित बजट बैठक विकास की योजनाओं और तीखी राजनीतिक नोकझोंक का साक्षी बनी। महापौर जगत बहादुर सिंह ‘अन्नू’ ने जहां शहर के लिए महत्वाकांक्षी योजनाओं की रूपरेखा पेश की, वहीं कांग्रेस और भाजपा पार्षदों के बीच तीखी तकरार ने सदन का माहौल गर्म रखा।

बैठक की शुरुआत में महापौर ने घोषणा की कि शहर की अग्नि सुरक्षा को मजबूत करने के लिए चार नए फायर स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। उन्होंने कहा, “जबलपुर तेजी से विस्तार कर रहा है। हमारा लक्ष्य है कि अग्निकांड की स्थिति में फायर ब्रिगेड की टीम पांच मिनट के भीतर घटनास्थल पर पहुंचे। इसके लिए बजट में विशेष प्रावधान किए गए हैं।”

महापौर ने इंदौर के मॉडल का हवाला देते हुए जबलपुर को ‘बैगर्स फ्री सिटी’ बनाने का ऐलान किया। उन्होंने बताया कि भिक्षावृत्ति में लिप्त बच्चों को शिक्षा से जोड़ा जाएगा, जबकि पढ़े-लिखे व्यक्तियों को रोजगार के अवसर प्रदान किए जाएंगे। “यह सामाजिक सुधार की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम होगा,” उन्होंने जोर देकर कहा।

महापौर ने दावा किया कि नगर निगम के पास विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है। उनकी प्राथमिकताओं में अधोसंरचना का सुदृढ़ीकरण, स्वच्छता व्यवस्था में सुधार और स्मार्ट सिटी मापदंडों को पूरा करना शामिल है। उन्होंने कहा, “हमारा विजन स्पष्ट है जबलपुर को आधुनिक, स्वच्छ और सुरक्षित शहर बनाना।”

हालांकि, बैठक में विपक्ष ने महापौर के दावों पर सवाल उठाए। कांग्रेस पार्षद संतोष दुबे ने महापौर पर “खोखले वादे” करने का आरोप लगाया और कई विकास योजनाओं की प्रगति पर तंज कसा। उन्होंने चुनौती दी, “यदि मेरे आरोप गलत साबित हुए, तो मैं उसी दिन राजनीति छोड़ दूंगा।” जवाब में महापौर ने तथ्यों के साथ पलटवार किया और विपक्ष को रचनात्मक चर्चा की सलाह दी।

बैठक में भले ही विकास के मुद्दों पर सहमति न बन सकी, लेकिन महापौर की योजनाओं ने शहरवासियों में नई उम्मीद जगाई है। इन योजनाओं का अमल कितना प्रभावी होगा, यह तो वक्त ही बताएगा।

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